फनफनाहट कोरोना इजीनेना फाइटर रैकेट की
| -RN. Feature Desk - Jun 25 2020 12:40PM

-रामविलास जांगिड़

कोरोना के डर के मारे मूंदड़ा जी पेड़ पर ऐसे अलग-थलग पड़ गए जैसे पाकिस्तानी इमरान हो। तब उन्होंने पक्के चाइनी की तरह सोचा क्यों न कोई एक कोरोना व्यापार ही डाल दें। मूंदड़ा जी ने हेमंत जी को ट्विटराया- 'हेमंत जी! हमें अब कोरोना इजीनेना फाइटर रैकेट बना डालना चाहिए। जिस तरह से इंडियन पति लोग पत्नी सेवार्थ भरे बैठे-बैठे खाली मच्छरों को पटाक-फटाक से रैकेट द्वारा मारते हैं, उसी प्रकार से कोरोना को मारने के लिए मार्केट में तुरंत रैकेट उतार दूंगा। घर में हर एक व्यक्ति के हाथ में यह रैकेट थमा दूंगा। जो बैठे, लेटे, पड़े, खड़े कोरोना इजीनेना फाइटर रैकेट को फनफनाते फिरेंगे। किचन से कचहरी तक। सड़क से संसद तक। कार्यालय से कारखाने तक। मंत्री से कंत्री तक।

सबके हाथों में अपना रैकेट होगा। मुझे सरकार इसके लिए एक बड़ा ऑर्डर देगी। चीन, अमेरिका, जापान इसे खरीदने के लिए लाइन लगाएंगे। पहले मैं इसे विदेश में लॉन्च करूंगा। जब इंडिया में कोरोना अपने आप खत्म सा हो जाएगा, तब इंडिया में इसकी मांग उठेगी और सरकार को इसकी आपूर्ति करूंगा। जिसे भारी कमीशन पर सरकार हल्की होकर राजी-खुशी खरीद लेगी।' इतनी लंबी बात सुनकर हेमंत जी ने सैनिटाइजर का एक ड्रम हाथों पर मलते हुए कहा- 'यस सर! बहुत अच्छा रहेगा सर! लेकिन इसकी एंट्री भी तो करनी पड़ेगी? सरकारी स्टोर बाबू इसे अपने रजिस्टर में भी तो चढ़ाएगा? कोरोना खत्म होने के बाद इसे स्टॉक रजिस्टर में कैसे चढ़ा पाएगा?'

हेमंत जी के मीठे-रसीले प्रश्नों के बवंडर में उलझ कर मूंदड़ा जी पेड़ से ऐसे खिसकने लगे जैसे चाइना गलवान घाटी से खिसक रहा हो। फिर ऐसे समझाया जैसे शी जिनपिंग विश्व व्यापार मंडल को समझाता हो- 'हेमंत जी! आप वोटर की तरह बिल्कुल सीधे हो। सरकारों का आपको पता ही नहीं है। सरकारें अॉर्डर रैकेट का देती है और स्टोर बाबू अपने रजिस्टर में रैकेट के फोटो की एंट्री करता है। जब वह पब्लिक के हाथ में जाता है तो केवल कागज पर छपा हुआ नाम ही रह जाता है। आदरणीय भ्रष्ट आचरण देव का नियम ही यही है। इसे समझो!' तब हेमंत जी ने अपने मास्क को ट्रंपाई समझदारी से चश्मे के ऊपर चढ़ाते हुए ज्ञान भरी बातें अपनी खोपड़ी में बिठाई और अर्द्ध मोक्ष की प्राप्ति करते हुए कहा- 'अरे वाह सर! तब तो बड़ा मजा आ जाएगा।

हम खूब चांदी कूटेंगे। सोना लूटेंगे। कोरोना रैकेट का इंडिया वाला चाइनीज व्यापार चलाएंगे।' इतनी बातें सुनने के बाद दीपक जी ने पत्नी के सामने मन ही मन जोर से चिल्ला कर कहा- 'मुझे चाहिए कोरोना फाइटर रैकेट।' डीसीईएल व्हाट्सएप ग्रुप में मुझे चाहिए, मुझे चाहिए की आवाजें गूंजने लगी। सोशल बाजों ने इस बात की फेसबुक पर घचाघची लगा दी। सीन देखकर क्वॉरेंटाइनी पेड़ के पास खड़े कोरोना... सॉरी सॉरी शेर ने दहाड़ना शुरू किया। पास ही झाड़ी से जब शेरनी ने गर्दन उठाई तो शेर ने पूंछ सिकोड़ कर सिर दीपक जी की तरह सर्वथा निजी गिरेबान में पटक दिया। मूंदड़ा जी ने पेड़ पर बैठे हुए ही कोरोना काल में व्यापार डालने की प्लानिंग के लिए डॉ कटारा को फोन लगाना शुरू किया। उन्हें पता है कि इसके लिए सरकार लोन दे रही है और जिसे बाद में चुकाना भी नहीं है। इतनी सारी घालमेल के लिए प्लानिंग तो जरूरी है न सर जी!

-रामविलास जांगिड़, 18, उत्तम नगर, घूघरा, अजमेर (305023) राजस्थान



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