ए.आर.टी.ओ. के.एन. सिंह को न्यायालय ने दी राहत
| - RN. Network - Mar 8 2020 3:24PM

निलम्बन आदेश हुआ स्थगित, अगले आदेश तक अपने पद पर बने रहेंगे 

अम्बेडकरनगर के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी कैलाश नाथ सिंह को न्यायालय ने राहत प्रदान किया है। मा0 इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खण्ड पीठ ने के.एन. सिंह के निलम्बन की कार्रवाई पर रोक लगा दी है, और उन्हें अम्बेडकरनगर के ए.आर.टी.ओ. पद पर बने रहने का आदेश दिया है। 

बता दें कि बीते माह 14 फरवरी 2020 को प्रदेश शासन ने उन्हें निलम्बित कर दिया था। 14 फरवरी 2020 को शासन द्वारा निलम्बन के आदेश को ए.आर.टी.ओ. कैलाश नाथ सिंह ने इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में चुनौती दी थी। जिस पर न्यायाधीश मनीष माथुर ने सुनवाई करते हुए उभय पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलों को बखूबी सुना तदुपरान्त 6 मार्च 2020 को शासन द्वारा निलम्बन आदेश पर रोक लगाया। कोर्ट द्वारा जारी स्टे आर्डर में कहा गया है कि 14 फरवरी 2020 को शासन द्वारा जारी ए.आर.टी.ओ. के.एन. के निलम्बन आदेश को अगली सुनवाई तथा इस न्यायालय के दूसरे आदेश तक स्थगित किया जाता है। 

विवरण अनुसार प्रदेश शासन द्वारा निलम्बित किए गए ए.आर.टी.ओ. के.एन. सिंह कोर्ट की शरण में गये और मा0 उच्च न्यायालय लखनऊ खण्ड पीठ में अपना पक्ष रखते हुए केस- Service single no.:7448 of 2020  दायर किया। उक्त याचिका में वादी कैलाश नाथ सिंह ने प्रमुख सचिव/अतिरिक्त मुख्य सचिव, परिवहन व अन्य (उत्तर प्रदेश सरकार) को अपना प्रतिवादी बनाया। 

ए.आर.टी.ओ. के.एन. सिंह का उक्त मुकदमा हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के कोर्ट नं0- 17 में सुनवाई के लिए लगा था। जिसमें वादी की तरफ से मुकदमे की पैरवी करने वाले अधिवक्ता सर्वश्री गौरव मेहरोत्रा, रानी सिंह और उत्सव मिश्रा रहे। दूसरी तरफ प्रतिवादी (विपक्षी) की पैरवी मुख्य राज्य परामर्शदाता द्वारा की गई। 

स्थगन आदेश से सम्बन्धित खबर की पुष्टि के लिए जब ए.आर.टी.ओ. कैलाश नाथ सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उन्हें मा0 न्यायालय से राहत मिली है। उनके द्वारा अपने निलम्बन के खिलाफ दायर याचिका में सुनवाई करते हुए मा0 न्यायाधीश महोदय ने अगले आदेश तक के लिए निलम्बन कार्रवाई पर रोक लगा दी है। इस आशय का आदेश 6 मार्च 2020 को जारी हुआ है। 



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