बिहारशरीफ मे 3 जून के बाद रोटेशन के आधार पर ही खुल सकेंगी दुकाने 
| - RN. Network - May 20 2020 3:48PM

-संजय कुमार

बिहारशरीफ। लॉकडाउन में नगर निगम अंतर्गत बिहारशरीफ शहरी क्षेत्र में लोगों के बीच दुकान खुलने की चल रही संशय को डीएम योगेन्द्र सिंह ने मंगलवार को क्लीयर कर दिया है। डीएम योगेन्द्र सिंह ने कहा कि कंटेन्मेंट जोन बिहारशरीफ में पूर्व की तरह लॉकडाउन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार के गाइड लाइन्स के अनुसार कोरोना के आखरी पॉजिटिव मरीज के निगेटिव आने के 28 दिन बाद ही कंटेंमेंट जोन में दुकान खोलने का नियम है। 

डीएम ने बताया कि 5 मई को निगेटिव का आखिरी केस आया था। उन्होंने कहा कि 5 मई से 28 दिन तक यदि कंटेन्मेंट जोन में यदि कोई केस नहीं आया तो 03 जून से रोटेशन के आधार पर बिहारशरीफ में दुकानें खुल सकेगी। यदि इस बीच कंटेन्मेंट जोन में कोई नए केस आए तो इसका दायरा बढ़ जाएगा। इस तरह से पिछले कई दिनों से दुकान खुलने की कयास लगाए बैठे लोगों को डीएम ने स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने कहा कि 3 जून को रोटेशन पर दुकान खोलने की नियमानुसार सारी शर्तें लागू कर दी जाएगी। कौन सही दुकान किन-किन दिन खुलनी है और कितने समय तक इसके बारे में जिला प्रशासन स्पष्ट कर देगी।

 उन्होंने कहा कि कंटेन्मेंट जोन में आवश्यक वस्तुओं की दुकानें यथा दवा, किराना व सब्जी-फल की दुकानें निर्धारित समय तक खुले रहेंगे। वहीं कंटेन्मेंट जोन के दायरे से बाहर आए अन्य दुकानें रोटेशन पर पूर्व के आदेशानुसार खुलेंगे। उन्होंने बताया कि इस नियम का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों पर सीधे एफआइआर होगी। हुनर के आंकलन के आधार पर अप्रवासी मजदूरों को मिलेगा रोजगार कोरोना के कारण बिखरी व्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने की चेष्टा की जा रही है।

ग्रामीणों को रोजगार के अवसर मिल सके इसके लिए चल रही तमाम विकास योजनाओं में क्षेत्रीय लोगों को लेने का सरकार ने निर्देश दिया है ताकि गरीबों के समक्ष रोजी-रोटी की समस्या उत्पन्न नहीं हो सके। वहीं जिले में अप्रवासी मजदूरों के आने का सिलसिला जारी है। अब तक 13 हजार 1 सौ 16 मजदूर यहां आ चुके हैं। अभी कई हजार लोगों के आने की संभावना है। ऐसे में आने वाले दिनों में रोजगार की मांग सबसे अधिक होगी। मंगलवार को प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के अंतर्गत डीएम की अध्यक्षता में बैठक की गई। जिसमें अप्रवासी मजदूरों के लिए रोजगार मुहैया करने पर विचार किया गया।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीएम ने कहा कि अप्रवासी मजदूरों के स्कील की जांच के बाद उसे अंक दिए जाएगा। अंक के आधार पर ही उन्हें रोजगार दिया जाएगा। योजना का लाभ लेने वाले मजदूरों को जाति प्रमाण-पत्र, शैक्षिक प्रमाण पत्र, मुखिया के द्वारा निर्गत अनापत्ति प्रमाण पत्र तथा दो फोटो भी देना होगा। कहा कि यह योजना स्कोर वेस्ड है। विभिन्न प्रदेशों से आए कुशल मजदूरों को उनकी योग्यता के आधार पर रोजगार मुहैया कराया जाएगा।

नालंदा से संवाददाता संजय कुमार की रिपोर्ट-



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