अम्बेडकरनगर : लाकडाउन में भी नहीं बन्द हुईं गुटखा व पान-मसाला निर्माण इकाइयाँ 
| - RN. Network - May 4 2020 6:15PM

-रीता विश्वकर्मा

यहाँ अब भी वर्दी के सहयोग से चल रही हैं कैंसर उत्पादक फैक्ट्रियाँ

कोरोना वायरस- कोविड-19- वैश्विक महामारी- लाकडाउन.........आदि....आदि......आदि। नियम कानून- प्रतिबन्ध- बन्दी कोई फर्क नहीं। पूरे 40 दिन की अवधि में खाने-पीने के शौकीनों को दारू, मीट, मटन-चिकन, अण्डा-ऑमलेट, मछली सब कुछ उपलब्ध। कैसा लॉकडाउन, कैसी बन्दी, कैसा प्रतिबन्ध। जी हाँ! लोगों ने मार्च की 25 तारीख से वर्तमान तक शराब से लेकर हर प्रतिबन्धित वस्तुओं को आसानी से कुछ अधिक पैसे देकर प्राप्त किया और उपयोग में लाया। 

हम बात कर रहे हैं उत्तर प्रदेश सूबे के जनपद अम्बेडकरनगर की। यहाँ के मुख्यालयी शहर अकबरपुर और सटे उपनगर शहजादपुर में पान-मसाला, गुटखा और बीड़ी, सिगरेट आसानी से लोगों को मिलते रहे। हालांकि उपभोक्ताओं द्वारा यह कहा गया कि प्रतिबन्ध के बावजूद ये दुकानें आधी खुली रहती हैं और महंगे दामों पर शौकीन उपभोक्ताओं को मिलती हैं। 

राज्य सरकार ने पान-मसाला और गुटखा निर्माण व उसकी बिक्री पर प्रतिबन्ध लगा दिया है। परन्तु यह सब कागजी, यानि सरकारी फाइल के पन्नों में। यहाँ पान, गुटखा, मसाला, तम्बाकू, खैनी, नशीली वस्तुएँ सभी मिल जाती हैं बस पैसे थोड़ा अधिक खर्चने पड़ते हैं। अकबरपुर के उपनगर शहजादपुर एवं आस-पास के आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर पान-मसाला बनाने वाली फैक्ट्रियाँ धड़ल्ले से चल रही हैं। और बड़े पैमाने पर गुटखा का निर्माण हो रहा है।

इस निर्माण और फैक्ट्री संचालन को अवैध कहा जा सकता है परन्तु वर्दी के सहयोग से पान मसाला, गुटखा निर्माण इकाइयाँ निर्बाध चल रही हैं। शहजादपुर के प्रमुख गुटखा उत्पादनकर्ता और पुलिस गठजोड़ सर्वविदित है। कुछ मीडिया के लोगों ने पैसों की बहती गंगा में हाथ धोने की कोशिश भी की। शायद कुछ लोग सफल भी रहे और कुछ नाकामयाब।

पुलिस तो पुलिस जिस पर वर्दी की कृपा हो उसका कोई क्या कर सकता है। ठीक इसी तरह गुटखा निर्माता द्वारा आधे दर्जन से अधिक फैक्ट्रियों का संचालन लाकडाउन की स्थिति में भी करके उत्पादन जारी रखा गया और जनपद व बाह्य स्थानों पर गुटखों की खेप सप्लाई की गई, जो अब भी जारी है। 

किसकी क्या मजाल की वह धन्ना सेठ गुटखा उत्पादक और पुलिस की दोस्ती के बीच आ सके। जी हाँ, जिसको भी वास्तविकता पता करना हो वह शहजादपुर व इसके इर्द-गिर्द स्थानों पर जाकर देखे। स्वमेव पता चल जायेगा कि पान-मसाला व गुटखा निर्माण इकाइयाँ किस गति से चल रही हैं। 

रिपोर्ट- रीता विश्वकर्मा
8423242878



Browse By Tags



Other News