...यहां तो बड़ी कठिन डगर है अंतिम सफर की!
| - RN. Network - Mar 16 2020 5:58PM
  • अंतिम यात्रा के मार्ग गड्ढों में तब्दील 
  • शव को दाह संस्कार के लिए ले जाने में आती है मुश्किलें 
  • आलापुर तहसील क्षेत्र में अंत्येष्टि स्थल उपेक्षित

आलापुर-अम्बेडकरनगर। (अखिलेश जायसवाल)। किसी परिजन की मृत्यु का शोक यूं ही पहाड़ टूटने जैसा होता है। ऐसे में मृत परिजन की अंतिम यात्रा की डगर उबड़ खाबड़ और गड्ढा युक्त इस कदर हो कि जितने लोग अंतिम यात्रा में शामिल हों सबकी सांसें हलक में अटक जाएं तो क्या कहेंगे ? लेकिन अंतिम संस्कार का कर्तव्य पूरा करना है तो अंतिम सफर की कठिन डगर को तय करना ही पड़ेगा। 

     जी हां! आलापुर तहसील क्षेत्र में जीवन के अंतिम यात्रा की डगर काफी कठिन है। शव लेकर अंत्येष्टि स्थल तक साथ जाने वाले लोगों को उबड़-खाबड़ भरे रास्ते से होकर गुजरना पड़ रहा है।अपनों के जाने के गम में व्यथित जनमानस को अंतिम सफर में शामिल होने के लिए जाने वाले मार्गों की मरम्मत के लिए जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन की उदासीनता अखर रही है। शवयात्रा में शामिल होने वाले खस्ताहाल मार्ग पर चलकर जख्मी हो रहे हैं। बावजूद इसके प्रशासन द्वारा सड़क निर्माण के लिए ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।

        तहसील क्षेत्र आलापुर के रामबाग और चांडीपुर श्मशान स्थल घाट पर जाने वाले सड़कों की हालत खस्ताहाल है। जगह जगह गड्ढे अंतिम यात्रा में शामिल होने वालों के धैर्य की परीक्षा लेते हैं। चांडीपुर स्थित श्मशान घाट पर जाने के लिए राहगीरों को सरयूनगर से ही नाको चने चबाने पड़ते हैं। सरयू नगर से चांडीपुर तक लगभग दो किमी की सड़क  गड्ढे में है या सड़क में गढ्ढे हैं इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। इसी मार्ग से होकर रविवार को सरयू स्नान के लिए हजारों लोग आवागमन करते हैं।

        इसी तरह रामबाग श्मशान घाट पर जाने के लिए भी राहगीरों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। दोनों ही श्मशान घाट पर अंत्येष्टि स्थल पर जाने के लिए हर मौसम में परेशानी उठानी पड़ती है। दोनों ही घाटों पर क्षेत्र के आलावा आजमगढ़ जिले के सैकड़ों गावों के शव दाह संस्कार के लिए आते हैं। इन घाटों पर रविवार को सरयू स्नान के लिए भी हजारों लोग आवागमन करते हैं। इसके बावजूद प्रशासन और जनप्रतिनिधि श्मशान घाट पर जाने वाले रास्तों की मरम्मत के लिए उदासीन है। जिसके चलते जिले के पूर्वाचल के लोगों के लिए  अंतिम सफर की डगर काफी कठिन हो गई है।

     सरयू नगर निवासी विनोद विश्वकर्मा का कहना है कि सरयू नगर से चांडीपुर घाट मार्ग सिर्फ चांडीपुर स्नान घाट या शमशान घाट मार्ग ही नहीं है यह पांच गावों का मुख्य मार्ग भी है। रास्ता खराब होने से बच्चे समय से स्कूल नहीं जा पा रहे है बरसात में बहुत दिक्कत होती है। व्यापार मंडल अध्यक्ष रमेश चन्द्र गुप्ता सुभाषचंद्र गुप्ता, राधेश्याम प्रजापति, अनिल उपाध्याय, पीएल वर्मा मायाराम प्रधान, बजरंग सिंह, श्याम बिहारी प्रजापति, सुरेश यादव, हीरामणि पांडेय सहित अन्य लोगों ने दोनों घाटों की रास्तों को बनवाये जाने की मांग की है।



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