अकबरपुर विद्युत व्यवधान के बावत जिम्मेदारों के विरोधाभाषी कथन
| - RN. Network - Mar 14 2020 1:35PM

अम्बेडकरनगर के जिला मुख्यालयी शहर अकबरपुर स्थित 33 केवीए विद्युत उपकेन्द्र से सम्बद्ध कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में प्रायः विद्युत आपूर्ति व्यवधान उत्पन्न होने से क्षेत्रवासी उपभोक्ताओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसे अकबरपुर विद्युत उपकेन्द्र पर कार्यरत विद्युत कर्मियों की लापरवाही ही कही जायेगी। अकबरपुर के एल.आई.सी. फीडर से जुड़े इलाकों में प्रायः यह दिक्कत आती रहती है। विद्युत उपभोक्ताओं को दिन हो या रात किसी भी समय व मौसम में विद्युत व्यवधान से निजात पाना दिक्कत तलब होता है। इस साल के शुरूआती दिनों से ही विद्युत व्यवधान का भी सिलसिला शुरू हो गया है। इसका निदान व निराकरण कैसे हो इसके बावत सम्बन्धित विद्युत अभियन्ता/अधिकारी कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं। ताज्जुब तो तब होता है जब विद्युत व्यवधान की जानकारी एस.एस.ओ. ऑन ड्यूटी द्वारा अनाप-शनाप दी जाती है। विद्युत व्यवधान का मुख्य कारण बताया ही नहीं जाता। 

बीती 13/14 मार्च की रात अकबरपुर एल.आई.सी. फीडर क्षेत्र में रात 3 बजे विद्युत आपूर्ति ठप्प हो गई, जो 14 मार्च 2020 की सुबह लगभग 8 बजे बहाल हो सकी। उक्त रात को विद्युत उपकेन्द्र अकबरपुर पर रमेश कुमार शर्मा एस.एस.ओ. आन ड्यूटी थे। उनसे रात में अनेको बार क्षेत्र के लोगों ने दूरभाषीय सम्पर्क करने का प्रयास किया तो सम्पर्क सम्भव नहीं हो सका। यह क्रम सुबह लगभग 8 बजे समाप्त हुआ, और जब उनसे विद्युत अनापूर्ति के बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा कि अब लाइनमैन को बताया जायेगा। फाल्ट ठीक होने पर एल.आई.सी. फीडर की सप्लाई दी जायेगी। बहरहाल सुबह 8 बजे के करीब एल.आई.सी. क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति बहाल हो सकी। 

इस बावत जब रेनबोन्यूज ने एस.एस.ओ. रमेश कुमार शर्मा से जब बात र्की  तो उन्होंने कहा कि मौसम खराब होने की वजह से फाल्ट् आ गया था, जिससे सप्लाई बन्द करनी पड़ी। इसकी सूचना उन्होंने लाइन स्टाफ और अन्य अधिकारियों को दी थी या नहीं के जवाब में एस.एस.ओ. ने कहा कि रात में किसी अधिकारी का फोन उठता ही नहीं है, और रही बात लाइन स्टाफ की तो लाइन स्टाफ रात में नही रहते हैं, इसलिए उनको बताने का कोई मतलब नहीं। 

एस.डी.ओ. अकबरपुर सज्जाद आलम ने इस बारे में बताया कि मौसम खराब होने की वजह से कई जगह फाल्ट आ गई थी, जिससे सप्लाई बन्द थी। पूछने पर उन्होंने बताया कि रात में लाइन स्टाफ रहता है, एस.एस.ओ. रमेश शर्मा गलत कह रहे हैं कि रात में कोई लाइन स्टाफ नहीं रहता। 

अधिशाषी अभियन्ता विद्युत विनय कुमार पटेल से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने भी विद्युत व्यवधान का कारण खराब मौसम बताया। उन्होंने कहा कि कई जगह विद्युत खम्भे गिर गये थे, और इंजीनियरिंग कॉलेज के निकट स्थित उपकेन्द्र में भी गड़बड़ी के चलते ब्रेक डाउन था। जिससे सप्लाई बाधित थी। रात में उपकेन्द्र पर लाइन स्टाफ की मौजूदगी के बारे में उन्होंने बताया कि रात के लिए कोई स्पेशल गैंग नहीं है। इसके लिए कागजी लिखा-पढ़ी करके विभाग के उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया है। रात में फाल्ट आने की स्थिति में पुराने लाइन स्टाफ से ही काम लिया जाता है। 

जे.ई. रमेश मौर्य को जब कॉल करके एल.आई.सी. फीडर में हुई 13/14 मार्च 2020 की लम्बी बिजली कटौती के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि मेन फीडर में चूहा घुसने की वजह से सारी दिक्कत आई थी। इसके लिए कोटवा महमदपुर सब स्टेशन से मेन सप्लाई बन्द करानी पड़ी। काफी मशक्कत के बाद ढूढने वाले स्टाफ को चूहा मिला। उसको निकालने के बाद फीडर के उपकरण साफ किए गए तदुपरान्त सप्लाई बहाल कराई गई। 

प्रश्न यह उठता है कि अकबरपुर विद्युत उपकेन्द्र पर तैनात एस.एस.ओ. रमेश कुमार शर्मा ने विद्युत अनापूर्ति के कारण को स्पष्ट रूप से क्यों नहीं बताया। वह सच्चाई बताने के बजाय लाइनमैन और अन्य अधिकारियों के ऊपर दोषारोपण करते रहे। रमेश शर्मा एस.एस.ओ. का कथन अन्य जिम्मेदारों की अपेक्षा विरोधाभाषी क्यों था? कुछ भी हो, बात कुछ जरूर है वरना महकमे के जिम्मेदार कर्मचारी द्वारा इस तरह की बातें न कही जाती जैसा कि रमेश शर्मा ने कहीं। फाल्ट कुछ भी नहीं था, कहीं से कोई लाइन फाल्ट नहीं थी। ठीक उसी तरह जैसे खोदा पहाड़ निकली चुहिया..........।  



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