काशी विश्वनाथ मंदिर में स्पर्श दर्शन के लिए के पहनने होंगे धोती-कुर्ता और साड़ी
| Agency - Jan 13 2020 2:13PM

लागू होगा ड्रेस कोड

वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में ड्रेस कोड़ लागू करने का फैसला लिया गया है। निर्धारित ड्रेस कोड के मुताबिक मंदिर में काशी विश्वनाथ के स्पर्श दर्शन के लिए अब पुरुषों को धोती -कुर्ता और महिलाओं को साड़ी पहनना होगा। इन्हीं पारंपरिक वस्त्रों के धारण करने के बाद ही काशी विश्वनाथ को स्पर्श किया जा सकेगा।

काशी विश्वनाथ मंदिर में नई ड्रोस कोड व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके बाद मंदिर में पुरुषों को जहां उज्जैन के महाकाल मंदिर की तरह धोती और कुर्ता पहनकर प्रवेश करना होगा वहीं महिलाओं को साड़ी में प्रवेश दिया जाएगा। हालांकि, ऐसा नहीं है कि जींस और टीशर्ट पहने लोग मंदिर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। लेकिन उन्हें भगवान को छूकर दर्शन का लाभ नहीं मिल सकेगा और दूर से ही हाथ जोड़ने पड़ेंगे।

ऐतिहासिक काशी विश्‍वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन की व्‍यवस्‍था तय करने को लेकर सूबे के धर्मार्थ कार्य मंत्री नीलकंठ तिवारी की अध्‍यक्षता में मंदिर प्रशासन और काशी विद्वत परिषद के सदस्‍यों की बैठक कमिश्‍नरी सभागार में हुई। यह नई व्यवस्था मकर संक्रांति के बाद लागू होगी और मंगला आरती से लेकर दोपहर की आरती तक प्रतिदिन या व्यवस्था लागू रहेगी।

विद्वानों की सहमति से तय हुआ कि विग्रह स्‍पर्श के लिए पुरुषों को धोती-कुर्ता और महिलाएं को साड़ी पहननी होगी। पैंट शर्ट, जींस, सूट, कोट पहने श्रद्धालु स्‍पर्श करने की बजाए सिर्फ दर्शन कर सकेंगे। ऐसी व्‍यवस्‍था उज्‍जैन के महाकाल समेत दक्षिण भारत के कई मंदिरों में लागू है। दरअसल, काशी विश्वनाथ मंदिर में भगवान के स्पर्श पूजन का विशेष महत्व है। '

शास्त्रों में इस बात का वर्णन मिलता है कि देश के 12 ज्योतिर्लिंगो में से एक काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा और स्पर्श दर्शन से राजसूय यज्ञ का फल प्राप्त होता है। इस मंदिर में दर्शन करने और पूजा से विशेष लाभ होते हैं और पूरे जीवन सभी शिवलिंगों के दर्शन और पूजा से जो फल मिलना मुश्किल है वो यहां एक ही बार पूजा करने से मिल जाता है।



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