वन विभाग के बहुरे दिन, धड़ाधड़ गिर रहे हैं शीशम के पुराने, कीमती पेड़
| - RN. Network - Jun 24 2020 2:51PM

इस वर्ष आषाढ़ महीना लगा नहीं कि मानसून ने भी दस्तक दे दी, और जोरदार बारिश शुरू हो गई। गर्मी से राहत मिली, किसान अपने कृषि कार्य में लग गये.......आदि.....आदि.....आदि। मानसूनी बरसात का आगाज होते ही गाँव से लेकर कस्बे, शहरों, बाजारों, सड़कों, गलियों में खड़े पुराने वृक्षों पर मानो आफत सी आ गई। सड़कों के किनारे खड़े विशालकाय वृ़क्षों का पतन शुरू हो गया। मीडिया ने भी तूफानी गति से अपनी सक्रियता अख्तियार कर मौका-ए-वारदात यानि पेड़ों के गिरे हुए स्थानों पर जा-जाकर जाँच और पड़ताल शुरू कर दिया। सोशल मीडिया पर वृक्षों के पतन, उनकी कटान और इस कार्य में संलिप्त लोगों के बावत खबरें वायरल होने लगीं। वन विभाग को भी सक्रिय होना पड़ा। चूंकि मामला पेड़ों के गिरने व उनकी कटान से जुड़ा हैं इसलिए जंगलात महकमा वायरल होने वाली खबरों की पुष्टि करने में जुटा हुआ है। मीडिया द्वारा पेड़ों के इस तरह गिरने से ठेकेदारों, आरा मिल संचालकों और वन विभाग के जिम्मेदारों का दिन लौट आना बताया जा रहा है। इस समय वन विभाग के आराम तलब अधिकारी भी अपने कार्यालयी कक्ष से निकलकर फील्ड में भ्रमण करने लगे हैं। 

उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर जनपद में आषाढ़ के महीने में जमकर हो रही बरसात और हवा के झोंकों से पेड़ धड़ाधड़ गिरने शुरू हो गये हैं। इन पेड़ों पर वन विभाग का हक बताया जा रहा है। पेड़ों के गिरने के क्रम में शीशम के पेड़ कुछ ज्यादा ही संख्या में गिर रहे हैं। शीशम की लकड़ी इमारती होती है, इसलिए गिरे हुए शीशम के पेड़ पर लकड़ी व्यवसाइयों जैसे ठेकेदार, आरा मिल मालिक, वन विभाग, पुलिस महकमा की गिद्ध दृष्टि रहती है। इस समय इन सबसे तेज मीडिया की दृष्टि हो गई है। पेड़ गिरा नहीं कि फोटो और खबर वायरल। देते रहिये जवाब। सम्बन्धितों के होश फाख्ता। 

अकबरपुर जो अम्बेडकरनगर का जिला मुख्यालयी शहर है, इसके इर्द-गिर्द बीते कुछ दिनों में लाखों रूपए कीमत के पुराने विशालकाय शीशम के इमारती पेड़ों के जमींदोज होने की खबरें वायरल होती रहीं हैं। किसी में पूरा पेड़ गायब और किसी में ठूंठ बचा। अकबरपुर-मालीपुर रोड पर मरैला के निकट सड़क के किनारे खड़ा एक पुराना विशालकाय शीशम का पेड़ 22 जून 2020 को अचानक जमींदोज हो गया। सूचना पर मरैला चौकी के प्रभारी पहुँचे और सड़क पर गिरे पेड़ की डाल और टहनियों को कुशल मजदूरों से कटवाया। इसी बीच मीडिया भी मौके पर पहुँच गई। फोटो और खबर वायरल होना शुरू हुआ। वायरल खबर के अनुसार मीडिया द्वारा दी गई सूचना पर वन विभाग के जिम्मेदार अहलकार भी मौके पर पहुँचे।

अकबरपुर-मालीपुर रोड पर मरैला के निकट सड़क के किनारे गिरे हुए पेड़ और उसकी कटान के बारे में जब वन दारोगा (फारेस्टर) शंकर मौर्य से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि बारिश व आंधी के चलते शीशम का पेड़ जड़ से उखड़कर गिर गया था। सड़क पर आवागमन अवरूद्ध हो गया था। सूचना पर सबसे पहले मरैला पुलिस चौकी के इंचार्ज ही पहुँचे थे, उन्होंने सड़क पर गिरे पेड़ को कटवा कर उसका बोटा बनवाया था। इसी बीच वन विभाग सोशल मीडिया और ग्रामीणों की सूचना पर वहाँ पहुँचा और कटे हुए पेड़ को अपने कब्जे में लेकर वन विभाग कार्यालय प्रागंण में रखवा दिया।

बड़ा आश्चर्य हुआ कि वन विभाग के कर्मठ एवं तेज-तर्रार हमेशा सक्रिय रहने वाले क्षेत्रीय वन अधिकारी, अकबरपुर वी.के. मिश्र द्वारा रेनबोन्यूज की फोन कॉल को रिसीव ही नहीं किया गया। कारण क्या है, इसके बारे में कुछ भी कहना मुश्किल है। यह शोचनीय अवश्य है कि जो अधिकारी आधी रात को वायस कॉल करके मीडिया से हाल-चाल का आदान-प्रदान करता हो, वह दिन के उजाले में वह भी कार्य दिवस में उसी फोन कॉल को नजरन्दाज क्यों कर रहा है? कुछ भी हो इस समय बरसात के मौसम में गिरे हुए एवं लोगों द्वारा काटे गये वृक्षों के तने व टहनियां मुफ्त में वन विभाग के जिम्मेदारों को मिलने लगी हैं, जिन्हें वह लोग प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय परिसर में लाकर रखवा रहे हैं, ऐसा उन्हीं जिम्मेदारों द्वारा कहा जा रहा है।  

आज कल अम्बेडकरनगर जिले में मुख्यालयी शहर अकबरपुर/शहजादपुर सहित जिले के पाँचो तहसीलों में पेड़ों के कथित गिरने और उनकी कटान से सम्बन्धित खबरें मिल रही हैं। रेनबोन्यूज वृक्षों के कटान से सम्बन्धित किसी भी खबर की अनदेखी नहीं करेगा। उसका प्रकाशन तथ्यों की जानकारी और सम्बन्धितों से वार्ता उपरान्त की गई पुष्टि के आधार पर करेगा। 



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