रंगेश हत्याकाण्ड का खुलासा, युवती समेत तीन गिरफ्तार 
| - RN. Network - Feb 27 2020 4:40PM

आलाकत्ल, मोबाइल और खून से सने कपड़े बरामद 

पुरानी कहावत है कि जर, जोरू, जमीन के लिए आदमी आपराधिक कृत्य करने पर उतारू हो जाता है। इनको हासिल करने के लिए हत्या का जुनून कुछ इस कदर हावी होता है कि आदमी अपना विवेक खो बैठता है, परिणाम की चिन्ता नहीं होती। और जब किसी युवती से कई लोगों का प्रेम प्रसंग चल रहा हो तो अमूमन यह देखा गया है कि इस परिस्थिति में हत्या, हत्याएँ एवं बलबा-फौजदारी तक की घटनाएँ शान्तिप्रिय माहौल को अशान्त बना देती हैं। 

युवा अवस्था में जब जीवन के अनुभवों की सर्वथा कमी होती है तब युवा मन अविवेकपूर्ण मनःस्थिति में पड़कर अपराधी बन जाता है। अब तक युवक और युवतियों, महिला और पुरूषों के आपसी प्रेम-प्रसंगों और इनके चलते होने वाली आपराधिक घटनाओं के बारे में काफी कुछ सुना पढ़ा व देखा जाता रहा है। कभी प्रेम-प्रसंग तो कभी त्रिकोणीय प्रेस प्रसंग के चलते लोगों की लाशें देखी जाती रही हैं। शान्ति व्यवस्था और कानून के रखवालों के लिए आपराधिक कृत्य कष्टकारी तो होता ही साथ ही इसके पर्दाफाश हेतु आने वाली जटिलताओं की चुनौती को सहजतापूर्वक स्वीकार करते हुए ये अपना दायित्व निर्वहन करते हैं। 

उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर जनपद का पुलिस महकमा कुछ इसी तरह की अपनी कर्मठता, लगनशीलता और तत्परता के लिए जाना जाता है। यहाँ के पुलिस विभाग का नेतृत्व सीनियर आई.पी.एस. अधिकारी आलोक प्रियदर्शी के हाथों में हैं। इनके बारे में यह कहा जाता है कि ‘वर्क इज वर्शिप’ की परिभाषा कोई इनसे सीखे। इस पुलिस अधिकारी को विभागीय नियम, कानून बताने की जरूरत ही नहीं पड़ती। दायित्वबोध को लेकर इनके बारे में कुछ कहना एक तरह से इनकी बौद्धिक क्षमता, कर्मठता को ललकारने जैसा होगा। 

आई.पी.एस. आलोक प्रियदर्शी के कुशल नेतृत्व में संचालित अम्बेडकरनगर का पुलिस विभाग और इसमें कार्यरत खाकीधारी 24 घण्टे के मुलाज़िम से होकर बड़ी तन्मयता, तत्परता व कर्मठता से अपना कार्य कर रहे हैं। जिले में अभी तक के अपने अल्पकाल के कार्यकाल में इन्होंने विभाग के कर्मियों को सक्रिय करने के साथ-साथ सामान्य और प्रयोगवाद अपनाकर उत्कृष्ट पुलिसिंग हेतु जो पाठ पढ़ाया वह अवश्य ही सराहनीय कहा जाएगा। जिले के एकाध मामलों को छोड़कर शेष अन्य आपराधिक मामलों का त्वरित ढंग से जिस तरह का पर्दाफाश करके पुलिस महकमे के कर्मियों ने कर्मठता दिखाई वह आलोक प्रियदर्शी जैसे ऑफिसर द्वारा नित्य-नियमित पढ़ाये जाने वाले पाठ का ही नतीजा कहा जाएगा। 

हमें एक ऐसे मौके पर अम्बेडकरनगर के पुलिस अधीक्षक आई.पी.एस. आलोक प्रियदर्शी से कुछेक क्षण के लिए मिलने का संयोग मिला जब उनके द्वारा एक प्रेस कान्फ्रेन्स बुलाई गई थी। इस पी.सी. में उन्होंने एक हत्या मामले के बारे में एक दिन उपरान्त पर्दाफाश करके कामयाबी हासिल करने वाली पुलिस टीम की सराहना करते हुए घटना के बावत तफ्शील से जानकारी दिया। संक्षिप्त ही सही परन्तु उनके कक्ष में प्रवेश करते ही उनके हाव-भाव, तौर-तरीके ने हमे अवश्य ही प्रभावित किया। खाकी वर्दी, पुलिस महकमा का जिला स्तरीय उच्चाधिकारी और विभागीय कार्यों का बोझ फिर भी तनावमुक्त और अपने मौलिक अन्दाज में चेहरे पर मुस्कान लिए आई.पी.एस. आलोक प्रियदर्शी मीडियाकर्मियों से मुखातिब थे।  -रीता

