जनता कर्फ्यू के बारे में अम्बेडकरनगर के ए.डी.एम. ने ऐसा कहा, वीडियो देखें...
| - RN. Network - Mar 20 2020 3:14PM

जनता कर्फ्यू का मुख्य उद्देश्य है लोगों को किसी दूसरे के सम्पर्क मे आकर संक्रमित होने से रोकना: डॉ. पंकज कुमार

अम्बेडकरनगर। कोरोना वायरस कितना खतरनाक है, इसे लेकर गुरूवार की शाम से जनमानस और भी ज्यादा आतंकित और आशंकित हो गया है। अब तक कोरोना का भय सता रहा था, इस भय को उस समय बढ़ावा मिला जब देश के प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी ने गुरूवार की शाम रेडियो, टीवी और अन्य प्रचार माध्यमों के जरिये देश की जनता के नाम संदेश देते हुए 22 मार्च 2020 दिन रविवार को जनता कर्फ्यू लगाने की अपील की। उनके इस संदेश के तत्काल उपरान्त जनमानस में तरह-तरह का खौफ पैदा हो गया। लोग आगामी 22 मार्च को लगने वाले जनता कर्फ्यू को लेकर अपने-अपने ढंग से बातें करने लगे हैं। लोगों में खौफ स्पष्ट रूप से देखा जाने लगा है। युवा पीढ़ी से लेकर गाँव गिराँव तक के लोग जनता कर्फ्यू के नाम से खौफजदा हैं। शायद इनमें जनता कर्फ्यू के बारे में जानकारी का अभाव है। 

कहने वालों का यह कहना है कि- कर्फ्यू तो कर्फ्यू होता है, 22 मार्च को यदि पत्ता भी हिला तो उसे गोली मार दी जायेगा। हमें दूरदराज रहने वाले लोगों ने दूरभाषीय सम्पर्क कर जनता कर्फ्यू के बारे में बताया कि आगामी 22 मार्च दिन रविवार को घर से मत निकलना। यदि घर से निकले तो पुलिस व सुरक्षा बल हाथ-पैर तोड़ कर अधमरा करके जेल में डाल देगी। इसी तरह के अनेको लोगों ने बातें कीं। जनता कर्फ्यू और कर्फ्यू में क्या अन्तर है के बारे में हर आम खास को जानकारी हो इसके लिए हमने जिला प्रशासन के मुखिया जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्र के सी.यू.जी. नम्बर पर सम्पर्क किया गया तो उनके अर्दली अतुल कुमार शर्मा ने कॉल रिसीव कर बताया कि जिलाधिकारी महोदय अभी व्यस्त हैं। जब फुरसत में रहेंगे तभी बात संभव हो पायेगी।

बहरहाल जनता कर्फ्यू के नाम पर लोगों को सांप सूंघ गया है। बाजारो, मण्डियों में सन्नाटा पसरा हुआ है। सड़कों पर आवागमन ठप्प सा होकर रह गया है। बस स्टेशन और रेलवे स्टेशनों के अलावा अन्य भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर इक्का-दुक्का लोग ही नजर आ रहे हैं। ट्रेनों, बसों व टैक्सियों में मुसाफिरों की कमी देखने को मिल रही है। चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। व्यवसाइयों का व्यवसाय प्रभावित हो गया है वहीं खेती-किसानी पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है।  

चूँकि कर्फ्यू और जनता कर्फ्यू को लेकर जनमानस में व्याप्त भ्रान्तियों की वजह से जनपद वासी आशंकित व आतंकित हो गये हैं, इसलिए जिला प्रशासन के जिम्मेदार सरोकारी की तरफ से एक संदेश इसके बावत जाना चाहिए था, अस्तु हमने अपर जिला मजिस्ट्रेट डॉ. पंकज कुमार वर्मा से सम्पर्क किया। दूरभाषीय वार्ता के दौरान ए.डी.एम. डॉ. वर्मा को जब कारण बताया गया तो उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि लोग जनता कर्फ्यू के बारे में अनजान हैं। जिसने भी फोन किया उन सबको पूरी जानकारी है। कल गुरूवार की शाम प्रधानमंत्री द्वारा देश की जनता के नाम दिया गया संदेश सभी ने देखा और सुना है।

उन्होंने जो भी बताया है, जनता कर्फ्यू का मतलब वही है। उन्होंने आगे बताया कि कर्फ्यू के आगे जनता शब्द लिखा है, तो जाहिर सी बात है कि यह कर्फ्यू जनता स्वयं लगायेगी। इसमें प्रशासन और पुलिस का कोई हस्तक्षेप नहीं रहेगा। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री का संदेश ही पर्याप्त है, फिर भी रेनबोन्यूज के जरिये बता दें कि 22 मार्च 2020 दिन रविवार को सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक लोग अपने घरों में रहें, बाहर न निकलें। इससे वैश्विक महामारी के जनक कोरोना वायरस से प्रभावित व्यक्तियों के सम्पर्क में अन्य लोग आने से बचेंगे।

14 घण्टे लोग घरों में रहेंगे तो इससे मरीजो व अन्य लोगों से सम्पर्क की एक कड़ी टूटेगी, और काफी लोग इस खतरनाक जानलेवा वायरस के सम्पर्क में आने से बचेंगे। डॉ. वर्मा के अनुसार जनता कर्फ्यू का मुख्य उद्देश्य लोगों को किसी दूसरे के सम्पर्क मे आकर संक्रमित होने से रोकने का है। यह तो रही अपर जिलाधिकारी डॉ. पंकज कुमार वर्मा की सलाह और जानकारी।

हम यहाँ जनता कर्फ्यू के बारे में थोड़ा विस्तार से बता रहे हैं। आप भी जानें क्या है जनता कर्फ्यू

-रीता विश्वकर्मा 8423242878

क्या है जनता कर्फ्यू-

पीएम मोदी ने कहा कि इस रविवार यानी 22 मार्च को सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक कोई व्यक्ति अपने घर से बाहर न निकले। इसका मतलब यह है कि देश के हर एक सदस्य को कर्फ्यू जैसे हालात पैदा करने है। इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने अपील की है कि हर व्यक्ति प्रतिदिन कम से कम 10 लोगों को फोन करके कोरोना वायरस से बचाव के उपायों को तो बताएगा ही साथ ही वे जनता-कर्फ्यू से भी लोगों को परिचित कराएगा।

पांच मिनट के लिए व्यक्त करना है आभार

मोदी ने देश के हर सदस्य से अपील की है कि रविवार को शाम के पांच बजे दरवाजे पर या अपने घरों की छतों पर जाकर पांच मिनट तक ताली या घंटा बजाएं। इस कार्यक्रम से उन लोगों का आभार व्यक्त किया जाएगा जो दिन-रात कोरोना वायरस के खिलाफ अपनी जान की परवाह न करते हुए लड़ाई लड़ रहे हैं। इसके अलावा पीएम मोदी ने लोगों को सलाह दी कि वे अस्पतालों में रूटीन चेक-अप के लिए ने जाएं, जितना हो सके उतना बचें।

जनता कर्फ्यू का क्या मकसद

प्रधानमंत्री ने बताया कि आखिर ये कर्फ्यू क्यों हमारे लिए जरूरी है। पीएम ने इस विषय पर मकसद समझाते हुए कहा कि ये 'जनता कर्फ्यू' की सफलता और होने वाले अनुभव, हमें आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार करेंगे। मोदी ने राज्यों की सरकारों  से भी आग्रह किया है वे इस जनता कर्फ्यू को सफल बनाने में सहयोग दें।   



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