पीएम मोदी ने रखी भव्य राम मंदिर की आधारशिला
| Agency - Aug 5 2020 3:27PM

करोड़ों हिंदुओं को वर्षों से जिस पल का इंजतार था वह शुभ घड़ी आज आ गई है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण की पहली ईंट रख दी है। भूमि पूजन कार्यक्रम से पहले पीएम मोदी ने पारिजात का पौधा लगाया। पूरे कार्यक्रम के दौरान उनके साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास समेत सिर्फ पांच लोग मंच पर मौजूद रहे।

वहीं, इस भव्य कार्यक्रम के लिए 175 प्रतिष्ठित अतिथियों को आमंत्रित किया गया है, जिसमें 36 आध्यात्मिक परंपराओं से संबंध रखने वाले 135 संत भी शामिल हैं। राम मंदिर के शिलान्यास समारोह का शुभ मुहूर्त 32 सेकेंड का था जो बुधवार दोपहर 12 बजकर 44 मिनट 8 सेकेंड से लेकर 12 बजकर 44 मिनट 40 सेकेंड तक रहा।

गौरतलब है कि आज पूरी दुनिया की नजरें भारत पर टिकी हुई हैं, इस भव्य कार्यक्रम के लिए अयोध्या सहित पूरे देश में धूम मची हुई है। इस अवसर पर राम भक्त अपने-अपने तरीके से मंदिर के शिलान्यास पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। साथ ही उत्सवी माहौल में राम जन्मभूमि पर बनने वाले मंदिर को लेकर खुशियां मना रहे हैं। बता दें कि पीएम मोदी 29 साल के बाद अयोध्या पहुंचे हैं। यही नहीं रामजन्मभूमि जाने वाले नरेंद्र मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री भी बन गए हैं। पिछले वर्ष सुप्रीम कोर्ट ने अपने ऐतिहासिक फैसले में विवादित स्थल को मंदिर निर्माण के लिए सौंपने का आदेश दिया था।

भूमि पूजन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी में पूजा अर्चना की। यहां हनुमानगढ़ी के गद्दीनशीन महंत बाबा प्रेमदास महाराज ने उनका सम्मान किया। गद्दीनशीन प्रेमदास महाराज ने पीएम को भगवान राम के नाम का शॉल, चांदी का मुकुट और पगड़ी पहनाकर उनका स्वागत किया। पीएम मोदी ने भूमि पूजन स्थल के लिए रवाना होने से पहले अयोध्या के प्राचीन हनुमान गढ़ी मंदिर में पूजा अर्चना भी की थी।

हनुमानगढ़ी में पूजा अर्चना के बाद पीएम मोदी ने मंदिर के परिसर में पारिजात का पौधा भी लगाया है। महंत राजकुमार दास के मुताबिक पारिजात को एक दिव्‍य वृक्ष माना जाता है, इसलिए पीएम मोदी ने इसका पौधा लगाया है। इसकी खासियत ये है कि पारिजात के फूल भगवान हरि के श्रंगार के काम में इस्तेमाल किए जाते हैं। इनकी सुगंध मनमोहक होती है और इन फूलों को हरसिंगार के नाम से भी जाना जाता है। इसके वृक्ष का हिंदू धर्म में काफी महत्व होता है। इस पेड़ की ऊंचाई दस से पच्चीस फीट तक की होती है। इसके वृक्ष में बड़ी मात्रा में फूल आते हैं। मध्य भारत में इस तरह के वृक्ष बड़ी तादात में पाए जाते हैं।



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