शेल्टर होम्स कमेटी ने वी.सी. के माध्यम से किया महिला शरणालय एवं बाल सम्प्रेक्षण गृह का निरीक्षण
| - Rainbow News Network - Sep 17 2020 2:40PM

अम्बेडकरनगर। (प्रेस विज्ञप्ति) माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद एवं जनपद न्यायाधीश के निर्देशानुसार जनपद अम्बेडकरनगर में गठित शेल्टर होम्स निरीक्षण कमेटी द्वारा जनपद अयोध्या में स्थित महिला शरणालय एवं बाल सम्प्रेक्षण गृह का निरीक्षण ए0डी0आर0 भवन से वीडियो कांफ्रेन्सिंग के माध्यम से कमेटी की अध्यक्ष श्रीमती पूजा विश्वकर्मा, अपर जिला जज, पॉक्सो द्वितीय, विशेष न्यायाधीश एन0डी0पी0एस0/गैंगेस्टर अधिनियम, अम्बेडकरनगर एवं सदस्य अशोक कुमार-ग्प्प्ए सचिव/सिविल जज(सी0डि0), जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर व सुश्री प्रीती भूषण, सिविल जज जू0डि0, टाण्डा, अम्बेडकरनगर व अशोेक कुमार, अपर सिविल जज (जू0डि0) त्वरित, अम्बेडकरनगर द्वारा किया गया।

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं राष्ट्रीय महिला आयोग, नई दिल्ली के आदेशानुसार एवं जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर डॉ0 बब्बू सारंग के निर्देशानुसार ‘विधिक साक्षरता कार्यक्रमों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण’ के क्रम में ‘महिला शरणालय, अयोध्या में कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा’ विषय पर विधिक साक्षरता शिविर एवं उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ द्वारा प्रेषित प्लॉन आफ एक्शन 2020-21 के अनुपालन में बाल सम्प्रेक्षण गृह, अयोध्या में किशोर न्याय विषय पर वीडियो कांफ्रेन्सिंग के माध्यम से अशोक कुमार, सचिव/सिविल जज (सी0डि0), जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।

इस शिविर में बाल सम्प्रेक्षण गृह, अयोध्या से श्री कृष्ण भगवान मिश्र, अधीक्षक एवं महिला शरणालय, अयोध्या से श्रीमती भारती शुक्ला, प्रभारी अधीक्षिका द्वारा वीडियो कांफ्रेन्सिंग के माध्यम से उक्त शिविरों में प्रतिभाग किया गया। अशोक कुमार, सचिव/सिविल जज (सी0डि0), जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर ने वीडियो कांफ्रेन्सिंग के माध्यम से शिविर को सम्बोधित करते हुये बताया कि ‘‘महिलाओ को हक प्रदान करने के लिये संविधान में कई कानून पारित किये गये हैं।

महिलाओं का उत्थान सिर्फ गोष्ठियों के आयोजन करने से नहीं किया जा सकता है। हमें महिलाओं को उनका सही हक दिलाने के लिये अपने घर से ही शुरूआत करनी होगी। अपनी बेटी को उसका पूरा अधिकार दें, उसे खूब पढ़ायें-लिखायें और पुरूषों की तरह कंधे से कंधा मिलाकर देश के विकास में सहयोग करने हेतु प्रेरित करें, हम सभी को लड़कों एवं लड़कियों में समानता लानी होगी अपनी सोच को बदलते हुए दोनों को एक ही नज़रिये से देखना होगा।

विज्ञान ने भी इस तथ्य को साबित किया है कि जितनी क्षमता पुरूषों में होती है उतनी ही स्त्रियों में भी। इसलिये अब हमें भेद-भाव की सोच से आगे बढ़ना होगा उन्होंने बताया कि सन् 2013 में कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न अधिनियम को पारित किया गया जिन संस्थाओं में 10 से अधिक लोग कार्य करते हैं उन संस्थाओं पर यह अधिनियम लागू होता है। इसका उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम, निषेध एवं निवारण को स्पष्ट करता है। और उल्लंघन के मामले में पीड़िता को निवारण प्रदान करने का कार्य करता है।

सचिव महोदय ने महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि आप लोग प्रण करें कि आप अपने आपको कमजोर नहीं समझंेगे क्योंकि कोई हमारा शोषण तभी कर सकता है जब हम इसे अपना भाग्य मानकर सहते हैं। उक्त शिविर के साथ-साथ जिला सम्प्रेक्षण गृह किशोर अयोध्या में वीडियो कांफ्रेन्सिंग के माध्यम से ‘‘किशोर न्याय विषय पर विधिक साक्षरता शिविर में प्रतिभाग किया गया तथा उक्त विषय पर सचिव महोदय द्वारा किशोरों को जानकारी दी गई।



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