अम्बेडकरनगर: कोरोना वायरस की दवा विक्रेता को आलापुर पुलिस ने पैसे लेके छोड़ा
| - RN. Network - Mar 16 2020 1:55PM

बिचौलियों और आलापुर पुलिस की जेबें हो रही हैं भारी 

होम्योपैथिक चिकित्सक से सिपाही ने लिया 5 हजार 

सी.ओ. और एस.एच.ओ. ने कहा दिखवाता हूँ मामला

 

कोरोना वायरस ने पूरे विश्व में तहलका मचा रखा है। लोग इस संकट की घड़ी में प्राण रक्षा हेतु तरह-तरह की सावधानियाँ बरत रहे हैं, और ऊपर वाले से इस वैश्विक महामारी की चपेट में आने से बचने के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। इस समय कोरोना का भय दिखाकर अनेकों लोगों द्वारा मासूम और अल्पज्ञों से खूब धन कमाई की जाने लगी है। इस तरह की खबरें नित्य पढ़ने, सुनने और देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग धन कमाने के लिए कोरोना वाले बाबा जैसे छद्म नामों से तांत्रिक बनकर कम पैसों में ठगी जैसा व्यापार करने लगे हैं।

शासन की सख्ती के चलते कई तांत्रिक बाबा सलाखों के अन्दर भेजे जा चुके हैं। कोरोना से जहाँ हर आम-खास भयभीत है वहीं वर्दीधारी लोगों पर इसका कोई विपरीत असर नहीं देखा जा रहा है, उल्टे पुलिसजनों के लिए यह एक तरह से लाभकारी ही सिद्ध हो रहा है। जी हाँ! इस समय कोरोना वायरस से बचाव के लिए दवाएँ देने वाले व ताबीज देने वाले तथाकथित तांत्रिकों, बिचौलियों और पुलिस की गठजोड़ एक अच्छी जुगलबन्दी साबित हो रही है। 

उत्तर प्रदेश सूबे के जनपद अम्बेडकरनगर से रेनबोन्यूज को कुछ इसी तरह की खबरें मिल रही हैं। जिले के पूर्वांचल स्थित आलापुर तहसील से हाल ही में इसी तरह की एक खबर मिली है जिसके अनुसार तहसील क्षेत्र के रामनगर बाजार में एक होम्योपैथिक चिकित्सक द्वारा अपनी क्लिनिक पर ‘‘कोरोना वायरस की दवा हमारे यहाँ मिलती है’’ का एक बैनर लगाकर कोरोना वायरस की दवा बेंची जा रही है। इस मामले से सम्बन्धित खबर वायरल भी हुई परन्तु बिचौलियों और पुलिस के सहयोग और सुविधा शुल्क की रकम ले-देकर मामला रफा-दफा कर दिया गया। इस प्रकरण में थाना आलापुर के एक सिपाही ने बिचौलिये के हस्तक्षेत्र व सहयोग से कथित होम्योपैथिक चिकित्सक से 5 हजार रूपए लेकर अभयदान दे दिया। 

विवरण अनुसार बीते रविवार 15 मार्च 2020 को आलापुर क्षेत्र के रामनगर बाजार स्थित नेशनल होम्यो हाल के संचालक अब्दुल कलाम को थाना आलापुर के सिपाही प्रेम प्रकाश ने उसकी क्लिनिक आकर कहा कि चलो तुम्हे बड़े साहब बुला रहे हैं। जब अब्दुल कलाम ने पूछा कि क्या मामला है तब प्रेम प्रकाश ने बताया कि तुम कोरोना वायरस की दवा बेंचने के नाम पर गैरकानूनी धन्धा व ठगी कर लोगों को लूट रहे हो। इससे सम्बन्धित खबर वायरल हुई है। पहले थाने चलो जैसा बड़े साहब (एस.एच.ओ.) चाहेंगे वैसा होगा।

