खाद्यान्न वितरण अनियमितता में आमादरवेशपुर के कोटेदार पर मुकदमा दर्ज
| - RN. Network - Apr 5 2020 5:47PM

उचित दर दुकान के निलम्बन की संस्तुति, डी.एस.ओ. ने कोटेदारों को किया आगाह 

अम्बेडकरनगर। कोरोना महामारी-देश में लाकडाउन ऐसे में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाला खाद्यान्न गरीब लाभार्थियों को न मिलकर कोटेदारों द्वारा उसको अपने निजी स्वार्थ हेतु उपयोग कर लिया जाना या फिर कालाबाजार में बेंच दिया जाना चिन्ता का विषय तो है ही। जिले के पूर्ति विभाग द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली का खाद्यान्न लाभार्थियों को मिले और विक्रेताओं द्वारा की जा रही अनियमितता की शिकायत पर जाँच हो इन सबके बारे में विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शिकायत मिलने पर त्वरित ढंग से विभाग के अधिकारी सक्रिय होकर खाद्यान्न वितरण व्यवस्था की जाँच करते हैं।

किसी भी तरह की की जा रही अनियमितता पर विक्रेता का अनुबन्ध या तो समाप्त कर दिया जाता है अथवा निलम्बित कर दिया जाता है। इसी के साथ हेरा-फेरी करने वाले कोटेदारों के खिलाफ थानों में मुकदमे भी पंजीकृत कराये जाते हैं। इसी तरह का एक मामला  जिले में इस समय चर्चा का विषय बना हुआ है। आलापुर तहसील क्षेत्र के विकास खण्ड रामनगर अन्तर्गत ग्राम पंचायत आमादरवेश पुर के कोटेदार के विरूद्ध थाना आलापुर में धारा 3/7 के अन्तर्गत मुकदमा पंजीकृत कराया गया है, साथ ही पूर्ति विभाग के सक्षम अधिकारी द्वारा जाँचोपरान्त प्राप्त आख्या के अनुसार विभागीय कार्यवाही के अन्तर्गत दुकान का अनुबन्ध-पत्र निलम्बित किए जाने की संस्तुति की गई है।

 विवरण अनुसार 4 अप्रैल को आलापुर स्थित पूर्ति कार्यालय प्रभारी/क्षेत्रीय पूर्ति अधिकारी अमरजीत सिंह वैश्य के नेतृत्व में दो सदस्यीय जाँच टीम द्वारा ग्राम पंचायत आमादरवेशपुर के उचित दर विक्रेता जयराम यादव के कोटे की दुकान की जाँच बावत खाद्यान्न वितरण किया गया। जाँच के समय जाँच अधिकारियों को उक्त दुकान पर माह मार्च 2020 के खाद्यान्न का सम्पूर्ण वितरण नहीं किया जाना पाया गया और माह मार्च 2020 के अवशेष खाद्यान्न को अप्रैल 2020 में वितरण करने के बाद बहुत से कार्ड धारक लाभार्थियों को माह अप्रैल में भी खाद्यान्न नहीं दिये जाने जैसी अनियमितता पाई गई।

इसके अलावा गहन जाँच उपरान्त उचित दर दुकान पर मार्च माह के वितरण के भौतिक सत्यापन में विक्रेता के गोदाम में कुल 69 बोरी सापेक्ष 11 बोरी गेहूँ व 46 बोरी के स्थान पर 14 बोरी चावल ही अवशेष उपलब्ध पाया गया। इस प्रकार विक्रेता को माह अप्रैल के सापेक्ष आवण्टित खाद्यान्न से वितरण और गोदाम में उपलब्ध अवशेष स्टाक घटाने के बाद गेहूँ 58 बोरी एवं चावल 32 बोरी स्टाक से कम पाया गया। जाँच अधिकारी ए.आर.ओ. अमरजीत सिंह वैश्य के अनुसार उक्त कोटेदार की शिकायत 3 अप्रैल 2020 को प्राप्त हुई थी, जिस पर उनके नेतृत्व में दो सदस्यीय टीम ने 4 अप्रैल को अपरान्ह 2 बजे उचित दर दुकान, आमादरवेशपुर जाकर जाँच किया। जाँच के दौरान शिकायत सही पाये जाने पर उचित दर विक्रेता के खिलाफ उपरोक्त कार्रवाई की गई।

ए.आर.ओ. ने बताया कि जाँच के दौरान उचित दर विक्रेता जयराम यादव मौके पर उपस्थित मिले। जाँच टीम को मशीन का अवलोकन कराया गया। मशीन ठीक-ठाक दशा में मिली। ए.आर.ओ. के अनुसार आमादरवेशपुर के उचित दर विक्रेता जयराम यादव से गेहूँ और चावल जैसे खाद्यान्न का स्टाक गोदाम में कम क्यों है पूछने पर उसने बताया कि घरेलू परेशानी के कारण माह अप्रैल 2020 के खाद्यान्न का दुरूपयोग कर लिया गया, जिसे वह 2 दिन में पूरा कर लेगा। उन्होंने कहा कि उचित दर विक्रेता का उक्त कृत्य उ.प्र. आवश्यक वस्तु (विक्रय एवं विनियमन के नियंत्रण) के आदेश 2016 का स्पष्ट उल्लंघन है। जो आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध है।

उचित दर विक्रेता के गोदाम से बरामद 11 बोरी गेहूँ व 14 बोरी चावल को जाँच टीम के नेतृत्वकर्ता ए.आर.ओ. अमरजीत सिंह वैश्य द्वारा कब्जे में लेकर उसे आमादरवेशपुर निवासी अनिल कुमार सिंह की सुपुर्दगी में सुरक्षित रख दिया गया। ए.आर.ओ. ने अनिल कुमार सिंह को खाद्यान्न सुपुर्दगी के साथ ही यह निर्देश दिया कि वह अपनी अभिरक्षा में उक्त 25 बोरी खाद्यान्न को सुरक्षित रखेंगे तथा सक्षम प्राधिकारी/न्यायालय द्वारा मांगे जाने पर उसी गुण एवं मात्रा में प्रस्तुत करेंगे।

इसकी पुष्टि जिलापूर्ति अधिकारी राकेश कुमार ने की है। उन्होंने समस्त उचित दर विक्रेताओं को आगाह करते हुए कहा कि खाद्यान्न वितरण में किसी तरह की लापरवाही, अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिकायत मिलने पर त्वरित ढंग से कार्रवाई की जाएगी।



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