इमरान के आगे बीन बजाए बेचारी भैंस!
| -RN. Feature Desk - Feb 24 2020 1:46PM

पाकिस्तान ने खोला भैंस बेचने का कारोबार! भैंस बेचारी स्वयं इमरान के आगे बीन बजा रही है पर इमरान कब समझ पाए हैं जी! वहां अब गधे पालने से गरीबी भी होगी दूर। साथ ही बेजुबान पक्षियों, कुत्तों व गधों की बलि से भी पाकिस्तानी गरीबी दूर की जाएगी। कुछ काम करना और मेहनत करके कमाना यहां सख्त मना है जी! गरीब पाकिस्तान के गरीब इमरान ने शिकार के लिए 35 परमिट जारी किए हैं। करीब 100 सोन चिरैया के शिकार की इजाजत देते हुए हर सोन चिरैया के शिकार पर दो करोड़ रुपयों की कमाई करेगा इमरान। सरकार सोनचिरैया का शिकार कर 7000 करोड़ रुपए इकट्ठे करेगी। पाकिस्तान की शिक्षा का बजट भी लगभग इतना ही है।

स्पष्ट है चिड़िया मारकर शिक्षा का उजियारा लाने वाला पाकिस्तान दुनिया में ऐसा पहला देश है। वाह रे इमरानी पाकिस्तान! चिड़िया मार चढ़े अंग्रेजी कार! इमरान चीन को गधे भी बेच रहे हैं। मुर्गी बेचो, काटो खाओ नीति से भी गरीबी दूर होगी। भैंस भी कराएगी पाक की गरीबी दूर। इमरान की जादुई भैंस किसी सदी में जो भटक गई थी अब फिर आ गई है। कुत्ते के शिकार से पैसे कमाने की जुगाड़ बन चुकी है। यह वही इमरान खान है जिन्होंने सरकार बनाने से पहले नए पाकिस्तान का नारा दिया था। जानवरों की मौत से पैसा कमाने की होड़ में है पाकिस्तान! पाकिस्तान में सोन चिरैया के मारने का परमिट देकर उसके पहले गाय, भैंस और 3 बकरी मारने का जादुई फार्मूला दिया था।

पाकिस्तान वास्तव में एक अजब-गजब देश ही है। एक तरफ वह चीन को गधों का निर्यात करने के अलावा भैंस और महंगी कारों की नीलामी से सरकारी खजाने को भरने की कोशिश कर रहा है, तो दूसरी तरफ व्यापार व कूटनीति के लिए एक ऐसे पक्षी के शिकार की अनुमति दी है जो विलुप्तप्राय है। बैचारी सोन चिरैया! पाकिस्तान को बस अंट-शंट चीजों से ही पैसा चाहिए। इमरान खान ने बहरीन के राजा और शाही परिवार को सोन चिरैया के शिकार की इजाजत देकर पाकिस्तान सरकार ने हर चिड़िया के लिए 2-2 करोड़ रुपए वसूले हैं। पाकिस्तान किसी को भी मरवाने के तत्पर रहता है। पाकिस्तान सभी प्रकार के मौसम में गधों का निर्यात कर रहा है।

चीनी कंपनियों ने पाकिस्तान में गधों की जनसंख्या बढ़ाने में दिलचस्पी दिखाई और 3 बिलियन डॉलर का निवेश करने को तैयार हुई है। गधों की नस्‍लों के हिसाब से यहां पर इनकी कीमत तय की गई है। एक जिंदा गधे को मारकर उसकी खाल से पाकिस्तान को 18 से 20 हजार रुपए तक मिल जाते हैं। पाकिस्तान में आदमियों को यूं ही खुले में मरने के लिए छोड़ रखा है और गधों के लिए अस्पताल भी बनाया गया है। पहले गधे को गुलाब जामुन खिलाएगा फिर उसका कत्लेआम कर उससे रसगुल्ले खाएगा। आदमी कमाता नहीं है न! आदमी के साथ ही कुत्ते, गधे, मुर्गी, बतख, पक्षी, जानवर सबको मारने पर आतुर कंगाल पाकिस्तान! शायद ही सुधरे इमरान!



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