आंगनबाड़ी केन्द्रों की कार्यकर्त्री व सहायिकाओं के आरोप गलत: स्नेहलता
| - RN. Network - Mar 7 2020 3:07PM

बाल विकास परियोजना विभाग में भ्रष्टाचार व शोषण का आरोप

उत्तर प्रदेश सूबे के जनपद अम्बेडकरनगर में संचालित बाल विकास परियोजनाओं में भ्रष्टाचार और व्यापक रूप से अनियमितता व्याप्त होने की खबरें दशकों से मिलती चली आ रही हैं। आई.सी.डी.एस. के विभागाध्यक्ष और बाल विकास परियोजना अधिकारियों के तबादले भी होते रहे हैं, परन्तु महकमे में व्याप्त अनियमितता, घोर भ्रष्टाचार पर लगाम नहीं लग पा रही है। आंगनबाड़ी केन्द्रों से लेकर जिला स्तरीय अहलकारों तक की सेहत बाल पोषाहार के धन से क्रय की गई स्वहितार्थ मेवा, मिश्री एवं स्वास्थ्य वर्धक खाद्य सामग्रियों के सेवन से दिन दूनी और रात चौगुनी बन रही है। दूसरी तरफ पात्र माताएँ और बच्चे इसकी अनुपलब्धता और वितरण में बरती जाने वाली व्यापक अनियमितता की वजह से कुपोषण का शिकार हो रही हैं। 

आंगनबाड़ी केन्द्रों जहाँ पर कार्यकर्त्री और सहायिका की तैनाती होती है वहाँ व्याप्त भ्रष्टाचार और अनियमितता के किस्से प्रायः सुनने को मिलते रहते हैं। बाल विकास परियोजना के तहत आंगनबाड़ी केन्द्रों का संचालन व नियंत्रण महिला पर्यवेक्षक व सीडीपीओ जैसे पदाधिकारी निष्ठा के साथ करने के बजाय इसको स्वहितार्थ कर रहे हैं, इस तरह की खबरें प्रायः मिलती रहती हैं। गरीब, असहाय परिवारों के बच्चों को स्कूल पूर्व शिक्षा व प्रसूता, धात्री माताओं व बच्चों दोनों को पोषण मिले इसके लिए शासन द्वारा बनाई गई इस महत्वाकांक्षी परियोजना का वर्तमान स्वरूप बेमानी सा होकर रह गया है। आई.सी.डी.एस. द्वारा संचालित लगभग सभी परियोजनाएँ खानापूर्ति तक ही सिमट कर रह गई हैं। 

अम्बेडकरनगर जिले के सभी विकासखण्डों के अन्तर्गत शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्र पर तैनात कार्यकर्त्री व सहायिकाओं का हाल बद से बद्तर बताया जाता है। आई.सी.डी.एस. के सी.डी.पी.ओ., सुपरवाइजर व अन्य अधिकारियों की मनमानी एवं बेलगाम कमीशनखोरी की वजह से बाल विकास परियोजनाओं का उद्देश्य बेमानी होकर रह गया है। बाल विकास पुष्टाहार विभाग में इस समय काफी अनियमितता बरते जाने की खबरें मिल रही हैं। 

अकबरपुर विकास खण्ड क्षेत्र में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों के पर्यवेक्षक व सीडीपीओ (बाल विकास परियोजना अधिकारी) के बारे में कहा जाता है कि इनके द्वारा सूची निर्माण, लाभार्थियों की फीडिंग, पुष्टाहार बोरी के आदान-प्रदान के नाम पर कार्यकत्री व सहायिकाओं पर दबाव बनाकर पैसा वसूला जाता है। इन मानसेवियों के अनुसार 5 रूपए प्रति बच्चा आधार फीडिंग, एक रूपए प्रति बोरी खाली बोरी वापस करने पर और पुष्टाहार की बोरी देते समय 30 रूपए प्रति बोरी विभाग कर्मचारी उनसे वसूल करते है। गोदभराई कराने पर खर्च की भरपाई आंगनबाड़ी की कार्यकर्त्री व सहायिका को भुगतान अपनी जेब से करना पड़ता है। इस तरह इनका आर्थिक रूप से शोषण किया जाता है। कई महिला मानसेवियों ने बताया कि इन्हें सुपरवाइजर व अन्य द्वारा मांगी गई धनराशि अपने पास से देनी पड़ती है। आंगनबाड़ी केन्द्रों पर तैनात इन मानसेवियों में व्यापक रूप से असन्तोष भी देखा जा रहा है। 

जनपद मुख्यालय अकबरपुर पर तैनात महिला सुपरवाइजर पर यह अरोप लगाया गया है कि वह कार्यकत्रियों, सहायिकाओं व अन्य कर्मियों की बैठकें अपने निजी आवास पर ही करती हैं, जो नियम विरूद्ध है। उनके आवास तक पहुँचने के लिए दूर-दराज से आने वाली इन मानसेवियों को आने-जाने का खर्च अपने से वहन करना पड़ता है। आरोप है कि फीडिंग के नाम पर सुपरवाइजर द्वारा कार्यकर्त्री व सहायिकाओं से पैसों की मांग की जाती है और जब तक आवश्यकता पूर्ति नहीं होती तब तक फीडिंग का कार्य शुरू नहीं किया जाता। 

इस बावत रेनबोन्यूज ने जब अकबरपुर की सुपरवाइजर स्नेहलता सिंह से बात किया तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सारी बैठकें क्षेत्र में होती हैं। जो क्षेत्र निर्धारित रहता है लोगों की सुविधानुसार उस क्षेत्र के किसी भी स्थान पर बैठक की जाती है। उन्होंने कहा कि इस समय हमारा क्षेत्र बहोरीपुर-बरधाभिउरा है। हम बैठकें वहीं कर रहे हैं। रही बात फीडिंग के नाम पर पैसा लेने की तो यह सर्वथा गलत है। क्योंकि फीडिंग का कार्य कम्प्यूटर सेन्टर पर होता है। कंप्यूटर सेन्टर पर जो पैसा लगता है उससे मेरा क्या लेना-देना है। उन्होंने कहा कि मुझ पर गलत आरोप लगाया गया है। साथ ही उन्होंने कार्यकत्री व सहायिकाओं के द्वारा लगाये गये सभी आरोपों का खण्डन किया। 

मामला संज्ञान में है, बैठक की जा रही है, 11 मार्च को जाँच की जायेगी: सी.डी.पी.ओ.

शेषनाथ वर्मा सी.डी.पी.ओ., अकबरपुर

सी.डी.पी.ओ. अकबरपुर शेषनाथ वर्मा से जब दूरभाषीय सम्पर्क कर बात की गई और खबर के बारे में बताया गया तो उन्होंने कहा कि इस तरह की खबरों को उन्होंने संज्ञान लिया है। बैठक बुलाई गई है। होली उपरान्त 11 मार्च 2020 को मेरे स्तर से जाँच की जाएगी। इसमें जो भी दोषी पाया जायेगा उस पर कार्रवाई की जायेगी।  



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