राष्ट्रपति चुनाव के लिए भाजपा ने खोला अपना पत्ता
| Rainbow News - Jun 19 2017 3:59PM

रामनाथ कोविंद होंगे राष्ट्रपति पद के लिए एनडीए उम्‍मीदवार

राष्‍ट्रपति के चुनाव के लिए आखिर भाजपा ने अपने पत्ते खोल दिए हैं। बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद को भाजपा की ओर से राष्ट्रपति पद का उम्‍मीदवार बनाया गया जिसमें सत्तारूढ़ एनडीए के बाकी दलों ने भी अपनी सहमति जाहिर कर दी। कोविंद के नाम की घोषणा खुद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने की। वहीं शाह ने बताया कि पार्टी की ओर से इस संबंध में सहयोगी दलों के साथ ही कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी और कई बड़े नेताओं से बात की गई है। अमित शाह ने बताया कि 23 तारीख को रामनाथ कोविंद की ओर से राष्ट्रपति पद के लिए नामांकन किया जाएगा।

इससे पहले राष्ट्रपति पद के उम्‍मीदवार के लिए भाजपा के संसदीय दल की बैठक में घंटेभर तक चर्चा की गई। बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, केंद्रीय मंत्री वैंकेया नायडू, वित्त मंत्री अरुण जेटली सहित तमाम बड़े नेता मौजूद थे। बैठक के बाद अमित शाह ने संसदीय बोर्ड में हुए फैसले की जानकारी सबको दी। न्यूज एजेंसी के अनुसार फैसले से पहले केंद्रीय मंत्री वैंकेया नायडू ने भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्‍ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी को इस फैसले की जानकारी दी।

हमेशा की तरह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने एक बार फिर सबको चौंकाते हुए राष्ट्रपति पद के लिए ऐसा नाम सामने कर दिया जिस पर शायद ही पहले किसी ने अंदाजा लगाया हो। अभी तक तमाम अटकलें झारखंड की राज्यपाल द्रोपदी मुर्मु सहित, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन सहित कई नामों को लेकर चल रही थी लेकिन इन सभी अटकलों पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की जोड़ी ने एक बार में ही विराम लगा दिया।

बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद को सामने रखकर मोदी और शाह की जोड़ी ने बड़ा दांव चला है, भाजपा के बड़े दलित चेहरे रहे रामनाथ कोविंद राजनीति के भी मंझे हुए खिलाड़ी रहे हैं। हाइकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में वकालत करने वाले कोविंद को कानून का अच्छा जानकार माना जाता है ऐसे में राष्ट्रपति जैसे महत्वपूर्ण पद पर तमाम तरह की कानूनी प्रक्रियाओं को लेकर भी उनका अनुभव काम आ सकता है। वहीं राष्ट्रपति पद के लिए दलित चेहरे का नाम आगे कर भाजपा ने दलितों की राजनीति करने वाली बसपा सुप्रीमो मायावती और अन्य दलित नेताओं को एक बार फिर खाली हाथ करने की तैयारी कर ली है।

खास बात ये है कि दलित चेहरे के नाम पर कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों को भी कोविंद के नाम पर शायद ही आपत्ति होगी, वहीं बसपा सुप्रीमो मायावती के लिए भी उनकी उम्‍मीदवारी को समर्थन न करना मुश्किल हो जाएगा। वहीं राष्ट्रपति पद पर कोविंद की उम्‍मीदवारी के साथ ही उन्हें समर्थन मिलने का सिलसिला भी शुरू हो गया। तेलगांना के मुख्यमंत्री और टीआरएस पार्टी के प्रमुख केसी राव ने इस पद के लिए कोविंद के समर्थन की घोषणा कर दी है। इसके अलावा इस मुद्दे पर प्रधानमत्री नरेन्द्र मोदी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, आंध्रा के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और तमिलनाडु के सीएम पलानिसामी से बातचीत की।



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