अम्बेडकरनगर जिले के स्कूलों में छात्र-छात्राओं की फीस पूरी माफ हो: सूरज गुप्ता
| - RN. Network - May 22 2020 12:34PM

संकल्प के संस्थापक युवा समाजसेवी ने की जिलाधिकारी से मांग

कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव हेतु देश में इस समय लाकडाउन-04 चल रहा है। 2 माह की पूर्ण रूप से बन्दी की वजह से हर आम खास आर्थिक रूप से परेशान हो चुका है। कल-कारखाने व व्यवसायिक दुकान-प्रतिष्ठ बन्द होने के चलते आम आदमी के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया। हालांकि 2 माह उपरान्त लाकडाउन-04 में सशर्त ढील दी गई है, परन्तु सोशल डिस्टैन्सिंग की वजह से स्कूल कॉलेज अब भी बन्द चल रहे हैं। नन्हें-मुन्नों से लेकर सीनियर क्लासेज में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की पढ़ाई ठप्प सी हो गई है। कहने को ऑनलाइन क्लासेज चलाई जा रही हैं, परन्तु विद्यालयी क्लास और इस तरह के डिजिटल क्लास में काफी अन्तर होता है। विद्यालय विद्यालय होता है और मोबाइल, कम्प्यूटर जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण उपकरण होते हैं। 

इन सबके अलावा एक अहम बात यह है कि सरकार द्वारा लाकडाउन की अवधि में जबकि समस्त विद्यालय बन्द चल रहे हों, में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की फीस माफी की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। लोगों को पहले यह उम्मीद थी कि सरकार ऐसा आदेश/निर्देश जारी करेगी जिसमें आर्थिक तंगी झेल रहे लोगों को विद्यालयी फीस से निजात मिलेगी। परन्तु 2 माह बीत जाने के बाद भी इस आशय का कोई स्पष्ट आदेश सरकार द्वारा जारी नहीं किया गया है। नतीजा यह है कि नित्य-नियमित महंगे निजी कॉन्वेन्ट टाइप के विद्यालयों से हर अभिभावक के मोबाइल पर कॉल व मैसेज कर फीस अविलम्ब जमा किये जाने की बात कही जा रही है। ऐसे में आर्थिक तंगी झेल रहे अभिभावक तनावग्रस्त होने लगे हैं। 

इन सब समस्याओं को लेकर उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर जनपद के निवासी युवा समाजसेवी सूरज कुमार उर्फ बन्टी गुप्ता ने विद्यालयों के इस रवैय्ये के खिलाफ आवाज उठाना शुरू कर दिया है। इस क्रम में उन्होंने मुख्यालयी शहर अकबरपुर के सर्वाधिक पुराने व महंगे अंग्रेजी माध्यम के स्कूल सेन्ट पीटर्स के प्रबन्धतन्त्र और प्रधानाचार्य का ध्यान आकृष्ट कराते हुए मीडिया के जरिये फीस माफी की तत्काल घोषणा किये जाने की मांग किया था। मई माह के शुरूआती दिनों में ही सूरज कुमार उर्फ बन्टी गुप्ता द्वारा यह पहल शुरू की गई थी। उनकी पहल के बावजूद अभी तक कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकल सका। जिससे वह अभिभावकों की समस्या को लेकर काफी परेशानहाल हैं। 

सेन्ट पीटर्स स्कूल अकबरपुर के रवैय्ये से अभिभावक तनाव में : सूरज कुमार 

रेनबोन्यूज से वार्ता करते हुए संकल्प मानव सेवा संस्था के संस्थापक सूरज कुमार उर्फ बन्टी गुप्ता ने कहा कि कोविड-19 की महामारी से जनपद का हर नागरिक पीड़ित है, और लाकडाउन-04 में कोरोना धनात्मक मामलों में अप्रत्याशित वृद्धि हो रही है, ऐसे में जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए छात्र-छात्राओं की फीस माफी अति आवश्यक है। कोविड-19 के संक्रमण से पूरा देश/प्रदेश व जनपद में लाकडाउन है। इस परिस्थिति ने आम जनमानस की कमर तोड़ दी है। सूरज कुमार ने कहा कि शिक्षा विभाग के अनुसार 2020-21 का शिक्षा-सत्र अप्रैल माह से ही शुरू होना था, जो लाकडाउन की वजह से सम्भव नहीं हो सका। 

