पहली बार मुस्लिम महिला ने शौहर को दिया ट्रिपल तलाक, 3 बच्चे भी ले गई साथ
| Agency - Aug 3 2020 5:51PM

गुजरात की राजधानी अहमदाबाद में ट्रिपल तलाक को लेकर अपने आप में एक अनोखा मामला सामने आया है। इसबार किसी शराबी शौहर ने नशे में या फोन पर तलाक-तलाक-तलाक नहीं कहा है। बल्कि, यहां शौहर के जुल्मों-सितम से तंग आकर बीवी ही उसे तीन बार तलाक कहकर तीनों बच्चों के साथ मायके चली गई है। अब पति पुलिस की चक्कर काट रहा है। महिला के परिवार वाले मान बैठे हैं कि उनकी बेटी का तलाक हो चुका है, लेकिन मौलवी और मौलाना मानने को तैयार नहीं हैं। वह इस्लामिक कानूनों का हवाला देकर कह रहे हैं कि इस्लाम में सिर्फ पुरुषों को ही तलाक देने का अधिकार है, महिलाएं तो तलाक दे ही नहीं सकतीं।

एक बहुत ही दुर्लभ केस में अहमदाबाद में 32 साल की एक मुस्लिम महिला ने अपने पति को ही ट्रिपल तलाक देकर उससे हमेशा-हमेशा के लिए नाता तोड़ लिया है। इतना ही नहीं उस महिला ने अपने शौहर के खिलाफ घरेलू हिंसा की शिकायत भी दर्ज कराई है। यह घटना पिछले हफ्ते की है, लेकिन तब सामने आई जब रविवार को महिला का पति बीवी और उसके मायके वालों के खिलाफ शिकायत लेकर वेजालपुर थाने पहुंचा।

जानकारी के मुताबिक मुमताज शेख अपने पति शेरखान पठान के दुर्व्यवहार से इतनी परेशान हो चुकी थी कि उसे तत्काल तलाक दे गई और अपने तीनों बच्चों को भी अपने साथ लेकर पिता के घर रहने चली गई। अपनी शिकायत मुमताज ने कहा है कि छोटी-छोटी बातों पर पठान उसकी पिटाई कर देता है और वह इससे आजिज आ चुकी है।

शेरखान पठान को लग रहा था कि बीवी गुस्से में मायके चली गई है और वह उसे बहला-फुसलाकर वापस ले आएगा। यही सोचकर शनिवार को वह बकीरद वाले दिन अपने ससुराल पहुंचा। सोच रहा था कि तीनों बच्चों और मुमताज से मिलकर गिले-शिकवे दूर कर लेगा। लेकिन, ससुराल में उसकी सोच से मामला ज्यादा बिगड़ चुका था।

अब वह यह शिकायत लेकर थाने पहुंचा है कि मुमताज के पिता ने कथित तौर पर उसपर हमला किया है। उसने रविवार को अपने ससुराल वालों के खिलाफ थाने में औपचारिक शिकायत भी दर्ज कराई है। जबकि, मुमताज के पिता ने पठान के खिलाफ अलग से शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उसने अपने दामाद पर खुद को पीटने का आरोप लगाया है। उधर वेलापुर थाने के इंस्पेक्टर एलडी ओडेदारा ने कहा है कि 'इस तलाक को देश के कानून या इस्लामिक नियमों किसी के भी तहत वैद्य नहीं माना जा सकता। लेकिन, वह (महिला) और उसके परिवार वालों ने इसे तलाक मान लिया है।'

हालांकि, मौलवियों का कहना है कि इस्लाम में बीवी अपने शौहर को तलाक दे ही नहीं सकती। मसलन, मुफ्ती असजह कासमी नाम के एक मौलवी का कहना है कि इस्लामिक कानूनों के तहत ऐसा तलाक अवैध है, क्योंकि इसके तहत महिलाओं को शौहर को तलाक देने की इजाजत नहीं है। एक और मौलवी मुफ्ती शब्बीर ने कहा है कि इस्लामिक कानून के मुताबिक निकाह बरकरार रहना या उसे तोड़ने का अधिकार सिर्फ शौहर के पास ही सुरक्षित है।

एक अलग घटना में मार्च महीने में तेलंगाना में एक शख्स ने झगड़े के बाद अपनी 24 साल की बीवी को ट्रिपल तलाक दे दिया था और उसकी मां के घर छोड़ आया था। पीड़ित महिला पति के खिलाफ शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंच गई। पुलिस ने मुस्लिम वुमेन (प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स ऑन मैरेज) ऐक्ट, 2019 के सेक्शन 4 के तहत अपराध दर्ज किया और अब उसे गिरफ्तार भी कर चुकी है।



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