अम्बेडकरनगर: मौसम बहार स्वीट्स के गोंद का लड्डू में मिला कीड़ा, वीडियो वायरल
| - RN. Network - May 26 2020 6:29PM

अम्बेडकरनगर। लाकडाउन-04 में बरती गई ढील और सशर्त दिये गये आदेश के फलस्वरूप जिले की लगभग सभी गतिविधियाँ शुरू हो गई हैं। 60 दिन तक छाया हुआ सन्नाटा धीरे-धीरे चहल-पहल में तब्दील होने लगा है। जिला प्रशासन द्वारा दिये गये आदेश के क्रम में अब रेस्तराँ, होटल, मिठाई की दुकान सहित अन्य सभी आवश्यक वस्तओं के प्रतिष्ठान निर्धारित समयानुसार खुलने और बन्द होने लगे हैं। मुख्यालयी शहर अकबरपुर के जुड़वा उपनगर शहजादपुर के नई सड़क स्थित एक प्रतिष्ठित मिठाई की दुकान पर प्रदूषित एवं कीड़ायुक्त मिठाई महंगे दाम पर बेंचे जाने का मामला चर्चा का विषय बन गया है। इससे सम्बन्धित समाचार का वीडियो, स्थिर चित्रण सहित सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। 

विवरण अनुसार पंकज सिंह नामक दवा व्यवसाई द्वारा एक किलोग्राम गोंद का लड्डू शहजादपुर के प्रतिष्ठित मिष्ठान की दुकान (मौसम बहार स्वीट्स) से 500 रूपए में खरीदा गया। मिठाई का डिब्बा ग्राहक पंकज सिंह द्वारा अपने दवा प्रतिष्ठान पर खोला गया, जिसमें से खाने के लिए कुछ लड्डू उन्होंने अपने कर्मचारियों में वितरित किया। इनमें कीड़े पाये गये। पंकज सिंह ने उक्त बचा हुआ लड्डू का पैकेट के साथ मौसम बहार स्वीट्स, दोस्तपुर चौराहा, शहजादपुर लेकर दुकानदार के पास गये।

आरोप है कि दुकानदार ने इसे वापस लेने से मना कर दिया। ग्राहक पंकज सिंह द्वारा कीड़े पड़े मिठाई (गोंद का लड्डू) का वीडियो बनाना शुरू किया, यह कार्य मौसम बहार स्वीट्स के काउण्टर पर मालिक/साझीदार संजय कुमार के सामने किया गया। बनाये गये वीडियो में लड्डू के डिब्बे में कीड़ा रेंगते हुए दिखाई पड़ रहा है। और फोटो यानि स्थित चित्र में कीड़ा फूटे हुए लड्डू के अन्दर दिख रहा है। वीडियो वायरलकर्ता ग्राहक पंकज सिंह के एक पत्रकार मित्र का कहना है कि उक्त लड्डू मौसम बहार स्वीट्स से मंगलवार 26 मई 2020 को वीडियो वायरल होने के लगभग 1 घण्टे पूर्व खरीदा गया था। 

संजय कुमार, मालिक/साझीदार, मौसम बहार स्वीट्स

शहजादपुर की प्रतिष्ठित मिठाई की दुकान मौसम बहार स्वीट्स के मालिक/साझीदार संजय कुमार से इस बावत जब बात की गई तो उन्होंने कहा कि गोंद का लड्डू एकदम ताजा निर्मित था। ग्राहक जब उसे ले गया तब उस समय कीड़ा या उसके प्रदूषित होने की कोई बात नहीं थी। गोंद का लड्डू एक दिन पूर्व यानि कल 25 मई 2020 का बना हुआ है। जिसे कारखाने से निर्मित का बिक्री हेतु आज सुबह ही दुकान के काउण्टर पर लाया गया था। संजय कुमार ने बताया कि ग्राहक की शिकायत पर हमने अपने काण्उटर में रखे हुए सारे लड्डू तोड़ कर उन्हें दिखाया, लेकिन किसी भी लड्डू में कीड़ा नहीं निकला। अब पता नहीं कैसे उनके डिब्बे में कीड़ा आ गया। 

यह तो रही एक ग्राहक और दुकानदार की बात। जिले में खाने-पीने एवं मिठाई की दुकानों के खुलने से इसका स्वाद चखने वालों में एक खौफ सा पैदा होने लगा है कि कहीं यह सब 60 दिन पुराना बचा हुआ यानि लाकडाउन के पहले का बनाया हुआ माल न हो। यदि ऐसा होता है तो यह अत्यन्त चिन्ता एवं सोच का विषय है। इस भीषण गर्मी में कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए लोग जहाँ लाकडाउन-04 में येन-केन-प्रकारेण सुरक्षित रहकर जीवन जी रहे हैं वहीं प्रतिष्ठित बड़ी दुकानों से खाद्य सामग्रियाँ-जैसे मिठाई एवं दूध से निर्मित अन्य खाद्य पदार्थ लेकर और उसका सेवन कर बीमारियों की चपेट में आने से नहीं बच पायेंगे। 

जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा महकमे के जिम्मेदारों को चाहिए कि लाकडाउन-04 में खुलने वाली सभी मिठाई की दुकानों का औचक निरीक्षण कर यह पता करें कि कहीं ये लोग 60 दिन पुरानी निर्मित मिठाइयों की बिक्री तो नहीं कर रहे। लोग अखाद्य एवं प्रदूषित खाद्य पदार्थो विशेषकर मिठाइयाँ और नमकीन का सेवन करने से बच जायेंगे। 

-रीता विश्वकर्मा, 8423242878



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