उत्तर प्रदेश में राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी लागू
| - RN. Network - Feb 5 2020 5:04PM

राकेश कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी

प्रदेश के किसी कोने में रहकर कार्ड धारक ले सकेंगे सस्ते दर पर राशन: राकेश कुमार

उत्तर प्रदेश शासन द्वारा राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी शुरू किए जाने से कोटेदारों का एकाधिकार समाप्त हो जाएगा। इस व्यवस्था के लागू होने से सीधे तौर पर गरीबों को फायदा होगा। अब तक अक्सर ऐसी बातें सार्वजनिक होती रही हैं कि गाँवों में प्रधान, शहरों में पार्षद, सभासद से कोटेदारों के मजबूत गठजोड़ के चलते गरीबों को सस्ते दर पर राशन मिलने में दिक्कतें पेश आती थीं। जब गरीब आदमी रोजगार की तलाश में अन्य स्थान को पलायन करता था तो उसे अपने कोटे का राशन उसके वर्तमान स्थान पर नहीं मिल पाता था। राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी की वजह से ये सब दिक्कते समाप्त हो जाएँगी, ऐसी प्रबल सम्भावना है। हमने राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी क्या है, इसके लाभ-हानि पर उत्तर प्रदेश सूबे के जनपद अम्बेडकरनगर के जिला पूर्ति अधिकारी राकेश कुमार से बातचीत किया। जिसका मुख्य अंश यहाँ प्रकाशित किया जा रहा है। -रीता, सम्पादक

अम्बेडकरनगर। उत्तर प्रदेश सरकार ने गरीबों को सस्ते दर पर मिलने वाले राशन की उपलब्धता की बंदिशों को समाप्त कर दिया है। अब नये नियम के अनुसार प्रदेश के किसी भी जनपद का राशन कार्ड धारक लाभार्थी अन्य जनपद के राशन की दुकानों से मुँह का निवाला प्राप्त कर सकता है। यानि राशन की दुकान और कोटेदारों की मोनोपॉली समाप्त। अब कलावती पात्र लाभार्थी या फिर रामनाथ (दोनों काल्पनिक) जो अन्य जिले में रहकर मेहनत मजदूरी करके जीविकोपार्जन कर रहे हैं वे आसानी से सस्ते दर पर मिलने वाला राशन वहाँ स्थित सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान (कोटे) से आसानी से ले सकते हैं।

प्रदेश सरकार ने 5 फरवरी 2020 से पूरे राज्य में राशनकार्ड पोर्टेबिलिटी व्यवस्था लागू करके यह सुविधा राशन कार्ड धारक लाभार्थियों को प्रदान किया है। उक्त आशय की जानकारी जिले के डी.एस.ओ. राकेश कुमार ने देते हुए बताया कि अब प्रदेश सरकार राष्ट्रीय स्तर पर राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी की व्यवस्था बना रही है, फिलहाल अभी इसे प्रदेश में लागू कर दिया गया है। राकेश कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने लखनऊ, बाराबंकी, गौतमबुद्धनगर, कानपुर नगर, हापुड़, कानपुर देहात, उन्नाव जिलों में पहले ही पायलट के तहत राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी व्यवस्था लागू की थी, परिणाम यह रहा कि इसके अन्तर्गत लगभग 5 लाख लोगों ने दूसरी दुकानों से राशन खरीदकर व्यवस्था का लाभ लिया था। इन जिलों में परीक्षण सफल रहने के बाद इसे अब पूरे प्रदेश में लागू किया गया है।

इस तरह प्रदेश में राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी व्यवस्था लागू होने के बाद तमाम ऐसे कार्ड धारक भी सरकारी सस्ते दर पर राशन ले सकेंगे जो अपने जिले से बाहर प्रदेश के गैरजनपद में रहकर रोजी-रोटी कमा रहे हैं। राकेश कुमार ने कहा कि अब प्रदेश सरकार अपने अगले कदम के रूप में पूरे देश में यह व्यवस्था लागू करेगी ताकि प्रदेश का कोई भी व्यक्ति देश के किसी भी कोने में रहकर वहाँ की सार्वजनिक दर की दुकान (सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान) से राशन ले सकेगा। डी.एस.ओ. ने जानकारी देते हुए बताया कि ई-पॉस मशीन के माध्यम से सत्यापित होने के बाद ही कार्ड धारकों को राशन दिया जा रहा है।



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