जब कोई रूठ जाता है
| -RN. Feature Desk - Jan 17 2020 5:18PM

कभी पीड़ा भी होती है
कभी मन टूट जाता है
बहुत बेबस सा होता हूँ
जब कोई रूठ जाता है..।।

कभी आँखें भी रोने को
नहीं तैयार होती हैं
जब कोई आसरा देकर
हमें फिर छोड़ जाता है..।।

बुनूं अब ख्वाब फिर कैसे
नहीं तैयार होता मन
संजोउँ याद अब कैसे
जब कोई याद आता है..।।

प्रेम का रूप अब बदला
कौन अपना पराया है
नहीं रुकते हैं तब आंसू
जब कोई अपना रुलाता है..।।

चाँदनी रात में अब तो
चमक तारों की फीकी है
नहीं भाए कोई मौसम
जब कोई टूट जाता है..।।

कभी पीड़ा भी होती है
कभी मन टूट जाता है
बहुत बेबस सा होता हूँ
जब कोई रूठ जाता है..।।
जब कोई रूठ जाता है..।।



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