पॉजिटिव बुजुर्ग ने कोरोना को किया निगेटिव
| Agency - Apr 2 2020 4:17PM

विशेषकर बुजुर्गों के लिए अधिक जानलेवा कोरोना संक्रमित को केरल के 93 वर्षीय एक बुजुर्ग ने हरा दिया है। 93 वर्षीय बुजुर्ग के कोरोना संक्रमण से रिकवर हो की खबर को अब एक चमत्कार के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन पीड़ित बुजुर्ग के परिवार ने बुजुर्ग की जल्द रिकवरी के लिए उनकी स्वस्थ जीवनशैली का योगदान बताया है। कोरोना संक्रमण से रिकवर हुए 93 वर्षीय बुजुर्ग की पहचान थामस अब्राहम के रूप में हुई है, जो केरल के पथानामथिट्टा जिले के निवासी हैं। 93 वर्षीय बुजुर्ग के साथ उनकी 88 वर्षीय उनकी पत्नी मरियम्मा भी कोरोना वायरस से संक्रमित थी। उन्हें यह संक्रमण पिछले माह इटली से लौटे उनके पुत्र, पुत्र वधु और पोते के संपर्क में आने से हुआ था और करीब दो दिन तक जिंदगी और मौत की लड़ाई जीतकर फिलहाल बुजुर्ग दंपत्ति पूरी तरह से स्वस्थ हो चुके हैं।

इटली से लौटे बुजुर्ग दंपति के पोते रिजो मोंसी ने के मुताबिक दादा और दादी के रिकवर होने के पीछे का राज उनकी स्वस्थ जीवनशैली में छिपी हुई है। उन्होंने कहा कि पथानामथिट्टा जिले के रन्नी उप-विभाग में पेशे से एक किसान थॉमस अब्राहम एक स्वस्थ व्यक्ति है, जो नशा और धूम्रपान से दूर रहते आए हैं। यहां तक ​​कि बिना कभी जिम गए उनकी शरीर में सिक्स पैक थे। कोरोना वायरस से पूरी तरह से रिकवर हो चुके बुजुर्ग थामस अब्राहम को केरल के सुपर फूड में शामिल 'पाज़ानकानजी' से बेहद लगाव है, जो चावल (दलिया), साबूदाना (टैपिओका) मिश्रण से तैयार होता है अथवा कटहल को नाश्ते में खाते थे। जब उन्हें कोट्टायम मेडिकल कॉलेज अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया तो उन्होंने वहां रहते भी हुए उन्होंने केरल सुपरफूड खाने पर अधिक जोर दिया था।

गौरतलब है खासकर बुजुर्ग लोगों के लिए बेहद घातक माने जाने वाले कोरोना वायरस से बुजुर्ग दंपत्ति का सकुशल रिकवर होकर बाहर आ जाना किसी चमत्कार से कम नहीं है। हालांकि उन्हें सुरक्षित रखने में डाक्टरों की टीम और स्वास्थ्य अधिकारियों ने भी अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। बताया जाता है कि बुजुर्ग दंपति के उपचार का नेतृत्व करने वाले डॉक्टरों के सात सदस्यीय दल के साथ 25 नर्सों समेत 40 चिकित्सा कर्मियों ने सक्रिय रूप से उपचार के विभिन्न चरणों में हिस्सा लिया था। इटली में रेडियोलॉजी क्षेत्र में काम करने वाले बुजुर्ग दंपत्ति के पोते रिजो ने बताया कि वह और उसके माता-पिता कई वर्षों से इटली में रह रहे हैं। रिजो ने महामारी के खिलाफ लड़ाई में राज्य सरकार की भी प्रशंसा की।

रिजो के मुताबिक कोरोना वायरस से संक्रमित "दादा-दादी को उम्र संबंधी जटिलताएं थीं, लेकिन नर्सों और कोट्टायम मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने अपने परिवार उनकी देखभाल की। हम वास्तव में सरकार, स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री के आभारी हैं कि हमें ऐसी देखभाल मिली। रिजो की बहन और बहनोई, दोनों नर्स और दोनो करीब 8 महीने पहले ही इटली से केरल आए थे। बकौल रिजो, "हम अगस्त में केरल आने की योजना बना रहे थे, लेकिन मेरे दादाजी ने यात्रा में फेरबदल करवाकर हमें जल्दी केरल बुला लिया। हमें जल्द ही उनसे मिलने जाना चाहिए। मुझे लगता है कि यह उनका आशीर्वाद था वरना हम सभी अभी इटली में होते।

दरअसल, रिजो के माता-पिता और दादा-दादी के अलावा, रिजो की बहन और बहनोई और उनके पिता के बड़े भाई के परिवार भी वायरस से संक्रमित लोगों में से थे। कोरोना महामारी से रिकवर हुए बुजुर्ग दंपति के तीन संतान और 7 पोते और 14 पड़ पोते होने की बात सामने आई हैं। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने दंपति को सर्वश्रेष्ठ उपचार प्रदान करने के लिए कोट्टायम मेडिकल कॉलेज के पूरे स्टाफ को बधाई दी। उल्लेखनीय है यूरोपीय देशों में इटली एक अकेला ऐसा देश है, जहां सबसे अधिक लोगों की कोरोना वायरस के संक्रमण से मौत हो चुकी है। इटली में अब तक कुल 11,500 से अधिक की मौत हुई है और 1,00,000 से अधिक संक्रमित लोगों के साथ वह सबसे मुश्किल दौर से गुजर रहा है।



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