बचपन की अक्षय तृतीया
| -RN. Feature Desk - Apr 26 2020 4:34PM

-स्मिता जैन

बहुत याद आती हैं
वो बचपन की अकती
वो ढेर सारी तैयारिया
गुड्डे गुड़िया को सजाने कीखातिर
कपड़ो की कतरने ढूढ़ना
मम्मियों के वैनिटी  बॉक्स से
बिंदी, चूड़ी माला को लेना
सहेलियों के साथ मिलकर
उन्हें सजाने की होड़
मेरी बाली तुमसे सुंदर
गर्मियों की छुटियों की मस्ती
बर्फ के गोले, आइस क्रीम की ठंड़ाई
आम के बगीचे से आम की चोरी
चने की दाल, भजिया, मिठाई
बरगद की पूजा
अकती का गीत
वो हँसी ढ़िढोली
ढेर सारे दोस्तों
और भाई बहिनों के संग मनाई
वो अकती।



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