त्रिकोणीय प्रेस-प्रसंग में हुई नवयुवक रंगेश की हत्या: पुलिस अधीक्षक

अम्बेडकरनगर। जिले के पूर्वांचल स्थित आलापुर थाना क्षेत्र के बाहरपुर गाँव में 25 फरवरी 2020 की सुबह एक नवयुवक की लाश मिली थी। शिनाख्त होने पर पता चला कि मृतक रंगेश पुत्र अभिमन्यु आलापुर थाना क्षेत्र के लखनीपट्टी गाँव का रहने वाला था। रंगेश की हत्या बड़ी निर्ममता से कुल्हाड़ी और बिजली के तार का प्रयोग कर की गई थी। घटना के बाद सक्रिय हुई पुलिस टीम ने मृतक की हत्या के कारणों की गहनता से जाँच-पड़ताल शुरू की। हत्याकाण्ड का खुलासा एक दिन उपरान्त 27 फरवरी 2020 दिन गुरूवार को कर लिया। इस हत्याकाण्ड के खुलासे में लगी पुलिस टीम का नेतृत्व आलापुर सर्किल के क्षेत्राधिकारी जगदीश लाल ने आलापुर थाना प्रभारी निरीक्षक नारद मुनि सिंह को सौंपा था।

रंगेश हत्याकाण्ड का खुलासा करने व इसके तह में जाने के उपरान्त बहुत ही चौंकाने वाले तथ्य सामने आये। जिसके बारे में बताते हुए पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी ने कहा कि आलापुर थाना क्षेत्र के बाहरपुर गाँव निवासी रामवृक्ष की 20 वर्षीया पुत्री नीरज का दो साल से जहाँगीरगंज थानाक्षेत्र के बारीडीह सिकन्दरपुर निवासी जयराम यादव के पुत्र रबी यादव से इश्क चल रहा था। ये दोनों आशनाई के वशीभूत एक दूसरे के लिए मर मिटने हेतु तैयार थे। यह प्रेम कहानी दो साल तक चली इसी बीच एक अन्य किरदार का उदय हुआ, जो इन दोनों के प्रेम प्रसंग के बीच आ गया। इसका नाम रंगेश पुत्र अभिमन्यु निवासी लखनीपट्टी, थाना आलापुर था। यही रंगेश नीरज के कथित इश्क में पड़कर अपनी जान से हाथ धो बैठा।

रंगेश हत्याकाण्ड के कारणों की विस्तृत जानकारी देते हुए एस.पी. आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि पकड़ा गया अभियुक्त रबी यादव पुत्र जयराम यादव निवासी बारीडीह सिकन्दरपुर थाना जहाँगीरगंज व नीरज पुत्री रामवृक्ष निवासी बाहरपुर थाना आलापुर में करीब दो साल से आशनाई चल रही थी। इसी बीच करीब चार माह पूर्व मृतक रंगेश से भी लड़की का इश्क हो गया। मृतक रंगेश ने नीरज को मोबाइल और सिम भी दे रखा था, जिससे वे आपस में बात कर सकें। इस बात की भनक रबी यादव को हुई तो उसने नीरज से कहा कि वह रंगेश का साथ छोड़ दे। जब यह बात रंगेश को पता लगी तो उसने नीरज को भला-बुरा कहा और मारा-पीटा, जिससे युवती नीरज की गर्दन में चोट भी आ गई। जब रबी ने अपनी माशूका नीरज की गर्दन पर चोट देखा और इसके कारणों को जाना तो वह आग बबूला हो गया, और रंगेश से निपट लेने की बात कही।

बनाई गई आपराधिक रणनीति के तहत रबी यादव ने अपनी प्रेमिका नीरज के माध्यम से मृतक रंगेश को उसके घर (गाँव बाहरपुर) के पास बुलाया। जहाँ पर पहले से ही घात लगाये रबी यादव और उसका सहयोगी अनुराग उर्फ गोलू पुत्र आशाराम व युवती नीरज ने रंगेश पर कुल्हाड़ी से हमला बोल दिया। तीनों ने मिलकर कुल्हाड़ी व बिजली के तार का प्रयोग कर रंगेश को मौत के घाट उतार दिया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि हत्याभियुक्त का साथी अनुराग उर्फ गोलू पुत्र आशाराम मदारडीह थाना हंसवर का रहने वाला है जो बारीडीह सिकन्दरपुर थाना जहाँगीरगंज अपने मामा के घर रहता था। एस.पी. के अनुसार इस हत्याकाण्ड का पर्दाफाश करने के लिए आलापुर पुलिस, स्वाट टीम व सर्विलांस टीम को लगाया गया था।

टीम की सक्रियता और तत्परता के परिणाम स्वरूप रंगेश हत्याकाण्ड का एक दिन उपरान्त ही (27 फरवरी 2020 दिन गुरूवार) पर्दाफाश कर लिया गया। हत्याकाण्ड में शामिल सभी अभियुक्तों और प्रयुक्त आलाकत्ल व खून आलूदा कपड़े बरामद कर लिये गये। पकड़े गये अभियुक्तों में रबी यादव, युवती नीरज और अनुराग उर्फ गोलू शामिल हैं। इनसे गहन पूछ-ताछ करने के उपरान्त रंगेश हत्या करने का उद्देश्य सार्वजनिक हुआ और हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी, बिजली का तार, मोबाइल व खून से सने कपड़े बरामद किये गये। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस टीम में एस.एच.ओ. आलापुर निरीक्षक नारद मुनि सिंह, उप निरीक्षक कृष्णकान्त, मुख्य आरक्षी विनोद, आरक्षी जितेन्द्र (सर्विलांस टीम), आरक्षी मो. जावेद, आरक्षी सुनील कुमार मधुकर, आरक्षी राजेन्द्र प्रसाद सरोज, आरक्षी राजेन्द्र कुमार, आरक्षी शम्भू यादव, आरक्षी प्रेम प्रकाश सिंह, महिला आरक्षी मनोरमा, महिला आरक्षी मनीषा शामिल रहे। 



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