जिन मरीजों में नहीं दिखते लक्षण उनको ऐसे खोखला बना रहा है कोरोना
| -Satyam Singh - May 28 2020 2:43PM

नई दिल्‍ली: इस समय दुनिया कोरोना की मार झेल रही है। विश्‍व के किसी भी देश के पास कोरोना से लड़ने का कोई कारगर इलाज नहीं है। हर देश अपनी तरह से कोरोना के खात्‍मे में जुटा हुआ है, जिसके बाद 25 लाख के करीब लोग दुनियाभर में कोरोना से ठीक होकर घर लौट चुके हैं। लेकिन ठीक हुए लोगों को लेकर हुई एक रिसर्च में जिस तरह का खुलासा हुआ है, वह अपने आप में डराने वाला है।
चीनी के कुछ रिसर्च में ये बात सामने आई है कि कोरोना का वायरस इलाज के बाद फेफड़ों में लंबे वक्त तक छिपा रह सकता है। कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद ठीक हुए मरीजों में फिर से बीमारी के लौटने के बाद चीन ने रिसर्च शुरू किया तो हैरान करने वाली खबर सामने आई। चीन को पता चला कि कोरोना के जिन मरीजों को ठीक किया गया था, उनमें वायरस एक बार फिर से एक्‍टिव हो गया था। रिपोर्ट में यह बात भी सामने आई कि जिन मरीजों को ठीक किया गया, उनके फेफड़ों में कोरोना का वायरस काफी गहराई जा छिपा था और जब उनका टेस्‍ट किया गया तो नतीजा नेगेटिव आया। डॉक्‍टरों ने सोचा कि मरीज अब ठीक हो चुका हैं, लेकिन कुछ ही दिनों के बाद बीमारी फिर से उभर गई।
इसके साथ ही डॉक्‍टरों का कहना है कि कुछ लोगों में कोरोना के लक्षण नहीं दिखते हैं, तो उसको लगता है कि वह बीमार नहीं है। हालांकि जब उन लोगों का टेस्‍ट किया जाता है तो वह पॉजिटिव निकलते हैं। इसके पीछे का कारण यही है कि ऐसे लोगों में कोरोना का वायरस फेफड़ों के अंदर छिपा होता है और इंसान को धीरे-धीरे अंदर से खोखला बना देता है। लोगों को इस बारे में लंबे समय के बाद ही पता चल पाता है।

फेफड़ों में छिपा रहता है कोरोना!

  • चीन में ऐसे कई मामले सामने आए हैं
  • अस्पताल से डिस्चार्ज होने के 70 दिन बाद मरीज पॉजिटिव निकला
  • साउथ कोरिया में इलाज के बाद 160 लोग पॉजिटिव मिले
  • मकाऊ, ताइवान, वियतनाम में भी ऐसे मामले मिले हैं

इसे लेकर कोरिया सेंटर्स फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के डायरेक्टर का कहना है कि ये संभव है, वायरस मरीज को संक्रमित करने की बजाए फिर से एक्टीव हो जाए। इसी तरह एक और रिपोर्ट में दावा है कि कोरोना वायरस फेफड़े में अंदर गहराई में रह सकता है। ऐसा भी हो सकता है कि यह जांच रिपोर्ट में पकड़ में न आए।

बता दें कि दुनिया में कोरोना से करीब 57 लाख 92 हजार 314 लोग संक्रमित हो गए हैं, जबकि 3 लाख 57 हजार 471 लोगों की इस महामारी के कारण मौत हो गई है। हालांकि 24 लाख 98 हजार 884 लोग इस बीमारी को मात देकर ठीक हो गए हैं। दुनिया में कोरोना की सबसे ज्‍यादा मार शक्‍तिशाली देश अमेरिका पर पड़ी है। जहां पर 17 लाख 45 हजार लोग इस महामारी से अभी तक संक्रमित हो चुके हैं जबकि 1 लाख 2 हजार से ज्‍यादा लोगों की मौत हो चुकी है।

फिलहाल दुनिया में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। भारत से लेकर अमेरिका तक लगातार कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं। ऐसे में हर किसी को कोरोना को हराने वाली दवाई या वैक्सीन की जरूरत है। जब तक कोरोना की दवा नहीं बनती तब तक लोगों को सोशल डिस्‍टेंसिंग का पालन करना ही होगा। 



Browse By Tags



Other News