होली खेलें मगर सेहत का भी रखें ख्याल
| - Rainbow News Network - Mar 9 2020 5:41PM

रंगों के त्योहार होली में हर तरफ उल्लास का वातावरण है। बाजारें रंगों, गुलाल एवं खाने- पीने की चीजों से सज गया है। होली में खूब रंग खेले, खूब गुलाल उडाएँ परन्तु बाजार में सजे केमिकल वाले रंगों एवं रंगीन खाने पीने की चीजों से बचें क्योकि यह रंग आपकी होली को बेरंग कर सकते हैं। इसीलिए कुछ सावधानियाँ अपनाकर होली मनाएं जिससे होली का रंग बेरंग ना हो और होली की खुशियाँ बरकरार रहे।

होली में हर व्यक्ति एक-दूसरे  को रंग लगाकर अपनी आत्मीयता  का इजहार करता है परन्तु उसे यह नहीं मालूम कि जो रंग वह लगा रहा है वह रसायनिक रंग है जिससे त्वचा को नुकसान पहुँच सकता है, श्वास एवं एलर्जी की बीमारी हो सकती है। बाजार में बिकने वाले हरे रंग में तांबा, काले रंग में नाइट्रेट ऑक्साइड, परपिल रंग क्रोमाइड, सिल्वर कलर में एल्युमिनियम ब्रोमाइड, लाल रंग मरकरी सल्फेट रसायनों से बनता है। यह सभी रसायनिक रंग त्वचा पर जलन खुजली, दाने, एलर्जी, श्वास की तकलीफ उत्पन्न कर सकते है जो आपकी होली को बदरंग कर सकते है इसलिए रंग खेलने में प्राकृतिक रंगों का प्रयोग ही करना चाहिए। होली में खेले जाने वाले रंग यदि आँख में पड़ जाये तो आंख में जलन, खुजली, लाली, दर्द आदि हो सकता है, इसलिये किसी भी स्थिति में आखं में रंग नहीं पड़ना चाहिए।

होली में गुलाल भी खूब उड़ाया जाता है। बाजार में मिल रहे गुलाल में अवरक का इस्तेमाल होता है। इसमें बालू तथा अन्य रसायन पड़ें रहते है। इससे दमा का प्रकोप हो सकता है। इससे त्वचा में जलन, खुजली की समस्या हो सकती है। त्वचा खुरदरी हो सकती है इसलिए हर्बल गुलाल का प्रयोग करना चाहिए रंग के स्थान पर पेंट, तारकोल, कीचड़ आदि का प्रयोग बिल्कुल न करें इससे त्वचा बदरंग हो सकती है। रंग खेलने से पहले शरीर पर तेल अवश्य लगा लें। रंग खेलते समय इन बातों पर जरूर ध्यान देना चाहिए- 

  • रंग छुड़ाने के लिए उपटन का प्रयोग करना चाहिए रंग छुड़ाने के लिए बार-बार साबुन न रगड़े। 
  • यदि त्वचा खुजली के साथ पानी निकले तो साफ पानी से धुलें। 
  • यदि ऑख मं रंग पड़ जाये तो रगड़े नहीं बल्कि साफ पानी से धोए। 
  • रंग खेलते समय शरीर पर टोपी जरूर लगाए। पूरे आस्तीन के कपड़े पहने। 
  • गीले आस्तीन के कपड़े ज्यादा देर ना पहने।

होली के पर्व पर बाजार रंग-बिरंगी मिठाइयों सें सज गया है। मिठाइयों, अन्य खाने की चीजों जैसे खोया, दूध पनीर में मिलावट का खतरा हो सकता है, इनमें रसायनिक तत्वों पेंट, यूरिया, निरमा, मिलावटी तेल, मिला हो सकता है, जिससे पीलिया, पेट में जलन, संक्रमण, दस्त, उल्टी, गैस, दर्द आदि की गंभीर समस्याएं हो सकती है इसलिए खाने-पीने की चीजें जांच-परखकर ही खरीदे।

खाने-पीनों की चीजों जैसे मिठाई, चिप्स, पापड़, आदि में रसायनिक रंग निर्धारित मापदण्ड से ज्यादा पड़े रहते है जो आपके पेट को खराब कर सकते है इसलिये बाजार के बजाय घर की बनी चीजों का प्रयोग करें। ड्राई फ्रूट का ज्यादा इस्तेमाल करे क्योंकि यह सुरक्षित होते है तथा स्वास्थ्य पर किसी प्रकार का दुष्प्रभाव नहीं उत्पन्न करते हैं। होली में शराब का नशा बहुत आम है। लोग भांग पीकर होली मनाते है। इस उल्लास पूर्ण होली के पर्व को नशे का सेवन बेमजा कर सकता है। आइए इस उल्लासपूर्ण रंगों के पर्व होली को सुरक्षित तरीके से मनाकर अपनी खुशियों में चार चांद लगाए।

-डॉ0 अनुरूद्ध वर्मा
वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक
मो नं0 -9415075558



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