आखिर कब होगी नपाप टाण्डा के ईओ पर कार्रवाई...?
| - Rainbow News Network - Jul 14 2020 5:40PM
  • टेण्डर में अनियमियताओ समेत सभासदों ने भी की है कई विन्दुओ पर शिकायत
  • जांच में बिचारधीन टेण्डर प्रकिया पर भी आरम्भ करा दिए है कार्य 
  • शिकायतकर्ता की इसी जांच के नाम पर रोकी है 3 लाख की एफडीआर 
  • शासन ने जिलाधिकारी से मांगी रिपोर्ट

अम्बेडकरनगर। नगर पालिका टाण्डा में अधिशाषी अधिकारी द्वारा निविदा प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर मनमानी बरते जाने की शिकायत शासन स्तर पर की गई है। नगर विकास अनुभाग के उपसचिव गुलाब सिंह ने इस सम्बन्ध में जिलाधिकारी को पत्र भेजकर अधिशाषी अधिकारी के कारनामों की जांच कराकर एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है।

उल्लेखनीय है कि नगर पालिका टाण्डा में करोड़ो के मूल्य की निविदा में अधिशाषी अधिकारी द्वारा खूब मनमानी बरती गयी। नियम विरूद्ध तरीके से जहां निविदाओं को स्वीकृति प्रदान की गयी वहीं बिना किसी कमी के निविदा को निरस्त भी किया गया। केडीबीबी अपार कान्स्ट्रक्शन कम्पनी के प्रति अधिशाषी अधिकारी का रवैया बेहद मनमाना पूर्ण रहा। फिलहाल प्रकरण शासन स्तर पर पंहुच जाने के बाद अब अधिशाषी अधिकारी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

अधिशासी अधिकारी नगर पालिका के कारनामों से यहाँ के सभासद भी क्षुब्ध है । कमिश्नर तक से शिकायत कर चुके है । जिसमे टेण्डर में अनियमियताओ व बिना कार्य के दो बार भुगतान व तमाम अनियमियताओ के आरोप भी सभासदों ने लगाए। इसके बावजूद भी कोई कार्यवाही न होंना भ्रष्टाचार को बढ़वा देने जैसा है। पूर्व में भी जिलाधिकारी से निविदा प्रकिया की शिकायत की गई थी। जिस पर अपर जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी टाण्डा को जांच करने को निर्देशित किया गया। जिसके कुछ दिन बाद ही उप जिलाधिकारी टाण्डा को प्रभारी चेयरमैन का दायित्व मिल गया। जिसके बाद जांच प्रकिया कोल्ड बॉक्स में चली गयी।

कई बार अधिशाषी अधिकारी को उनकी कार्यशैली के लिए उच्च अधिकारियों की फटकार तक लग चुकी है लेकिन उनकी कार्यशैली में कोई सुधार नही होता दिख रहा है। एक शिकायत कर्ता ने बताया कि राजधानी के निर्देशालय में अधिशासी अधिकारी टाण्डा के एक रिश्तेदार तैनात है जिसकी वजह से यहां यह मनमानी करने में संकोच नही करते है क़्योंकि जब ऊपर से मामला मैनेज हो जाये तो यहां कोई क्या करेगा। 70 कार्यो की निविदा प्रकिया की जांच कर ली जाए तो विभागीय दर या उससे मामूली कम दर पर ही निविदा प्राप्त हुई मिलेगी।

यही नही इसके अलावा जिस निविदा प्रकिया को जांच में रखा गया है उस पर भी कार्य आरम्भ हो गए है। बताया जाता है कि अधिशाषी अधिकारी व जेई ने कार्य कराने के लिए कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिया था। जबकि शिकायत करने वाले को जांच में परेशान किया जा रहा है। शिकायतकर्ता अपार कंस्ट्रक्शन की 3 लाख की जमानत धनराशि एफडीआर तक जांच के नाम पर रोक दी गयी है। जिससे कोई शिकायत कर्ता शिकायत करने की जहमत न उठा सके।

बताया जाता है कि टाण्डा नगर पालिका में निविदा भरने से पहले अधिशाषी अधिकारी से मिलकर उनका आशीर्वाद लेना भी प्रकिया एक हिस्सा है ऐसा न करने पर अपार कंस्ट्रक्शन जैसी स्थिति का सामना करना ही पड़ेगा। शिकायत के नाम पर एफडीआर रोक दी जायेगी और शिकायत लम्बित ही चलती जायेगी। शासन के पत्र के बाद पुनः एक बार उम्मीद जगी है।



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