कोरोना काल में गरीबों के घरौंदो को रौंदने का ये कैसा अभियान
| - Rainbow News Network - Aug 1 2020 4:08PM

रिपोर्ट- राजकुमार गुप्ता

वाराणसी/शिवपुर। कोविड-19 कोरोना महामारी और बारिश के बीच जनता के लिए चल रही परेशानियों के बीच अचानक गरीबों के घरौंदो को रौंदने का नोटिस वाराणसी नगर निगम द्वारा जारी कर दिया गया। इस कार्रवाई के चलते महिलाओं बच्चों और पुरुषों के दुख और बढ़ गए। जहां इस समय उत्तर प्रदेश शासन का पूरा जोर कोरोना वायरस महामारी को नियंत्रित करने आवश्यक विचार विमर्श करते हुए राहत पहुंचाने में लगा हुआ है वहीं वाराणसी नगर निगम का यह अमानवीय कृत्य निगम अमला गरीबों के आशियाने को तहस-नहस करने की तैयारी में है।

नोटिस अपने घरों के सामने खड़े होकर गरीब आशियाने को न तोड़ने की गुहार लगा रहे हैं सीएम योगी से, इसके बाद देखते हैं कि किसी का दिल पसीजता है कि नहीं उक्त झुग्गी झोपड़ी टूट जाने के बाद सैकड़ों लोगों के साथ-साथ उनके परिजनों, महिलाओं और बच्चों के लिए जीवन काटना और मुश्किल हो जाएगा। बता दें कि शिवपुर अष्टभुजी मंदिर के तालाब के किनारे पानी टंकी के पास सैकड़ों सालों से बसे यह गरीब कोई और नहीं है नगर की सफाई की जिम्मेदारी इन्हीं के हाथों में है कोरोना काल में जान हथेली पर रखकर इन्होंने नगर की सफाई की जिन्हें कोरोना योद्धा भी कहा जाता है।

देश में कोरोना वायरस के बीच संकट का सामना करने में लगा हुआ है और आम लोगों को राहत देने की अत्यंत आवश्यकता है ऐसे वक्त में न जाने किस दबाव के कारण नगर निगम उक्त तालाब के किनारे सैकड़ों सालों से काबिज लोगों को हटाने की अचानक नोटिस जारी होने से चारों तरफ निंदा शुरू हो गई है आज देश और देशवासियों के सामने विकट समस्या है लोगों को आज सबसे अधिक मदद की आवश्यकता है ऐसे समय में वाराणसी नगर निगम की उक्त कार्रवाई समझ से परे है गरीब लोगों के बीच मानवता दिखाने के बजाय नगर निगम का घिनौना चेहरा देखने को मिल रहा है।

कोरोना वायरस और बारिश के बीच इस तरह की कार्रवाई करने के बारे में कोई सोच भी नहीं सकता था लेकिन मानवता को नजरअंदाज कर सैकड़ों सालों से शिवपुर तालाब के किनारे दो दर्जन से अधिक काबिज लोगों को हटाने की कार्रवाई नगर निगम करने की तैयारी में है महामारी समाप्त होने के उपरांत भी कार्रवाई हो सकता था लेकिन महामारी के बीच इतनी बड़ी आफत गरीबों के सिर पर डाल दी गई है बाल बच्चों को लेकर महिलाओं का झुंड भी राहत की भीख मांग रहा है अभी तक किसी का दिल नहीं पसीज रहा है।

कुल मिलाकर मानवता दिखाने के वक्त नगर निगम का घिनौना चेहरा जनता के सामने आ गया है पीड़ित लोग जिला अधिकारी से मिलने का समय मांग रहे हैं अपने आप को गरीबों का तथाकथित मसीहा कहने वाले लोगों को थोड़ी सी भी शर्म नहीं आ रही है। उक्त कार्रवाई का घोर विरोध किया जा रहा है। 

आखिर शिवपुर में किस तरह का विकास डेवलपमेंट करना चाहते हैं कि गरीबों को जगह ही ना मिले शिवपुर पानी टंकी के पास काबिज गरीबों की बस्ती उजाड़ने की कार्यवाही जैसे ही सूचना मिली तो बड़ी संख्या में सामाजिक संगठनों का पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। यहां पहुंचने वाली महिला जागृति समिति की अध्यक्ष सुमन देवी ने कहा कि शासन या जिला प्रशासन स्तर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करने के लिए कोई लिखित आदेश हो तो उसे दिखाया जाए उन्होंने कहा कि विकास का चेहरा घिनौना होता जा रहा है।

सामाजिक कार्यकर्ता राजकुमार गुप्ता ने कहा विकास के नाम पर गरीबों को बेघर करना महामारी जैसी आपदा के बीच गरीबों के साथ सरासर अन्याय किया जाएगा इस मामले में भाजपा सरकार खासकर मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी से मेल व ट्वीट करके आग्रह किया है कि कोरोनावायरस महामारी और बारिश के बीच गरीबों पर सितम करने वालों को रोकते हुए उकसाने वाले पर आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही सीएम पोर्टल पर ज्ञापन देकर अवैध कब्जा के नाम पर नहीं उजाड़ने की अपील की है उन्होंने कहा कि निगम कि अगर इस बस्ती में किसी तरह की परियोजना है तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए दलित फाउंडेशन की फेलो ममता, कुमार बिंदु गुप्ता आदि लोग भी उपस्थित थे।



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