अम्बेडकरनगर : अकबरपुर नगर क्षेत्र में गहराया घोर पेयजल जलसंकट
| - RN. Network - May 26 2020 4:09PM
  • विस्तारित नपा क्षेत्र के नगरजन तरस रहे हैं बूंद बूंद पानी को
  • नपाप और जलनिगम के बीच पिस रहे हैं अमृत योजना के पात्र नगरजन

अम्बेडकरनगर। भीषण गर्मी शुरू होते ही नगर पालिका अकबरपुर क्षेत्र में पेजजल संकट गहराने लगा है। गर्मी के साथ ही लगातार गिरने वाले जलस्तर से जहाँ साधारण हैण्डपम्पों ने पानी देना बन्द कर दिया है वहीं अकबरपुर नगर पालिका द्वारा की जाने वाली वाटर सप्लाई भी चरमरा कर रह गई है। नगर के तमसा मार्ग, मीरानपुर व आस-पास के अन्य क्षेत्रों में नगर पालिका द्वारा की जा रही जलापूर्ति लगभग ठप्प सी होकर रह गई है जिससे लोगों को पानी की एक-एक बूंद के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। नगर जनों द्वारा इसकी कई बार शिकायत की गई, परन्तु जिम्मेदारों के कानों पर जूँ नहीं रेंग रही है। 

अकबरपुर के फैजाबाद मार्ग स्थित रसूलाबाद, हौजपट्टी, बौद्धविहार कॉलोनी, तमसा मार्ग, मीरानपुर, पेवाड़ज्ञ, मुरादाबाद, बनगाँव रोड आदि क्षेत्रों की लगभग 50 हजार आबादी के समक्ष इस समय घोर पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है। बीते कुछ दिनों से पालिका परिषद के लचर जलापूर्ति के कारण इन क्षेत्रों के लोगों को बूंद-बूंद पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। इस बावत नागरिकों ने कई बार शिकायत की, परन्तु न तो जलकल विभाग के जिम्मेदारों ने इसे गम्भीरता से लिया और न ही अधिशाषी अधिकारी व नगर पालिका अध्यक्ष ने। ऐसे में नगरजन अपनी समस्या किससे कहें नहीं समझ पा रहे हैं। 

अधिशाषी अधिकारी ने कोरोना काल में आइसोलेट रहकर साधा मौन

जल संकट एवं अन्य नगरीय सुविधाओं के बावत जब रेनबोन्यूज ने अधिशाषी अधिकारी सुरेश कुमार मौर्य से दूरभाषीय सम्पर्क कर जानकारी हासिल करना चाहा तो उन्होंने फोन कॉल रिसीव ही नहीं किया। यह क्रम पिछले एक माह से जारी है। कभी भी ई.ओ. नगर पालिका अकबरपुर द्वारा रेनबोन्यूज की फोन कॉल्स को रिसीव ही नहीं किया जाता है। ई.ओ. सुरेश कुमार मौर्य के इस तरह के रवैय्ये की व्यापक रूप से चर्चा हो रही है। कई पालिका कर्मियों ने कहा कि साहब कोविड-19 से बचाव हेतु किसी की मोबाइल कॉल नहीं स्वीकार करते हैं। और न ही किसी से मिलते हैं। अपने मुँह पर मास्क हमेशा लगाये रहते हैं। दिन भर में दर्जनों बार हाथ को साबुन धोते हैं और सैनिटाइज करते हैं।

रही बात नगर जन की तो यह सब चेयरमैन को देखना चाहिए। साहब राजकीय अधिकारी हैं। 3 साल हो गया, बड़े ठाट-बाट रूतबा-रूआब के साथ यहाँ के ई.ओ. पद पर बने रहे, यही नहीं, शुरूआती दिनों में साहब के जिम्मे पाँचों नगर निकाय क्षेत्र की जिम्मेदारी भी थी, जिसे उन्होंने बखूबी निवर्हन किया। स्थानीय प्रशासन से लेकर सत्ता के गलियारों में इनका अच्छा-खासा नाम लिया जाता रहा है। रही मीडिया की बात तो साहब हैं जिससे ट्यूनिंग अच्छी होगी उसी की बात मानेंगे और करेंगे। कोई जरूरी नहीं है कि मीडिया के छोटे-बड़े ब्राण्ड वाले लोग उनकी गुडबुक में हों। जल संकट के बावत जब हमें उनसे जानकारी हासिल करने में असफलता मिली तब हमने अवर अभियन्ता जलकल ओ.पी. राम से बात किया। 

