जब रामलला के लिए लाई 'भेंट' कार में ही भूल गए प्रधानमंत्री
| Agency - Aug 5 2020 3:32PM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम मंदिर भूमि पूजन के अवसर पर रामलला को भेंट चढ़ाने अपने साथ कुंभ कलश लेकर आए थे। हालांकि, चांदी के उस कुंभ कलश को संभवतः अपनी भेंट कार में ही भूल गए। जब वो कार से उतर कर पूजा स्थल की तरफ बढ़े तो उन्हें राम लला के लिए लाई गई उस भेंट की याद आई। फिर प्रधानमंत्री खुद कार की तरफ चल पड़े। मोदी ने कार में आकर वो भेंट लिया और फिर पूजा स्थल पर पहुंचे। इससे पहले, प्रधानमंत्री ने हनुमानगढ़ी जाकर बाल हनुमान का दर्शन किया।

माथे पर लगाई पूजा स्थल की मिट्टी

भूमि पूजन संपन्न कराने वाले पंडित आचार्य आचार्य दुर्गा गौतम ने एक निजी न्यूज चैनल से बातचीत में बताया कि प्रधानमंत्री मोदी अपने साथ चांदी का कुंभ कलश लेकर आए थे। उन्होंने रामलला को वह कुंभ कलश भेंट की। वहीं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने एक-एक सोने का सिक्का राम मंदिर की नींव में डाला। आचार्य दुर्गा गौतम ने कहा कि प्रधानमंत्री ने पूजा स्थल पर माथा टेका और वहां की मिट्टी अपने माथे पर लगाई।

आचार्य ने कहा कि प्रधानमंत्री को पूजा की विधियों की जानकारी है, इसलिए वो इशारों को तुरंत समझ लेते हैं। उन्होंने कहा, 'मोदी बहुत विज्ञ (जानकार) हैं, उन्हें बहुत जानकारी है, इसलिए हल्का इशारा करने पर ही विधिवत समझ लेते हैं।' उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बहुत लोकप्रिय हैं। रामजी के लिए उन्होंने बड़ा तप किया है। उनको बड़ा सौभाग्य मिला है। वो भी बहुत गदगद थे।

ध्यान रहे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या में 28 साल बाद पहुंचे। उन्होंने एक साथ तीन रेकॉर्ड बना दिया। वह श्रीराम जन्मभूमि जाने वाले प्रथम प्रधानमंत्री बने हैं। यह देश में पहला मौका होगा, जब प्रधानमंत्री अयोध्या की हनुमानगढ़ी का दर्शन किया। इसी के साथ देश की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के प्रतीक किसी मंदिर के शुभारंभ कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले पहले प्रधानमंत्री के तौर पर भी नरेंद्र मोदी का नाम दर्ज हो गया। यह जानकारी भूमि पूजन आयोजन से जुड़े सूत्रों ने दी।

28 साल बाद अयोध्या आए मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे पूर्व 28 साल पहले 1992 में पहली बार अयोध्या पहुंचे थे। तब वह बीजेपी के तत्कालीन अध्यक्ष डॉ. मुरली मनोहर जोशी के नेतृत्व में निकली तिरंगा यात्रा में उनके सहयोगी के तौर पर अयोध्या पहुंचे थे। यह यात्रा कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने की मांग को लेकर निकली थी। बताया जाता है कि जनवरी 1992 में कन्याकुमारी से शुरू हुई यह यात्रा 18 जनवरी 1992 को अयोध्या पहुंची थी। तब मुरली मनोहर जोशी के साथ नरेंद्र मोदी ने फैजाबाद (अयोध्या) के जीआइसी मैदान में सभा को संबोधित किया था। इस दौरान डॉ. जोशी और नरेंद्र मोदी ने रामलला के दर्शन भी किए थे।



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