अम्बेडकरनगर: ठण्ड बढ़ी, छोटे बच्चों के स्कूल समय में परिवर्तन की मांग
| Rainbow News Network - Dec 2 2019 4:51PM

दिसम्बर माह के शुरू होते ही मौसम में नित्य-नित्य परिवर्तन होने से ठण्ड का प्रकोप बढ़ने लगा है। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और पछुंआ हवाओं के चलने से यहाँ शीतलहर का प्रकाप होने लगा है। ठण्ड के महीने में होने वाली इस परिवर्तन से हर कोई हलकान है।

मौसम में परिवर्तन का यह आलम है कि गलन पूरे दिन-रात, सुबह हल्की सी धूप और दोपहर के बाद आसमान में बादल और कुहासा जो जनस्वास्थ्य के लिए सर्वथा नुकसान दायक है। ऐसे में अब सबकी दिनचर्या अस्त-व्यस्त होने लगी है।  

बता दें कि उत्तर भारत, हिमांचल और लद्दाख में तापमान शून्य के नीचे पहुँच गया है, जिससे पूरा उत्तर भारत ठण्ड की चपेट में आ गया है। ऐसे मौसम में हर आयु वर्ग के लोग शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने के लिए ठण्ड से बचने का प्रयास कर रहे हैं।

नन्हें-मुन्ने और बुजुर्गों के लिए यह मौसम काफी खतरनाक साबित होने लगा है। सबसे ज्यादा परेशानी नन्हें-मुन्नों को स्कूल भेजने वहाँ पढ़ने और उनकी वापसी तक रखी जाने वाली निगरानी को लेकर हर माता-पिता और संरक्षक को हो रही है। 

अम्बेडकरनगर जिले में अभी भी नन्हे-मुन्नों के स्कूल समय में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। अलख सुबह ये बच्चे ठण्ड से बचते हुए किसी तरह अपने विद्यालयों में पहुँच रहे हैं। चूँकि प्रातः 8.30 बजे से अपरान्ह 1.30 बजे तक विद्यालयों में शिक्षण कार्य होता है इसलिए बच्चों को उनके संरक्षक येन-केन-प्रकारेण ठण्ड से बचते-बचाते विद्यालयों तक पहुँचा रहे हैं। 

ठण्ड के प्रकोप से नन्हें-मुन्नों के स्वास्थ्य पर कुप्रभाव न पड़े इसको लेकर माता-पिता और संरक्षक काफी चिन्तित रहते हैं। इन सबकी मांग है कि जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारी इस समस्या की तरफ अपना ध्यान देते हुए नन्हे-मुन्नों के समस्त सरकारी व गैर सरकारी विद्यालयों में होने वाले शिक्षण कार्य समय में परिवर्तन करने के लिए आवश्यक निर्देश दें। 



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