क्या कहते हैं अवर अभियन्ता जलकल ओ.पी. राम 

जल संकट से सम्बन्धित खबरें प्रकाशनार्थ जब रेनबोन्यूज को मिलीं तब हमने नपाप अकबरपुर के जलकल विभाग के अवर अभियन्ता ओ.पी. राम से बात किया, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वर्तमान का जल संकट उत्तर प्रदेश जल निगम के हीला-हवाली वाले रवैय्ये से है। यदि जल निगम जो अमृत योजना की कार्यदायी संस्था है ससमय ओवर हेड टैंक निर्माण, नलकूप प्रतिष्ठापन और पाइप लाइन बिछाने का कार्य समाप्त कर ले तो यह संकट उत्पन्न ही न हो। 

रेनबोन्यूज से बात करते हुए जे.ई. ओ.पी. राम ने कहा कि 2017 में नगर पालिका अकबरपुर क्षेत्र का विस्तार हुआ था, और चतुर्दिक लगभग 40 गाँव अकबरपुर नगर पालिका सीमा में सम्मिलित किए गये। इसलिए आबादी के हिसाब से अकबरपुर नगर पालिका क्षेत्र कई गुना बढ़ गया है। इन क्षेत्रों में अमृत योजना के तहत वाटर सप्लाई का कार्य जल निगम द्वारा किया जा रहा है। नगर पालिका अकबरपुर द्वारा इस योजना में आने वाले खर्च का धन जलनिगम को आवण्टित किया जा चुका है। अब यह जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश जलनिगम की बनती है कि वह कितनी जल्दी ओवर हेड टैंक और पाइपलाइन बिछाकर जलापूर्ति सुनिश्चित करती है।

अवर अभियन्ता जलकल विभाग ओ.पी. राम ने स्पष्ट कहा कि जब नगर पालिका द्वारा अमृत योजना में आने वाले सभी खर्च हेतु धन कार्यदायी संस्था जलनिगम को आवण्टित कर दिया है तब वह किस तरह से अपनी एक अलग व्यवस्था के तहत ओवर हेड टैंक, पाइपलाइन बिछवाकर विस्तारित क्षेत्रों में जलापूर्ति कराये। यदि जनता की मांग पर नगर पालिका रहम करती है और अपने स्तर से पानी की टंकी, नलकूप और पाइपलाइन बिछाकर जलसंकट झेल रहे नगरजनों को राहत देती है तो यह कार्य भी प्रश्नवाचक बन जायेगा। और स्थानीय प्रशासन तथा प्रदेश शासन को विभिन्न तरह की शिकायतें जनता द्वारा ही भेजी जायेंगी। रही बात मीडिया की तो हर काम मीडिया के अनुसार ही हो यह जरूरी तो नहीं।

मीडिया को चाहिए कि जन समस्याओं की जड़ तक जाये और उसे उठाये। तभी समस्या समाधान हो सकता है। बे सिर-पैर की खबरें वायरल करके सोशल मीडिया के जरिये समाज का कल्याण चाहने वाली मीडिया को बहुत कुछ जानने की जरूरत है। अकबरपुर नगर पालिका क्षेत्र में जलसंकट झेल रहे नगर जनों की समस्या के समाधान के लिए नगर पालिका प्रशासन भी चिन्तित है। परन्तु क्या करें......उसकी स्थिति सांस, छछूंदर जैसी हो गई है। तात्पर्य यह कि अमृत योजना के तहत जल, कनेक्शन दिये गये हैं और कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश जलनिगम को नगर पालिका अकबरपुर द्वारा धन आवण्टित किया जा चुका है। अब यह उत्तर प्रदेश जलनिगम पर निर्भर करता है कि ओवर हेड टैंक, नलकूप निर्माण और पाइप लाइन बिछाने का कार्य कब तक समाप्त करे।  



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