अम्बेडकरनगर : अकबरपुर में विद्युत कटौती से मचा हाहाकार
| - Rainbow News Network - May 23 2020 1:46PM
  • बीती रात एल.आई.सी. फीडर की विद्युत आपूर्ति 4 घण्टे तक रही बाधित
  • लाकडाउन-04 में शुरू हो गया विद्युत व्यवधान
  • जे.ई., एस.डी.ओ., एक्स.ईएन. और एस.ई. का गैर जिम्मेदाराना रवैय्या बना कष्टकारी

अम्बेडकरनगर। बीते लगभग 60 दिनों यानि 2 माह तक ठीक-ठाक चलने वाली विद्युतापूर्ति लाकडाउन-04 में बेपटरी होना शुरू हो गई है। जिला मुख्यालय अकबरपुर शहर की विद्युत व्यवस्था इस समय बदहाल स्थिति में पहुँच गई है। विद्युत वितरण खण्ड अकबरपुर में कार्यरत जिम्मेदार विद्युत अभियन्ताओं की दशा कुम्भकर्णी निद्रा लेने वालों जैसी हो गई है। 2 माह तक जब सभी कल-कारखाने बन्द थे ऐसे में बिजली की खपत मात्र घरेलू उपभोक्ताओं द्वारा की जा रही थी, तब व्यवधान लगभग न के बराबर हो गया था। जैसे-जैसे लाकडाउन-04 में गतिविधियाँ शुरू हो गईं, वैसे-वैसे बिजली की खपत बढ़ने लगी। अब हालत यह है कि कहीं तार टूट रहा है, कहीं ट्रान्सफार्मर फुंक रहा है तो कहीं केबिल जल रही है। इसके परिणाम स्वरूप विद्युत अनापूर्ति की स्थिति में खामियाजा आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। उधर कुम्भकर्णी निद्रा में लीन अवर अभियन्ता, उपखण्ड अधिकारी, अधिशाषी अभियन्ता और मुख्यालय स्थित विद्युत वितरण खण्ड परिसर अकबरपुर के चैम्बर में बैठने वाले अधीक्षण अभियन्ता उपभोक्ताओं की समस्याओं पर ध्यान देने को कौन कहे, सुनना भी पसन्द नहीं कर रहे। 

गत शुक्रवार 22 मई 2020 की सायं लगभग 6.30 बजे अकबरपुर के एल.आई.सी. फीडर की विद्युत आपूर्ति ठप्प हो गई। गर्मी में बिलबिलाते लोगों की समस्या को अकबरपुर स्थित विद्युत विभाग के किसी भी अभियन्ता ने जिम्मेदारी पूर्वक सुनना भी गवारा नहीं समझा। हालांकि लगभग 4 घण्टे उपरान्त रात्रि साढ़े 10 बजे विद्युत आपूर्ति बहाल हो सकी। तब जाकर एल.आई.सी. फीडर से जुड़े उपभोक्ताओं ने राहत की सांस ली। इस बीच टेलीफोनिक सम्पर्क कर समस्या के बावत जानकारी आदान-प्रदान करने वाले उपभोक्ताओं को निराश ही होना पड़ा। उपभोक्ताओं के अनुसार विद्युत उपकेन्द्र अकबरपुर के नियंत्रण कक्ष का सी.यू.जी. नम्बर लगातार व्यस्त बताता रहा। अवर अभियन्ता अकबरपुर नगर रमेश मौर्य से सम्पर्क करने वालों को काफी निराश होना पड़ा।

उपखण्ड अधिकारी सज्जाद खान के सी.यू.जी. नम्बर पर लगातार घण्टी बजने के बाद भी नो हैल्लो, नो हाय.....यानि सभी कुछ सन्न-सपाट। कॉल रिसीव करना और प्रापर रिस्पांस देना एस.डी.ओ. हाइडिल अकबरपुर खान साहब की आदत नहीं। अधिशाषी अभियन्ता.............अरे बाप रे बाप.........। इस अभियन्ता का रूतबा, बात करने का तरीका और एटीट्यूड किसी भी बड़े हाकिम से कम नहीं। वह भी फिरंगियों के जमाने जैसा। नाम विपिन कुमार पटेल। युवा अभियन्ता, अनुभव की कमी, अकबरपुर जैसे महत्वपूर्ण विद्युत वितरण खण्ड में अधिशाषी अभियन्ता पद की जिम्मेदारी। समझ में नहीं आता कि यू.पी.पी.सी.एल. के किस अक्लमन्द उच्च ओहदेदार ने इस युवा अभियन्ता को यहाँ का चार्ज दे दिया।