दोपहर एक बजे के आस-पास अब्दुल कलाम को सिपाही प्र्रेम प्रकाश द्वारा थाना परिसर आलापुर ले जाया गया। जहाँ बड़े साहब यानि एस.एच.ओ. बृजेश कुमार सिंह ने उससे बातचीत की और वायरल हुई खबर के बावत बढ़ा-चढ़ा कर कहा। पुलिस की शैली से भयाक्रान्त होम्योपैथ चिकित्सक अब्दुल कलाम क्या करे, क्या न करे की स्थिति में आ गया। इसी बीच पुलिस के सिपाही ने अब्दुल कलाम से 5 हजार रूपए की मांग की और कहा कि यह धनराशि मिलने पर तुम्हें छोड़ दिया जायेगा। मरता क्या न करता....अब्दुल कलाम ने अपने पड़ोसी मोबाइल व्यवसाई विनोद कुमार प्रजापति को फोन किया और 5 हजार रूपए लाने की बात की। विनोद कुमार प्रजापति रूपए लेकर थाना आलापुर गया, जिसे उसने सिपाही प्रेम प्रकाश को दिया। वांछित रूपया पाते ही सिपाही प्रेम प्रकाश ने अब्दुल कलाम को अपनी हिरासत से छोड़ दिया। 

इस मामले से सम्बन्धित खबर की पुष्टि के लिए रेनबोन्यूज ने रामनगर बाजार आलापुर स्थित नेशनल होम्योहाल के संचालक अब्दुल कलाम से दूरभाषीय सम्पर्क किया तो अब्दुल कलाम ने उक्त बातें बताई। उसने आगे कहा कि अभी तक वह आरसैनिक अल्बम-30 नामक होम्योपैथिक दवा 20-25 लोगों को 20 रूपए प्रति शीशी की दर से दे चुका है।

अब्दुल कलाम ने बताया कि गलती बस इतनी है कि मैने अपनी दुकान पर लिखवा रखा था कि- ‘‘कोरोना वायरस की दवा हमारे यहाँ मिलती है।’’ यही एक अपराध हो गया, जिसे एक स्थानीय पत्रकार ने अपने मोबाइल के कैमरे में कैद कर थाना आलापुर को भेज दिया था। इसी कारण थाना प्रभारी ने सिपाही प्रेम प्रकाश को भेजकर मुझे कोतवाली बुलवाया और वहाँ पर मुझसे प्रेम प्रकाश सिपाही ने 5 हजार रूपए की मांग किया, जिसे मेरे कहने पर मेरे पड़ोसी दुकानदार व मित्र मोबाइल विक्रेता विनोद कुमार प्रजापति ने थाना आलापुर आकर दिया, तब जाकर मुझे थाना परिसर आलापुर से निकलने दिया गया। 

इस खबर के बावत थाना कोतवाली आलापुर एस.एच.ओ. बृजेश कुमार सिंह से बात करने पर उन्होंने कहा कि अब्दुल कलाम को थाना बुलवाया गया था, जहाँ पर सी.एच.सी. आलापुर प्रभारी डॉ. एम.एल. निगम की उपस्थिति में अब्दुल कलाम को आवश्यक हिदायत देकर उसे छोड़ दिया गया। हालांकि एस.एच.ओ. के पूर्व क्षेत्राधिकारी आलापुर जगदीश लाल से दूरभाषीय सम्पर्क कर वायरल हो रही खबर से मुतालिक जानकारी दी गई, तो उन्होंने कहा कि अभी तक यह मामला उनके संज्ञान में नही है। यह एक अपराध है, इस मामले को वह दिखवाते हैं। परन्तु इन दोनों पुलिस अधिकारियों ने ऐसा कुछ नहीं किया, जिसे देखकर यह कहा जाये कि इन्हें मीडिया द्वारा कोई सूचना दी गई थी। एस.एच.ओ. बृजेश कुमार सिंह ने कोरोना वायरस से सम्बन्धित इस खबर और संलिप्त लोगों (विक्रेता, सिपाही, बिचौलिये) के प्रति कोई गम्भीरता नहीं दिखाई। 

अब प्रश्न यह उठता है कि यदि कोरोना वायरस की दवा बेचने वाला गुनहगार है तो पुलिस कितनी पाक दामन है............पैसा लेकर मामला रफा-दफा करना अवश्य ही चिन्ता का विषय है। यदि मामले की उच्च स्तरीय तटस्थ एजेन्सी से जाँच कराई जाये तो वास्तविकता खुद बखुद सामने आ जायेगी। अब्दुल कलाम (दवा विक्रेता), प्रेम प्रकाश (सिपाही आलापुर कोतवाली) बिचौलिये और अन्य पुलिसजन की भूमिका का भी सार्वजनीकरण होना चाहिए। 



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