जिले के युवा समाजसेवी सूरज कुमार उर्फ बन्टी गुप्ता ने कहा कि इस जिले और आस-पास के कई जिलों में विद्यालयी प्रबन्धतन्त्र द्वारा 3 माह (अप्रैल, मई, जून) की फीस पूर्णतया माफ कर दी गई है। परन्तु अम्बेडकरनगर में अपवाद को छोड़कर लगभग सभी विद्यालयों द्वारा ससमय फीस जमा करने की मांग एस.एम.एस. या कॉल करके की जा रही है। यह अत्यन्त चिन्ता का विषय है। सूरज गुप्ता ने कहा कि इसके लिए जिला प्रशासन को सख्त होना पड़ेगा। चाहिए यह कि जिलाधिकारी के हस्ताक्षर से 3 माह की फीस माफी का आदेश जारी किया जाये। ऐसा होने पर ही निजी महंगे विद्यालयों के प्रबन्धतन्त्र पर कुछ असर पड़ेगा और अभिभावकों को राहत मिलेगी। 

समाजसेवी सूरज कुमार ने कहा कि जारी आदेश से जहाँ छात्र-छात्राओं के अभिभावकों को राहत मिलेगी वहीं यह पैसा बच्चों के उचित आहार और पोषण पर खर्च हो सकेगा। इस तरह हर आम आदमी कोविड-19 जैसी महामारी से लड़ने की क्षमता प्राप्त कर सकेगा। समाजसेवी बन्टी गुप्ता ने कहा कि अप्रैल, मई, जून की फीस माफी का आदेश तत्काल जारी कर जिलाधिकारी जिले के आर्थिक रूप से तंग चल रहे तमाम अभिभावकों को राहत प्रदान करें। उन्होंने अकबरपुर के सेन्ट पीटर्स स्कूल के प्रबन्धतन्त्र के रवैय्ये की तरफ ध्यान दिलाते हुए कहा कि जिले के हाकिम को चाहिए कि इस सर्वाधिक महंगे व पुराने अंग्रेजी माध्यम के स्कूल के प्रबन्धतन्त्र के रवैय्ये पर अंकुश लगायें। इसके लिए जनहित में उन्हें फीस माफी का एक आदेश जारी करना चाहिए। साथ ही एस.एम.एस. व कॉल करके अभिभावकों से फीस वसूली का दबाव बनाने पर नियंत्रण लगाना चाहिए। 

सेन्ट पीटर्स स्कूल के निरंकुश प्रबन्धतन्त्र का रवैय्या लाकडाउन में तंगहाल अभिभावकों को तनावग्रस्त कर रहा है। जिलाधिकारी को चाहिए कि वह संवेदनशीलता का परिचय दें और संवेदनहीन बने स्कूल प्रबन्धतन्त्र द्वारा अभिभावकों पर फीस के लिए बनाये जा रहे दबाव का खात्मा करें। अन्यथा की स्थिति में यानि जिला प्रशासन के मुखिया द्वारा इस समस्या पर ध्यान न दिये जाने पर जनाक्रोश बढ़ सकता है, और सेन्ट पीटर्स स्कूल प्रबन्धतन्त्र/प्रधानाचार्य के खिलाफ अभिभावक लामबन्द होकर फीस माफी के लिए धरना-प्रदर्शन जैसा सत्याग्रह शुरू कर सकते हैं। 



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