कोरोना के नाम लिखा है पत्र
| -RN. Feature Desk - Apr 3 2020 12:35PM

आदरणीय कोरोना जी। सादर प्रणाम! हे कोरोना देवा! आप अति सूक्ष्म और वृहद विशाल हैं! आप अति शून्य और पूरा ब्रह्मांड है। आपसे हाथ धोकर निवेदन है कि प्लीज अब हमारे पीछे हाथ धो कर न पड़ें। आपसे मास्क लगाकर निवेदन है कि अब आप भी मास्क लगाकर इस धरती से विदा हो जाएं। हे कोरोना देवा! अब आप हमारी तरफ भी निगाहें न डालें। हम अब लोग अपने हाथ दिन में 10 बार धोने लगे हैं। 20 क्या पूरे 30 सेकंड तक भी हाथ धोने की प्रक्रिया में लग गए हैं। बार-बार हम सैनिटाइजर का उपयोग भी कर रहे हैं। सच्ची! अब हमें गंदगी बिल्कुल पसंद नहीं है और हर बात में साफ सफाई से रहने लगे हैं। हे विशाला! अब हमारी अक्ल भी ठिकाने आ गई है और हम बहुत-बहुत साफ सफाई से रहने लग गए हैं।

अतः आपसे निवेदन है कि आप प्लीज यहां से चले जाइएगा और इस धरती माता को छोड़ दीजिएगा। देखो ना! अब हम कितने एकांत में रहने लगे हैं। अब हम सड़कों पर इधर-उधर धींगा मस्ती भी नहीं कर रहे हैं। हम सब अपने-अपने घरों में रहकर अपने-अपने घर से ही काम को अंजाम दे रहे हैं। हम घर से बाहर हरगिज नहीं निकल रहे हैं। अब हम न तो पर्यावरण का बिगड़ा कर रहे हैं और न ही किसी चीज का नाश कर रहे हैं। अब घर के सारे सदस्य आपस में मिल बांट कर काम कर रहे हैं। सड़कों-होटलों में मौज-मस्ती व बंदर गुलाटी मारना बंद कर दिया है।

आपसे हाथ जोड़ते हुए नमस्ते कर दूर से ही निवेदन है कि आप अब प्लीज चले जाइएगा! हे कोरोना जी! अब हम सब हिंदु, मुस्लिम, सिक्ख, ईसाई आदि सभी मिलकर एक इंसानियत के मास्क में रहना सीख गए हैं। आपने यह सीख दी और हम सब सच्चे इंसान बन गए हैं। हे कोरोना; प्लीज! आप अब बात समझ जाइएगा। चले जाइएगा। अब हम सब ने डब्ल्यूएचओ के द्वारा जारी सारी गाइडलाइन को अपनाना शुरू कर दिया है। जो भी राज्य सरकार और केंद्र सरकार आपके बारे में एडवाइजरी जारी करती है उसको हम पूरे अक्षरश: पालन करने में लग गए हैं।

आपसे हाथ मिलाने की बराबरी अब हरगिज नहीं करेंगे। हाथ जोड़-जोड़कर आपसे निवेदन है कि प्लीज आप अब चले ही जाइए! हमारी उलट-पुलट बाजी और प्रकृति के साथ की गई छेड़छाड़ से आपने हमें सजा भी दे दी है और हम अब लोग सुधर गए हैं। इसलिए आपसे कातर स्वर में अनुरोध है, प्रार्थना है कि प्लीज आप चले जाइए। आप जहां कहीं भी हैं यह पत्र मैं आप तक पहुंचा रहा हूं। मुझे पता है कि आप हमारे इस निवेदन को समझोगे।

मैं इस देश-दुनिया के निवासियों की ओर से आपको विश्वास दिलाता हूं कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी की गई गाइडलाइन का हम सब लोग पालन करेंगे। सरकार के द्वारा कही गई बातों को हम लोग मानेंगे। प्रशासन द्वारा किए गए उपायों की हम सब लोग मदद करेंगे। इसलिए मैं आपको यह पत्र लिख रहा हूं। आप चले जाइएगा प्लीज! आशा है आप अपना रौद्र रूप दिखाना बंद करेंगे। आप तुरंत ही धरती माता से कहीं दूर पलायन कर जाएंगे। आपके, हम समस्त नागरिक!



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