अम्बेडकरनगर : अटंगी गाँव के मध्य गैस सिलेण्डर गोदाम बना लोगों के लिए खतरा
| - RN. Network - Jun 3 2020 4:34PM
  • कभी भी हो सकती है बड़ी दुर्घटना, ग्रामवासी भयभीत
  • गोदाम संचालक बेखौफ होकर कर रहा है गैस सिलेण्डरों का भण्डारण
  • बाप-बेटे आत्मघाती होने के साथ-साथ बने गाँव वासियों के जी का जंजाल
  • अकबरपुर शहर में भी वर्षों से किया जा रहा है यह धन्धा

अम्बेडकरनगर। जिला मुख्यालयी शहर अकबरपुर के जुड़वा उपनगर शहजादपुर से मालीपुर सड़क मार्ग पर स्थित जाफरगंज बाजार के पश्चिम लगभग 2 किलोमीटर पर स्थित गाँव अटंगी में एक गैस एजेन्सी का गोदाम ग्राम वासियों के जान-माल के लिए खतरे की घण्टी बताया जा रहा है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर हमेशा आशंका बनी रहती है कि कब इन गैस सिलेण्डर्स में विस्फोट हो जाये और धमाके के साथ गोदाम उड़े, साथ ही गाँव में भयंकर अग्नि काण्ड हो जाये। इन्हीं आशंकाओं के बीच अटंगी गाँव के लोग दहशत में आ गये हैं। 

बताया गया है कि एक व्यक्ति ने धन कमाने के लिए अपने घर में गैस सिलेण्डर रखने का गोदाम बना रखा है। खबर के अनुसार आद्या भारत गैस ग्रामीण वितरक, खेवार, अम्बेडकरनगर पर कार्यरत सिलेण्डर डिलेवरी कर्ता राजेश गुप्ता और उसका पुत्र सौरभ गुप्ता दोनों गाँव के मध्य में स्थित अपने घर में गैस सिलेण्डर रखने का गोदाम बनाये हुए हैं। इनके बारे में बताया जाता है कि उपभोक्ता/ग्राहकों की मांग पर ये लोग अकबरपुर तहसील के खेवार गाँव स्थित आद्या भारत गैस ग्रामीण वितरक एजेन्सी से पिकप पर लादकर भरे हुए सिलेण्डर्स प्रतिदिन होम डिलेवरी के रूप में आपूर्ति करते हैं। 

राजेश गुप्ता निवासी अटंगी, तहसील- अकबरपुर, थाना-बेवाना का युवा पुत्र सौरभ गुप्ता आद्या गैस एजेन्सी की ट्रक का चालक है। पिता, पुत्र मिलकर सिलेण्डर्स डिलेवरी का काम करते हैं। अटंगी बीच गाँव में इनके द्वारा बनाये गये सिलेण्डर गोदाम पर कब दुर्घटना हो जाये, उससे ये बेखबर हैं। राजेश और सौरभ गुप्ता दोनों पिता-पुत्र मिलकर अगल-बगल के लोगों के जान-माल के लिए खतरा बने हुए हैं। 

जानकारों के अनुसार एल.पी.जी. गैस सिलेण्डर वितरण के लिए कई औपचारिकताएँ पूरी करने की जरूरत होती है। इसमें पर्याप्त जमीन और सिलेण्डर वितरण के लिए पर्याप्त कर्मचारी होने चाहिए। इसके अलावा गोदाम के लिए गैस कम्पनी निर्धारित मानक तय करती है। जिसमें सुरक्षा व्यवस्था और गोदाम का आकार भी निर्धारित होता है। अटंगी गाँव के मध्य स्थित इस गैस सिलेण्डर गोदाम में सुरक्षा मानकों की सर्वथा अनदेखी की गई है। घनी आबादी के बीच अपनी निजी घर में बनाये गये इस गोदाम के स्वामी राजेश गुप्ता को जरा भी परवाह नहीं है कि इससे कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। इसके लिए उसने अग्निशमन विभाग से एन.ओ.सी. यानि अनापत्ति प्र्रमाण-पत्र और लाइसेन्स भी नहीं लिया हुआ है। 

