किस्सा वो प्यार का
| -RN. Feature Desk - Jun 14 2020 5:54PM

                                                                                                                                  - अजय एहसास
अब तो पुराना हो गया वो किस्सा प्यार का 
कोई यार दूसरा हुआ अब मेरे यार का
चलती थी जो बिखेरते राहों में खुशबुएं
कोई पता बता दे मेरे उस बहार का 
अब तो पुराना हो गया वो किस्सा प्यार का ।।

बस्ता लिये जो घर से पढ़ाई को निकलते
हो दोस्तों से दूर उनके पीछे थे चलते
वो सिर मुड़ा के देखना और मुस्कुरा देना
जैसे हो कुमुदनी कोई भौरों' पे मचलते
लोगों से सुना ये निशान-ए-इजहार का
अब तो पुराना हो गया वो किस्सा प्यार का ।।

कुछ अन्तराल मिलता जो स्कूल में हमें
नजरे हटा किताब से थे देखते उन्हें
नजरें घुमा के करते थे हम दूसरी तरफ
नैनो से बात करते न कोई देख ले हमें
अनुभूति बेहतरीन था उस नैन - चार का  
अब तो पुराना हो गया वो किस्सा प्यार का ।।

जिस दिन भी वो स्कूल में पढ़ने नहीं आती
उस दिन तो याद उसकी मेरे दिल से न जाती
कापी कलम किताब चाहे ब्लैकबोर्ड हो
कोई न ऐसी जगह, नजर वो नही आती
कैसे बताता हाल दिले बेकरार का 
अब तो पुराना हो गया वो किस्सा प्यार का ।।

कुछ भी पता चला नहीं कि कब बड़े हुए
कितने ही बरस बीते है हमको लड़े हुए
लड़ने लगे हैं बच्चे करते प्यार भी है वो
उसकी तो शादी हो गई हम है पड़े हुए 
बच्चा सयाना हो गया अब मेरे यार का
अब तो पुराना हो गया वो किस्सा प्यार का ।।

कब बीत जाता बचपन बीत जाती जवानी
सोचूं जो वक्त मन में तो होती है हैरानी
अब सोचने पछताने से कुछ भी नहीं होगा
उसे झेलना पड़ेगा किया जो भी मनमानी
'एहसास' हो रहा है समय के प्रहार का
अब तो पुराना हो गया वो किस्सा प्यार का ।।



Browse By Tags



Other News