अम्बेडकरनगर: करोड़ों के प्रोजेक्ट फोरलेन व बाईपास ने ए.के. यादव का रूतबा किया बुलन्द
| - RN. Network - Feb 10 2020 3:15PM
  • फोरलेन, बाईपास निर्माण में इं0 यादव की दसों उंगली घी और सिर कड़ाहे में 
  • इं0 यादव सामान्य लोगों से बात करने में समझते हैं अपनी तौहीन

अम्बेडकरनगर जिले का पी.डब्ल्यू.डी. महकमे का प्रान्तीय खण्ड इस समय काफी व्यस्त नजर आ रहा है। सबसे ज्यादा व्यस्तता सहायक अभियन्ता ए.के.यादव के ऊपर ही आ पड़ी है। इस समय जिले में फोरलेन सड़क और अकबरपुर में बाईपास का निर्माण काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। लोक निर्माण विभाग अम्बेडकरनगर के प्रान्तीय खण्ड को इन दोनों प्रोजेक्टों (फोरलेन, बाईपास निर्माण) की जिम्मेदारी है। काफी लम्बे अर्से से ए.के. यादव जैसे अभियन्ता भारी बजट का निर्माण कार्य न होने की वजह से निराश बैठे थे। 

बताया गया है कि इस स्थिति में सहायक अभियन्ता ए.के. यादव जैसा कर्मठ मुलाजिम मानसिक रूप से डिस्टर्ब भी हो गया था। हालांकि साल 2020 के लगने पर जैसे ही करोड़ों रूपयों की लागत से निर्मित होने वाली फोरलेन को शासन की तरफ से निर्माण हेतु मंजूरी मिली वैसे ही अभियन्ता ए.के. यादव की शारीरिक व मानसिक स्थिति में सुधार होना शुरू हो गया। अब परिणाम यह है कि ये ब्राण्डेड मीडिया परसन्स और मुँह लगों से मिलकर करोड़ों रूपयों की लागत से बनने वाली फोरलेन के बारे में आँकड़े व अन्य गोपनीय जानकारियाँ देकर सुर्खियों में रहने लगे। इनके द्वारा दी गई जानकारी के प्रकाशन उपरान्त ऐसा प्रतीत होने लगा कि इं0 ए.के. यादव लोक निर्माण विभाग (प्रान्तीय खण्ड) के सर्वाधिक सक्षम, सबल व प्रभावशाली अभियन्ता हैं। 

बीते दिनों फोरलेन के बावत जब जानकारी चाही गई तो ये मण्डल स्तर के अधिकारियों के साथ मीटिंग में व्यस्त बताये गये। लौटकर जब आये तब इन्होंने मीडिया के उन्हीं साथियों (जिनके साथ इनकी खूब छनती है और प्रगाढ़ता है) को यह खुशखबरी दिया कि जल्द ही अकबरपुर में लगने वाले भयंकर जाम से निजात दिलाने के लिए लगभग 8 किलोमीटर लम्बे एक बाईपास सड़क का निर्माण कराया जाएगा, जिसके लिए विभागीय उच्चाधिकारियों ने आश्वासन दिया है और सर्वे कराने के लिए उन्हें जिम्मेदारी सौंपी है। चर्चा जोरों पर है कि अभियन्ता ए.के. यादव फोरलेन निर्माण में यादव नगर से लेकर बसखारी तक की सड़क पर कथित रूप से पी.डब्ल्यू.डी. की जमीन पर अनधिकृत रूप से काबिज लोगों को बेदखल कर उनके निर्माणों को जमींदोज करने का भी भय दिखा रहे हैं। कई ऐसे लोग जो अतिक्रमण की जद में हैं वे ए.के. यादव के इर्द-गिर्द घूमते नजर आने लगे हैं। 

जब से बाईपास निर्माण कराये जाने का इनके हवाले से मीडिया में छपा समाचार लोगों ने पढ़ा तब से इनका भाव और भी बढ़ गया। अपनी-अपनी जमीनों, भूखण्डों का भारी मुआवजा पाने की ललक लिये लोगों द्वारा यादव जी की जी-हुजूरी शुरू कर दी गई है। इस बावत बताया गया है कि इन्होंने अपने खास लोगों को बिचौलिया बना रखा है, जो इनके और जरूरतमन्दों के बीच ऐसे सेतु का काम करता है जिस पर से चलकर माँ लक्ष्मी पूरे लाव-लश्कर के साथ गुजरती हैं। कुल मिलाकर प्रान्तीय खण्ड के अभियन्ता इं0 ए.के. यादव का इस समय पूरे जिले में जलवा कायम है। 

विभागीय कर्मियों से पता चला कि फोरलेन और बाईपास के समस्त आंकड़े सहायक अभियन्ता ए.के. यादव के पास हैं, तो हमने उनसे बात किया, जिस पर उनकी बेरूखी भरी बातें सुनने को मिलीं। उन्होंने कहा कि हमारे पास कोई आंकड़ा नहीं है। आंकड़े अभी आये ही नहीं हैं तो कहाँ से उपलब्ध कराऊँ। इतना कहने के बाद उन्होंने आगे कुछ भी कहना जरूरी नहीं समझा और फोन काट दिया।

अब प्रश्न यह उठता है कि जब इनके पास फोरलेन व बाई पास से सम्बन्धित विभागीय आदेश व आंकड़े नहीं हैं या नहीं थे तब इन्होंने अपने प्रिय मीडिया मित्रों को जानकारी कैसे दी, और विभाग के वरिष्ठ उच्च अभियन्ताओं को ओवरटेक करते हुए खुद स्टेटमेन्ट देकर खबरों का प्रकाशन कैसे करवाया? सहायक अभियन्ता ए.के. यादव के लहजे से प्रतीत हुआ कि यह एक अत्यन्त प्रभावशाली व्यक्ति हैं। इनका याराना बड़े और ऊँचे लोगों से है। सत्ता के गलियारों में इनकी आमद-रफ्त है। ये अपने आगे विभाग के अन्य अभियन्ताओं को बौना समझते हैं। बड़े/ब्राण्डेड मीडिया हाउसेज़ के लोगों और दिग्गज धनबली, बाहुबली ठेकेदारों के अलावा अन्य किसी से बात करना अपनी तौहीन समझते हैं। कुछ भी हो इं0 ए.के. यादव का यह रवैय्या लोक निर्माण विभाग के प्रान्तीय खण्ड की जड़ में मट्ठा डालने का काम कर रहा है। हम यहाँ एक फोटो प्रकाशित कर रहे हैं, जिसमें वह बाईपास निर्माण के लिए अपनी टीम के साथ सर्वे करने गये हुए हैं। इनका लग्जरी वाहन मुख्य सड़क मार्ग पर इस स्थान से कुछ दूरी पर खड़ा था। 



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