तात्पर्य यह कि आम उपभोक्ताओं को बिजली सम्बन्धी जानकारी के बावत इस अभियन्ता से बात करने में लोहे के चने चबाना पड़ता है। अधीक्षण अभियन्ता विद्युत के पद पर तैनात ए.के. दोहरे जैसे वरिष्ठ विद्युत अभियन्ता के बारे में क्या कहा जाये.....। इनको आदमी से एलर्जी है। ऐसा इनके हाव-भाव से प्रतीत होता है। बोल-चाल शुद्ध खांटी पुलिसिया अन्दाज में। रूतबा-रूआब फिरंगी शासनकाल जैसा। इनका सी.यू.जी. नम्बर कभी उठा ही नहीं। शायद जिला कलेक्टर की तरह उसे उठाने वाला इनके पास अर्दली की व्यवस्था नहीं। यदि अर्दली होता तो फोन उठाकर यह जरूर कहता कि साहब अभी व्यस्त हैं, बाद में बात करो। बहरहाल! इन सभी बिजली विभाग के ओहदेदार महारथियों के बारे में जो भी कहा जाये या लिखा जाये वह कम ही होगा। 

एल.आई.सी. फीडर की सप्लाई साढ़े छः बजे बन्द हुई। 1 घण्टे तक प्रतीक्षा करने वाले लोगों को जब गर्मी से राहत नहीं मिली तब उन्होंने रेनबोन्यूज के माध्यम से ठप्प हुई बिजली का कारण जानने का प्रयास किया। रेनबोन्यूज ने सर्वप्रथम विद्युत उपकेन्द्र अकबरपुर के कन्ट्रोल रूम सी.यू.जी. 9453005212 पर सम्पर्क किया, तो वह लगातार व्यस्त बताता रहा। फिर अवर अभियन्ता अकबरपुर रमेश मौर्य के सी.यू.जी. नम्बर- 9415901486 पर कॉल किया गया तो कई प्रयास के उपरान्त सम्पर्क सम्भव हो सका। उन्होंने बताया कि फाल्ट ट्रेस किया जा रहा है, अभी तक पता नहीं चल पाया है। फाल्ट मिल जाये तो ठीक करवाकर बिजली बहाल की जायेगी। फिर एक घण्टे उपरान्त किसी तरह सम्पर्क करने में सफलता हासिल हुई तब अवर अभियन्ता विद्युत रमेश मौर्य ने कहा कि फाल्ट मिल गया है, इल्तिफातगंज रोड पर 11 हजार का तार टूटा था वह ठीक हो रहा है, अब महानगर कॉलोनी में केबिल जल गई है उसे ठीक करने के बाद बिजली मिलेगी, अभी थोड़ा समय लगेगा। इनसे बात करने के एक घण्टे उपरान्त अधिशाषी अभियन्ता विपिन कुमार पटेल के सी.यू.जी. नम्बर- 9415901485 पर सम्पर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि कौन बोल रहे हैं? नाम बताकर समस्या के बावत बताने पर एक्स.ईएन. द्वारा कहा गया कि- 2 महीने तक बिजली की कोई गड़बड़ी नहीं थी, आज जब हो गई तब शिकायत कैसी.........अभी एक ही घण्टा हुआ है, तार टूटा था, केबिल जली थी, ठीक कराई जा रही है, सब्र रखिये, त्रुटियाँ ठीक होने पर बिजली दी जायेगी। 

यहाँ बता दें कि इन महानुभाव के टेलीफोनिक सम्पर्क के साथ ही बीच-बीच में एस.डी.ओ. अकबरपुर के सी.यू.जी. नम्बर 9415901495 और एस.ई. विद्युत के सी.यू.जी. नम्बर- 94159001494 पर सम्पर्क करने का कई बार प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली।  ..........और अन्ततः एल.आई.सी. फीडर अकबरपुर से सम्बद्ध क्षेत्रों के प्रचण्ड गर्मी में बिलबिला रहे विद्युत उपभोक्ताओं को उस समय राहत मिली जब 4 घण्टे उपरान्त राल लगभग  10.30 बजे क्षेत्र की बिजली बहाल हुई। ऐसे हैं अकबरपुर बिजली महकमे के जिम्मेदार बिजली इंजीनियर। इसके कार्य करने का तरीका यदि यही रहा तो लाकडाउन-04 की ढील में सशर्त होने वाली समस्त गतिविधियों की वजह से बिजली सप्लाई में छोटा-बड़ा हर तरह का फाल्ट आता रहेगा। इन सबके गैर जिम्मेदाराना रवैय्ये का खामियाजा किसी हद तक ही उपभोक्ता भुगतेगा,  ऐसा कहा जा रहा है कि बिजली विभाग के गैर जिम्मेदार ओहदेदारों की वजह से जब बिजली की गड़बड़ियाँ यथाशीघ्र नहीं दूर कराई जायेंगी तब विद्युत उपकेन्द्र अकबरपुर, अवर अभियन्ता विद्युत अकबरपुर, उपखण्ड अधिकारी विद्युत अकबरपुर, अधिशाषी अभियन्ता विद्युत अकबरपुर और अधीक्षण अभियन्ता विद्युत के कार्यालयों पर सोशल डिस्टैन्सिंग की अनदेखी करते हुए समस्याग्रस्त विद्युत उपभोक्ताओं की भीड़ यानि सोशल गेदरिंग होने लगेगी। इस तरह की दुःखद स्थिति और कोरोना वायरस कोविड-19 के संक्रमण को बढ़ावा देने का इल्जाम भी इन गैर जिम्मेदार विद्युत अभियन्ताओं पर लगेगा।  



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