अम्बेडकरनगर : राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशक डॉ अखिलेश मिश्रा निदेशक पद से बर्खास्त
| - Rainbow News Network - Aug 1 2020 2:44PM

अम्बेडकरनगर। योजना के तहत बना अम्बेडकरनगर का इंजीनियरिंग कॉलेज दस बर्ष की स्थापना के बाद ही अपचारी निदेशक को मुअत्तल कर दिया। मुअत्तल होने वाले राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के तीसरे निदेशक डॉ अखिलेश मिश्र रहे जिनकी नियुक्ति 19 जनवरी 2018 को संविदा के आधार पर तीन वर्ष के लिए की गई थी। बर्खास्त निदेशक अखिलेश मिश्रा इसके पहले डी आर डी ओ पुणे में वैज्ञानिक के पद से वी आर एस लेकर प्रोफेसर बनने के लालच में आये थे। ऐसा उन्होंने परिधि न्यूज़ को बताया है। नियुक्ति के एक साल बाद ही उन्हें गंभीर जांच का सामना करना पड़ा जिसे सिद्ध करने में वे अन्ततः विफल रहे। उनकी कार्यशैली को लेकर अधिकतर कर्मचारियों में असंतोष देखने को मिलता था।

टांडा विधायक संजू देवी ने उनके ऊपर गंभीर आरोप लगाते हुए शासन में शिकायत की थीं, सरकार ने अब्दुल कलाम विश्वविद्यालय के कुलपति विनय पाठक को जांच अधिकारी बनाकर उन्हें जांच करने के लिए निर्देशित किया। अपनी जांच को प्रभावित करने के उद्देश्य से अपने प्रिय और अयोग्य सलाहकार के कहने पर प्राविधिक शिक्षा मंत्री के घर पर जाकर मिठाई के पैकेट में मध्यम स्तर की धनराशि रख दिये, माननीय मंत्री जी ने अपने क्षेत्र से आये कार्यकर्ताओं को मिठाई का डिब्बा आगे बढ़ाया तो उसमें रुपये देखकर वे भड़क गयीं, सरकारी आवास से दूर जा चुके अखिलेश मिश्रा को मंत्री ने बुलाया और मिठाई का पैकेट वापस करते हुए भविष्य में ऐसी हरकत से बाज आने को कहा।

निदेशक राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज अम्बेडकर नगर डॉ अखिलेश मिश्रा के रूप में उनके आचरण व कार्यकलाप के सम्बंध में अनुशासन हीनता, स्वेच्छाचारिता तथा उच्चाधिकारियों के आदेशों के विरुद्ध बिना अनुमति के अनावश्यक यात्राएं करने व संस्थान पर अनावश्यक वित्तीय भार डालने जैसी शिकायतें प्राप्त होने पर राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज अम्बेडकर नगर की प्रशासकीय परिषद की दिनांक 08जनवरी 2019 को सम्पन्न बैठक में अध्यक्ष प्रशासकीय परिषद की अनुमति से डॉ मिश्रा के विरुद्ध विभिन्न स्रोतों से प्राप्त गंभीर शिकायतों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया एवं सक्षम स्तर का अनुमति लिये बिना व मना करने के बाद भी विभिन्न यात्राएँ कर संस्थान/टेकिउप 3की धनराशि का दुरुपयोग करने

तथा टेकिप 3 की परियोजना के अंतर्गत होने वाले लाभ को प्राप्त करने हेतु रुचि प्रदर्शित न करने, लापरवाही करने एवं गैर शैक्षणिक पदों पर चयन हेतु अहर्ता बदलते हुए विज्ञापन प्रकाशित कर आवेदन आमंत्रित करने जैसे आरोपों में उनके विरुद्ध विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही सम्पादित किये जाने का अनुमोदन देते हुए उक्त आरोपों की जांच प्रोफेसर विनय कुमार पाठक कुलपति डॉ ए पी जे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय लखनऊ द्वार की गई, अपने ऊपर लगे आरोपों को जांच अधिकारी के समक्ष सिद्ध करने में विफल रहने व माननीय उच्च न्यायालय के उक्त आदेश दिनांक 27/05/2020को दृष्टिगत रखते हुए, जांच अधिकारी द्वारा रिपोर्ट दिए जाने पर  प्रशासकीय परिषद की बैठक में सभी सदस्यों की सहमति से चेयर मैन पर्वत सिंह यादव ने उन्हें निदेशक के पद से हटा दिया।

परिधि न्यूज़ से बात करते हुए बर्खास्त पूर्व निदेशक डॉ अखिलेश मिश्रा ने कुलपति विनय पाठक को धोखेबाज व संस्थान से रुपये मांगने का आरोप लगाया। उन्होंने ने कहा कि भाजपा सरकार में भरस्टाचार का बोलबाला है ,हमारी कोई नहीं सुना । वहीं के एन आई टी सुल्तानपुर के निदेशक तथा जांच के समय राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज अम्बेडकर नगर का अतिरिक्त प्रभार लिए डॉ जे पी पांडेय कहते हैं ,डॉ अखिलेश मिश्रा ने संस्थान का काफी अहित किया ,छात्रों के हित में व संस्थान के विकास के लिये सरकारी धनराशि का निजी खर्च में उपयोग करके उन्होंने गंभीर अपराध किया है ।वे आगे कहते हैं मिश्रा ने अपने कार्यालय को आधुनिक ढंग वाली साज सज्जा के नाम पर कई लाख रुपया निकाला जो फिजूलखर्ची में आता है । प्रशासकीय परिषद के चेयर मैन पर्वत सिंह यादव कहते हैं कि भाजपा की सरकार पूरी ईमानदारी के साथ संस्थान के विकास हेतु कृत संकल्प है, संस्थान में जो भी अपचारी होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्यवाही होगी वह बच नहीं पायेगा।

राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज अम्बेडकर नगर में कार्यरत कर्मचारियों ने अपना नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया कि पूर्व निदेशक डॉ अखिलेश मिश्रा ने अपने नात रिस्तेदारों को काफी लाभ पहुंचाया। पूर्व निदेशक सरकारी आवास में रह रहे हैं और सरकारी सुविधा का लाभ उठाकर सरकार और संस्थान के खिलाफ  कार्य कर रहे हैं। कर्मचारियों ने यहाँ तक कहा है कि शाम को गोपनीय फाइल आवास पर मंगाते हैं। जिससे संस्थान के गोपनीय दस्तावेज उन तक पंहुच रहे हैं।



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