जम्मू-कश्मीर पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
| Agency - Jan 10 2020 2:44PM

पाबंदी के फैसले सार्वजनिक करे सरकार, पूरी तरह इंटरनेट बंद करना सख्त कदम : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू और कश्मीर में इंटरनेट और अन्य पाबंदियों पर आज अपना फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में साफ कहा कि सरकार इंटरनेट को ऐसे अनिश्चितकाल के लिए बंद नहीं कर सकती। कश्मीर में जारी पाबंदियों के खिलाफ दायार जनहित याचिकाएं पर जस्टिस एनवी रमणा की अध्यक्षता वाली बेंच में जस्टिस आर सुभाष रेड्डी और जस्टिस बीआर गवई ने यह महत्वपूर्ण फैसला दिया।

सुप्रीम कोर्ट इंटरनेट पर पाबंदी और लंबे समय तक धारा 144 लागू करने को लेकर तल्ख टिप्पणी की। सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू कश्मीर में इंटरनेट बैन और अन्य तरह की पाबंदियों के मामले में सुनवाई के दौरान कहा कि बिना वजह के पूरी तरह इंटरनेट पर रोक नहीं लगाया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि  'लंबे वक्त तक इंटरनेट पर पाबंदी नहीं लगाया जा सकता. पाबंदियों की कोई पुख्ता वजह का होना जरूरी है। इंटरनेट लोगों की अभिव्यक्ति का अधिकार है।

यह आर्टिकल 19 के तहत आता है।' इसके साथ ही धारा 144 पर टिप्पणी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि देश में कहीं भी लगातार धारा 144 को लागू रखना सरकार द्वारा शक्ति का दुरुपयोग है। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पाबंदी से संबंधित सभी फैसलों को सार्वजनिक करने के लिए भी कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 'कश्मीर में हिंसा का लंबा इतिहास रहा है। हमें स्वतंत्रता और सुरक्षा में संतुलन बनाए रखना होगा। नागरिकों के अधिकारों की रक्षा भी जरूरी है। इंटरनेट को जरूरत पड़ने पर ही बंद किया जाना चाहिए।'

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में 5 अगस्त 2019 को आर्टिकल 370 खत्म करने के बाद से इंटरनेट सेवाए बंद हैं। ब्रॉडबैंड के जरिए ही घाटी के लोगों का इलेक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन हो पा रहा है। सरकार ने लैंडलाइन फोन और पोस्टपेड मोबाइल पर लगी पाबंदियों को कुछ दिन के बाद बहाल कर दिया गया था। जम्मू कश्मीर में इंटरनेट पर जारी पाबंदियों को लेकर संसद के दोनों सदनों में भी शीतकालीन सत्र में काफी हंगामा हुआ था। 



Browse By Tags



Other News