बाल दिवस अवसर पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन
| Rainbow News Network - Nov 14 2019 5:13PM

अम्बेडकरनगर। उ.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ द्वारा प्रेषित प्लॉन आफ एक्शन 2019-20 के अनुपालन में जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर अमरजीत त्रिपाठी के निर्देशानुसार एवं अशोक कुमार, सचिव, सिविल जज, (सी0डि0), जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर, के निर्देशानुसार दिनांक 14.11.2019 को 01ः30 बजे से राजकीय इण्टर कालेज, अकबरपुर, अम्बेडकरनगर में बाल दिवस के अवसर पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। 

बच्चों के अधिकार विषय पर बोलते हुय विराटमणि त्रिपाठी, न्यायिक मजिस्टेªट, जनपद न्यायालय, अम्बेडकरनगर ने बताया कि पण्डित जवाहरलाल नेहरू का जन्म 14 नवम्बर 1989 को इलाहाबाद में हुआ था। उनके जन्मदिन को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है। नेहरू जी को बच्चों से बहुत लगाव था वे बच्चों को देश का भावी निर्माता मानते थे, बच्चों के प्रति उनके इस स्नेह भाव के कारण बच्चे भी उनसे विशेष स्नेह रखते थे और उन्हें चाचा नेहरू कहकर पुकारते थे। इसे नेहरू जयन्ती कहें या बाल दिवस यह दिन पूर्णतः बच्चों के लिये समर्पित है। इस दिन विशेष रूप से बच्चों के लिये कार्यक्रम एवं खेल-कूद से जुड़े आयोजन होते हैं।

बच्चे देश का भविष्य हैं वे ऐसे बीज के समान है जिन्हें दिया गया पोषण उनके विकास और गुणवत्ता निर्धारित करेगा यही कारण है कि इस दिन बच्चों से जुड़े विभिन्न मुद्दों जैसे शिक्षा संस्कार, उनकी सेहत, मानसिक और शारीरिक विकास हेतु जरूरी विषयों पर विचार-विमर्श किया जाता है। बच्चे नाजुक मन के होते हैं और हर छोटी चीज या बात उनके मन पर असर डालती है उनका आज देश के आने वाले कल के लिये बेहद महत्वपूर्ण है इसलिये उनके क्रियाकलापों, उन्हें दिये जाने वाले ज्ञान और संस्कारों पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाना चाहिये। इसके साथ ही साथ बच्चों को मानसिक ओर शरीरिक सेहत का ख्याल रखना भी बेहद जरूरी है।

बच्चों को सही शिक्षा पोषण संस्कार मिले यह देशहित के लिये बेहद अहम है क्योंकि आज के बच्चे ही कल का भविष्य हैं। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये अजय कुमार मिश्र, सिविल जज (जू0डि0) त्वरित, जनपद न्यायालय अम्बेडकरनगर, ने बताया कि बच्चों के लिये सरकार द्वारा बहुत सारी योजनाएं चलायी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि 06 साल से 14 साल के उम्र के बच्चों के लिये शिक्षा का अधिकार है। प्रत्येक बच्चे को शिक्षा पाने का अधिकार है। शिक्षा ही एक ऐसा माध्यम है जिसके द्वारा हमारी जिन्दगी में बदलाव सम्भव है और शिक्षा के माध्यम से ही हर मन्जिल प्राप्त की जा सकती है।

बच्चों को किसी विषम परिस्थिति से बचाने के लिये शासन द्वारा चलायी जा रहे नम्बर 1098 ओर लड़कियों के लिये 181 के बारें में विस्तार से बताया। उन्होंने लोगों को सम्बोधित करते हुये बताया कि बच्चों से श्रम ने कराकर उन्हें स्कूल भेजना चाहिये। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये राजकीय इण्टर कालेज अकबरपुर अम्बेडकरनगर के प्रधानाचार्य सुरेशलाल श्रीवास्तव, ने बताया कि बच्चे बाल दिवस की तैयारियों में कई दिनों पहले से ही जुट जाते हैं वे नाटक खेलने तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारियां करते हैं। स्कूल में इसके लिये बच्चों से अभ्यास कराया जाता है। बाल मेले का आयोजन भी किया जाता है। वे अति उत्साह से इस कार्यक्रमों में भाग लेते हैं व स्कूलों को सजाते हैं क्योंकि स्कूल विद्या का मन्दिर माना गया है। 

कार्यक्रम का संचालन करते हुये वरिष्ठ अधिवक्ता रामचन्द्र वर्मा ने बताया कि बाल दिवस के अवसर पर बच्चों को अच्छी शिक्षा तथा उचित बातें बतायी जाती हैं जिससे वे न सिर्फ बेहतर नागरिक बनें साथ ही समाज के विकास में अपना योगदान दें। इस शिविर में राजीव सिंह, अध्यक्ष, चाइल्ड बेलफेयर कमेटी, रामआशीष यादव, रामतीरथ वर्मा, प्रदीप, ओमप्रकाश यादव, मो0 फिरोज, विकास सिंह भारती व छात्र/छात्राएं, विद्यालय के कर्मचारीगण एवं मीडियाकर्मी आदि उपस्थित थे। 



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