बालिकाओं के जन्म एवं शिक्षा के अधिकार विषय पर विधिक साक्षरता शिविर आयोजित
| - Rainbow News Network - Jan 21 2020 5:38PM

अम्बेडकरनगर। उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ द्वारा प्रेषित प्लॉन आफ एक्शन 2019-20 के अनुपालन में जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर अमरजीत त्रिपाठी के आदेशानुसार एवं सिविल जज (सी0डि0)/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर अशोक कुमार के निर्देशानुसार 21 जनववरी 2020 को 4.00 बजे से ड्वाकरा हाल, विकासखण्ड-अकबरपुर, अम्बेडकरनगर में बालिकाओं के जन्म एवं शिक्षा के अधिकार विषय पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर को सम्बोधित करते हुये सुश्री अम्बुज मिश्रा, सिविल जज (जू0डि0) तृतीय, जनपद न्यायालय, अम्बेडकर नगर ने बताया कि औरतें समाज का महत्वपूर्ण भाग होती हैं और पृथ्वी पर जीवन के हर पहलू में बराबर भाग लेती हैं भारत में महिलाओं की स्थिति को चिंताजनक बना दिया है इसलिये भारत में महिलाओं के गिरते लिंग अनुपात को बनाये रखने के लिये कन्याओं को बचाना अति आवश्यक हो गया है कुछ वर्ष पूर्व पुरूषों के मुकाबले महिलाओं की संख्या में भारी गिरावट थी इसका प्रमुख कारण कन्या भू्रण हत्या, अशिक्षा, लिंग भेद, कुपोषण आदि है हमें समाज में लिंग अनुपात को बेहतर करने के लिये व्यापक स्तर पर कन्याओं को बचाने की मुहिम चलाने व इसके लिये लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है,

सरकार द्वारा कन्याओं की सुरक्षा के लिये कई सकारात्मक कदम उठायेे गये हैं जैसे महिलाओं की घरेलू हिंसा से सुरक्षा अधिनियम 2005, कन्या भ्रूण हत्या पर प्रतिबन्ध, अनैतिक तस्करी (रोकथाम) अधिनियम, उचित शिक्षा, लिंग समानता आदि उन्होने बताया कि जब देश में कन्याओं की स्थिति अच्छी नहीं ऐसे में शिक्षा ही बालिका के लिये वह अस्त्र बन सकता है जो न केवल उसे उसके नैतिक, समाजिक और शैक्षणिक अधिकार दिलायेगी बल्कि उसे जीवन में आने वाली कठिनाईयों के सामने एक सशक्त महिला के रूप में खड़ा करेगा। अतः हम बालिकाओं के बेहतर विकास के लिये अच्छी शिक्षा के महत्व् को नकार नहीं सकते। शिविर के दौरान न्यायिक अधिकारी महोदय द्वारा उपस्थित लोगों को संविधान के प्रति निष्ठा दर्शाते हुये संविधान में निहित कर्त्तव्यों हेतु शपथ ग्रहण कराया गया।  

शिविर में बोलते हुये श्री राजीव सिंह, अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति, अम्बेडकरनगर ने कहा कि हमें लड़का-लड़की में भेदभाव नहीं करने की प्रतिज्ञा लेनी चाहिये सभी को मिलकर इस कुरीति को मिटाना है। बाल विवाह, भ्रूण हत्या, शिशु मृत्यु दर रोके जाने, नियमित टीकाकरण दहेज प्रथा एवं अन्य समाजिक ज्वलंत विषयों में सुधार लाना चाहिये। बालिकाओं की सेहत, पोषण व पढाई आदि विषयों पर विशेष ध्यान दिये जाने की जरूरत है ताकि बड़ी होकर वे शारीरिक, आर्थिक, मानसिक व भावनात्मक रूप से आत्मनिर्भर व सक्षम बन सकें। उन्हे घरेलू हिंसा, बाल विवाह, व दहेज जैसी कुरीतियों के प्रति भी जागरूक रहना चाहिये एवं कन्याओं हेतु शिक्षा एवं सुरक्षित माहौल देना चाहिये जिससे बेटियां खूब पढें स्वस्थ जीवन जियें।

कार्यक्रम का संचालन करते हुये वरिष्ठ अधिवक्ता श्री रामचन्द्र वर्मा, ने कहा कि किशोरियों व बालिकाओं के कल्याण के लिये सरकार ने समग्र बाल विकास सेवा, धनलक्ष्मी, जैसी योजनायें चलाई जा रही हैं हाल ही में लागू हुई सबला योजना किशोरियों के सशक्तिकरण के लिये समर्पित है इन सभी योजनाओं का उद्देश्य लड़कियों खासकर किशोरियों को सशक्त बनाना है ताकि वे आगे चलकर एक बेहतर समाज के निर्माण में योगदान दे सकें।

इस शिविर में सम्मानित न्यायिक अधिकारीगण, सुश्री कामाक्षी सागर, अपर सिविल जज (जू0डि0), श्री अमरनाथ, अपर सिविल जज (जू0डि0), जनपद न्यायालय अम्बेडकरनगर तथा अजय कुमार, राजेन्द्र कुमार, सुग्रीव वर्मा, अतुल कुमार वर्मा, राम अनुज वर्मा, बबिता वर्मा, अंशिका श्रीवास्तव, प्रियंका श्रीवास्तव, रत्नेश कुमार यादव, दीपचरण शुक्ला, खुशनुमा, महेश माथुर, शिव कुमार वर्मा, इन्द्रजीत, रामसूरत, प्रदीप एवं रिम्पु कुमार व विकासखण्ड के कर्मचारीगण एवं मीडियाकर्मी आदि उपस्थित थे।



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