अटंगी गाँव की घनी आबादी के बीचो-बीच आद्या भारत गैस ग्रामीण वितरक (खेवार, अम्बेडकरनगर) का यह गोदाम लोगों के लिए खतरा बना हुआ है। जानकारों के अनुसार इस तरह के गोदाम घनी आबादी के मध्य नहीं होना चाहिए। इसे गाँव, मोहल्ला, शहर से बाहर बनाया जाना चाहिए। इस सिलेण्डर गोदाम को गुप्ता गैस एजेन्सी के नाम से लोग जानते हैं। वास्तविक गैस एजेन्सी का नाम किसी को नहीं मालूम। राजेश गुप्ता का गाँव अटंगी और क्षेत्र में काफी दबदबा है। वह अपनी पहुँच व धनबल से समस्त सम्बन्धित को उपकृत किये रहता है। राजेश गुप्ता और उसका युवा पुत्र सौरभ गुप्ता दोनों को कुशल व्यवसाई बताया गया है।  

इस बावत जब आद्या भारत गैस ग्रामीण वितरक, खेवार, अम्बेडकरनगर के स्वामी कैप्टन रविन्द्र कुमार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि सौरभ गुप्ता नामक युवक उनका सिलेण्डर वितरणकर्ता है। उनकी ट्रक का ड्राइवर है। उसी ने अपनी सुविधानुसार अटंगी गाँव में गोदाम बना रखा होगा, जिसकी जानकारी उन्हें नहीं है। रविन्द्र कुमार ने कहा कि सौरभ गुप्ता ग्राहकों की मांग पर वितरण करने के लिए भरा हुआ गैस सिलेण्डर ट्रक में रखकर ले जाता है और क्षेत्र में उसका वितरण करता है। खाली सिलेण्डर ही अपने घर पर रखता है। वहाँ हमारी एजेन्सी आद्या भारत गैस ग्रामीण वितरक, खेवार, अम्बेडकरनगर का कोई अधिकृत गोदाम नहीं है। 

रेनबोन्यूज को अटंगी की तरह अकबरपुर, शहजादपुर के निकटवर्ती कई घनी आबादी वाले इलाकों जैसे- पुरानी तहसील अकबरपुर, गौसपुर, गाँधीनगर, इल्तिफातगंज रोड, ऊँचे गाँव, लॉ कॉलेज मोड़, पटेलनगर, शास्त्रीनगर, मोहसिनपुर-मंसूरपुर में स्थित निजी घरों में गैस सिलेण्डर गोदाम बनाये जाने की जानकारी मिली है। बताया गया है कि इनके स्वामी विभिन्न गैस कम्पनियों के सिलेण्डर वितरणकर्ता हैं, जिन्होंने अपनी सुविधानुसार अपने घर को ही गैस सिलेण्डर गोदाम बना रखा है। साथ ही ये लोग अपने घर स्थित गोदामों में रखे भरे हुए सिलेण्डर से प्रति सिलेण्डर दो से तीन किलो ग्राम गैस निकालकर रिफिल कर देते हैं और पैसा कमाने की गरज से उसमें उतने वजन का पानी भर देते हैं। 

इस तरह का व्यवसाय करने वाले छोटे और बड़े आकार के सिलेण्डरों की रिफिलिंग का धन्धा लम्बे समय से कर रहे हैं। कुल मिलाकर ऐसे तत्व जो एल.पी.जी. एजेन्सियों से जुड़े हुए हैं वह ग्राहकों का आर्थिक शोषण तो कर रही रहे हैं साथ ही अपने अगल-बगल के लोगों की जान-माल के लिए खतरा बने हुए हैं। अकबरपुर एवं आस-पास के इलाकों की प्रमुख गैस एजेन्सियों के ऐसे सिलेण्डर डिलेवरीकर्ता जो आत्मघाती तो हैं ही साथ ही अन्य लोगों के लिए भी खतरा बने हुए हैं। इस तरफ सम्बन्धित विभाग और प्रशासन का ध्यान अवश्य ही होना चाहिए। 



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