सावधान! कहीं आप भी तो नहीं पी रहे मिलावटी दूध की चाय.......?
| - RN. Network - Feb 29 2020 5:40PM

तुम डाल-डाल, हम पात-पात..........जी हाँ इस कहावत को अम्बेडकरनगर में मिलावटखोरों द्वारा चरितार्थ किया जा रहा है। नवम्बर से लेकर अब तक कड़ाके की ठण्ड में खाद्य सुरक्षा महकमे के जिम्मेदारों ने जनपद के लगभग सभी क्षेत्रों में चेकिंग करके मिलावट पर नियंत्रण पाने का दावा किया, परन्तु इनसे ज्यादा चतुर, चालाक निकले वे मुनाफा कमाने वाले लोग जो मिलावटखोरी करके जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड कर रहे हैं। बीते दिनों हमें पता चला कि जिले में चीनी कच्चे अण्डे व इससे बनने वाली ऑमलेट, एगरोल, अण्डाकरी आदि की बिक्री की जा रही है। 

हमने जब इसकी जानकारी खाद्य सुरक्षा महकमे के जिम्मेदारों को दिया तो मात्र दो ने इस जानकारी को अहमियत देते हुए अपने तरीके से जवाब दिया। महकमे के मुखिया जिला अभिहीत अधिकारी राजवंश प्रकाश श्रीवास्तव को जब यह जानकारी कि........ अम्बेडकरनगर में चीनी अण्डों (चीन में कृत्रिम ढंग से निर्मित और हानिकारक) की बिक्री किए जाने और अण्डा ऑमलेट, एगरोल बनाकर बेंचे जाने की खबरें मिल रही हैं के जवाब में उन्होंने हमें लिखा कि- चेक करवा लेते हैं, वैसे मैंने अण्डों को जाँच के लिए भेजा था, अण्डे सही पाये गये। यह तो था डी.ओ. खाद्य सुरक्षा महकमा का जवाब। 

ठीक इसी प्रकार की सूचना खाद्य सुरक्षा अधिकारी रत्नाकर पाण्डेय को दी गई थी। उन्होंने उत्तर दिया था कि- खबर पूर्णतया असत्य एवं भ्रामक है। इस उत्तर जवाब में जब यह कहा गया कि- जब आप कह रहे हैं तो मानना पड़ेगा, तो पाण्डेय का जवाब था कि- नहीं सर मैं बिल्कुल सत्य कह रहा हूँ। मैं अनावश्यक झूठ नहीं बोलता। यह बात आई गई हो गई। परन्तु इसी बीच हमें अम्बेडकरनगर जिला मुख्यालय पर सोशल मीडिया और प्रिन्ट मीडिया में सक्रिय एक पत्रकार द्वारा सूचित किया गया कि- 

सावधान! कहीं आप भी तो नहीं पीते मिलावटी दूध की चाय.....। कहीं आपको दुकान पर मिलने वाला दूध मिलावटी तो नहीं है? कहीं आप मिलावटी दूध की चाय तो नहीं पी रहे। अगर आप इस बारे में नहीं जानते तो हो जाइये सावधान। क्योंकि आपके स्वास्थ्य पर मंडरा रहा है मिलावटी दूध का खतरा। अब तक आपने दूध में केवल पानी की मिलावट के बारे में सुना होगा लेकिन हम आपको बता दें कि दूध को सफेद और गाढ़ा बनाने के लिए आजकल साबुन, डिटर्जेन्ट और बेहद हानिकारक केमिकल्स का धड़ल्ले से प्रयोग हो रहा है। 

सबसे बड़ी बात यह है कि इस मिलावटी दूध और असली दूध में फर्क समझ पाना आपके लिए बेहद मुश्किल है। और इस तरह से बनाया जाने वाला नकली दूध आपकी सेहत को बहुत बुरी तरह से प्रभावित कर सकता है। इससे बचने के लिए आपको नकली दूध को पहचानना बहुत जरूरी है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस मिलावटी दूध को आखिर कैसे पहचाना जाये....?

सबसे अहम बात है कि खाद्य सुरक्षा विभाग जानते हुए भी इधर से अनजान बना हुआ है। जिसका फायदा उठाते हुए मिलावटखोरी करके धन कमाने वाले तत्व और मिलावटी दूध का उपयोग व प्रयोग करने वाले व्यवसाइयों द्वारा जन स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। पत्रकार के अनुसार जनपद मुख्यालय अकबरपुर पर केमिकलयुक्त दूध का प्रयोग कर छोटे व बड़े चाय विक्रेता दुकानदारों द्वारा चाय बनाकर लोगों को पिलाई जा रही है।  



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