वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार विषयक विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन
| - RN. Network - Feb 14 2020 5:51PM

अम्बेडकरनगर। उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ द्वारा प्रेषित प्लॉन आफ एक्शन 2019-20 के अनुपालन में जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर अमरजीत त्रिपाठी के निर्देशानुसार दिनांक 14.02.2020 को 4.00 बजे से वृद्धाश्रम, अकबरपुर, अम्बेडकरनगर में वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार विषय पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर को सम्बोधित करते हुये अजय कुमार मिश्र, सिविल जज (जू0डि0) त्वरित, जनपद न्यायालय, अम्बेडकर नगर ने बताया कि बुजुर्ग किसी भी परिवार के हो, वो गहरी जड़ होते है, जिस पर पूरा परिवार टिका होता है।

जिस तरह किसी पेड़ को मजबूत होने के लिये उसका जमीन में गहरी जड़ होना जरूरी है, जैसे किसी  घर या बिल्ंिडग को ऊंचाई में पंहुचाने के लिये गहरी नींव जरूरी है, उसी तरह परिवार को फलने-फूलने व एक साथ रहने के लिये बुजुर्ग की जरूरत है। 60 वर्ष से ऊपर प्रत्येक नागरिक को वरिष्ठ नागरिक का दर्जा प्राप्त है तथा वे सरकारी सुविधाओं के हकदार हैं। बुजुर्ग वह है जो परिवार को एक धागे में पिरो के रखता है। बुजुर्ग व्यक्ति ही अपने अनुभव के आधार पर परिवार के लोगों को सही और गलत की परख बताते हैं, किन्तु आज के समय में कोई भी व्यक्ति बुजुर्गो को अपने साथ नहीं रखना चाहता है।

आज यह समस्या इतनी विकराल रूप धारण करती जा रही है कि बुजुर्गो के प्रति इस तरह के बर्ताव के दृष्टिगत माननीय उच्चतम न्यायालय ने भारत सरकार को यह आदेश दिया कि वह देश के सभी प्रान्तों के जिलों में एक ओल्ड एज होम की स्थापना करें, जिससे बुजुर्गों को अपने अंतिम समय में इधर-उधर भटक कर दुश्वारी का सामना न करना पड़े। उन्होने बुजुर्गो के अधिकारों के बावत बताया कि वह अपने कमाऊ पुत्रों, पुत्रियों, बहुओं आदि से गुजारा-भत्ता लें सकते है। शिविर में बोलते हुये श्रीमती अम्बुज मिश्रा सिविल जज (जू0डि0 तृतीय), जनपद न्यायालय, अम्बेडकर नगर ने बताया कि समाज में बडे़ बुजुर्गो का सम्मान कम होता जा रहा है। जिससे व्यक्ति का समाजिक स्तर गिरता चला जा रहा है। हमें अपने अंदर सुधार की जरूरत है।

आधुनिक युग के बदलते परिवेश में लोग एकाकी जीवन ज्यादा पसंद कर रहे है, किन्तु शायद उन्हे यह पता नहीं है कि संयुक्त परिवार के क्या फायदे है उन्होने बताया कि आज के इस चकाचौंध के समय में लोगों के अंदर संस्कार की कमी होती जा रही है। आज के इस आधुनिक परिवेश में लोग अपने बच्चोें की इच्छाओं की पूर्ति के लिये किसी तरह की कमी नहीें करना चाह रहे हैं किन्तु उनके संस्कारों के प्रति ध्यान न देने के कारण उसका खामियाजा उन्हंे भुगतना पड़ रहा है। यदि वह अपने बच्चों की ख्वाहिशों को पूरा करने में भले ही थोड़ा कम ध्यान देते और उन्हे संस्कारवान बनाते तो उनके बुढ़ापे की लाठी उन्हें इस हालात में न छोड़ती। 

कार्यक्रम का संचालन करते हुये वरिष्ठ अधिवक्ता श्री रामचन्द्र वर्मा, ने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों को उनके अधिकारों के तहत विभिन्न सुविधाएं दी जा रही हैं। जिसमें रेलवे एवं परिवहन बस से यात्रा करने पर विशेष छूट तथा उनके लिये आरक्षित सीटें भी दी जानी शामिल है तथा उनके लिये पेंशन की सुविधा तथा कर में छूट का भी प्राविधान है। उन्होने बताया कि हम सभी का परम दायित्व है कि अपने ही नहीं बल्कि सभी वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान करें।

विधिक साक्षरता शिविर में श्री अजय कुमार मिश्र, सिविल जज (जू0डि0) त्वरित एवं श्रीमती अम्बुज मिश्रा सिविल जज (जू0डि0 तृतीय), जनपद न्यायालय, अम्बेडकर नगर द्वारा वृद्धाश्रम में उपस्थित वृद्धजनों को फलाहार वितरित किया गया। इस शिविर में श्री आर0पी0 पाण्डेय, राम धन, राधेश्याम वर्मा, राम आसरे, मंशाराम, ओम प्रकाश वर्मा, राज किशोर, कमलेश, राम प्रहलाद, प्रदीप एवं विकास सिंह भारती व वृद्धाश्रम के कर्मचारीगण एवं मीडियाकर्मी आदि उपस्थित थे।



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