सप्लाई अफसरों के चहेते दबंग कोटेदार को बर्खास्त करने की मांग 
| - Rainbow News Network - Jan 31 2020 1:52PM

कोटेदार की बर्खास्तगी की मांग को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पर दिया धरना 

पूर्ति विभाग के जिम्मेदारों ने आँख बन्द कर कान में डाली रूई

अम्बेडकरनगर। जिले में गरीब पात्रों के मुँह के निवाले छीनकर काले बाजार में बेंचने व धन कमाने वाले तत्वों की करतूतों ने गरीबों को झकझोर कर रख दिया है। नतीजा यह हो रहा है कि मरता क्या न करता की तर्ज पर पात्रों द्वारा धरना-प्रदर्शन जैसा सत्याग्रह अपनाया जाने लगा है। यह स्थिति तब उत्पन्न होती है जब आम आदमी की सुनवाई सम्बन्धितों द्वारा नहीं की जाती है, या फिर समस्या निराकरण में विलम्ब होता है। 

जिले में खाद्य और रसद पूर्ति महकमे में भी कुछ ऐसा ही हो रहा है। विभाग से सम्बन्धित एक मामला बीते वर्ष से चर्चा का विषय बना हुआ है। मामला है आलापुर तहसील व रामनगर ब्लाक के गाँव पहाड़पुर कौड़ाही का। यहाँ के कोटेदार के खिलाफ ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय पहुँचकर कलेक्ट्रेट के निकट प्रदर्शन किया और धरना देकर उचित दर विक्रेता को बर्खास्त करने की मांग किया। मुख्यालय पर ग्रामीणों द्वारा दिए गये धरने में शामिल सुभाष निषाद, सुरेन्द्र कुमार, राम स्वरूप, सुनील निषाद, इन्द्रजीत, रामतीरथ, बहाऊ, धरमूराम, श्याम बिहारी, छोटेलाल, रामसूरत आदि ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत पहाड़पुर कौड़ाही (रामनगर ब्लाक, तहसील-आलापुर) के कोटेदार द्वारा उचित दर पर व मानक के अनुसार खाद्यान्न का वितरण नहीं किया जाता है। जब कोई राशनकार्ड धारक ग्रामीण इसका विरोध करता है तो उक्त कोटेदार द्वारा उसे धमकी दी जाती है और कहा जाता है कि एस.सी./एस.टी. एक्ट में फंसा का जिन्दगी बर्बाद कर दूँगा।

यहाँ बता दें कि पहाड़पुर कौड़ाही का उचित दर विक्रेता दलित जाति का व्यक्ति है और अपनी करतूतों से क्षेत्र में वर्षों से चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि अन्त्योदय कार्ड धारकों को 35 किलो राशन के स्थान पर यह कोटेदार 25 किलो राशन ही देता है। इसी तरह पात्र गृहस्थी के कार्ड धारकों को भी मानक के अनुसार खाद्यान्न नहीं दिया जाता है। इन्हीं सब अनियमितताओं का पुरजोर विरोध किया गया था और जाँच में दोषी पाये जाने पर उक्त कोटेदार को बीते महीने निलम्बित कर दिया गया था। 

धरना-प्रदर्शनकारियों का यह भी आरोप है कि दलित जाति के कोटेदार पर पूर्ति विभाग के अधिकारियों का वरदहस्त है, यही कारण है कि गरीबों का निवाला स्वहितार्थ इस्तेमाल करने वाला कोटेदार बर्खास्तगी जैसी कार्रवाई से बचा हुआ है। यह तो ग्रामीणों का प्रबल विरोध रहा कि उसे गत माह निलम्बित किया गया था। ग्रामीण चाहते हैं कि उक्त कोटेदार को जाँचोपरान्त बर्खास्त कर दिया जाए और एक ईमानदार छवि के किसी व्यक्ति को न्याय पंचायत पहाड़पुर कौड़ाही का कोटेदार नियुक्त किया जाए। ऐसा करने पर ग्राम पंचायत के राशन कार्ड धारकों/पात्रों की समस्याओं का स्थाई समाधान हो सकता है, परन्तु अधिकारियों की लापरवाही व लचर रवैय्ये के चलते ऐसा हो नहीं पा रहा है। जिससे उक्त कोटेदार मनबढ़ होकर अपना कार्य कर रहा है। 

इस बावत आलापुर स्थित पूर्ति कार्यालय के प्रभारी/ए.आर.ओ. अमरजीत सिंह से दूरभाषीय सम्पर्क कर जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो उनसे सम्पर्क नहीं हो सका।

जिला पूर्ति अधिकारी के सी.यू.जी. मोबाइल नम्बर पर कॉल की गई तो कोई रिस्पान्स नहीं मिला।

उनके स्टेनो मनोज कुमार से जब डी.एस.ओ. की लोकेशन पूछी गई और कहा गया कि उनसे दूरभाषीय सम्पर्क नहीं हो पा रहा है तो उन्होंने कहा कि अभी सर अपने चैम्बर में ही थे, थोड़ी देर पहले ही निकले हैं, ज्यादा जरूरी हो तो साहेब से आकर मिल लेना।

पूर्ति कार्यालय आलापुर के बड़े बाबू ने कॉल करके कहा कि साहब (ए.आर.ओ.) क्षेत्र में विभागीय कार्य के निष्पादन हेतु निकले हैं, नेटवर्क प्रॉब्लम की वजह से बात नहीं हो पा रही होगी। अफसरों को फोन मिलाने के पहले सोच लेना चाहिए कि उनका ओहदा क्या है, कितना महत्वपूर्ण है, कितने बड़े अधिकारी हैं, जब देखो फोन की घण्टी बजाने लगते हो।

फिर जब ए.आर.ओ. से कॉल करके बात करने का प्रयास किया गया तो सम्पर्क सम्भव नहीं हो सका। 



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