अकबरपुर की उसरहवा कॉलोनी की संकरी गली में वाहन चालकों द्वारा की जाती है जानलेवा रैश ड्राइविंग
| - Rainbow News Network - Sep 18 2020 2:01PM

अम्बेडकरनगर। जिले में चार पहिया और दो पहिया ऑटो वाहनों में हार्न, हूटर, तेज आवाज वाले साइलेंसर, विभिन्न प्रकार के तेज ध्वनि और संगीत वाले ब्रेक हार्न जैसी एस्सेसरीज लगवाकर सड़कों, मोहल्लों की संकरी गलियों में फर्राटा भरने वालों की तादात बढ़ गई है। हालांकि इस तरह के हार्न, हूटर, साइलेंसर व ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले वाहन एस्सेसरीज पर प्रतिबन्ध लगा हुआ है बावजूद इसके शौकीन, नवधनाढ्य व युवा वर्ग इन प्रतिबन्धों को धता बताते हुए अपने स्टेटस सिम्बल का प्रदर्शन धड़ल्ले से कर रहा है। क्या मजाल कि कोई इनका विरोध करे। ऐसा करने वालों की खैर भी नहीं। एक तरह से नवधनाढ्य युवा वर्गीय लोग असामाजिक से हो गये हैं। इन्हें इनके वाहनों से निकलने वाली घातक ध्वनि तरंगों के नुकसान का कोई अन्दाजा नहीं है। 

वे नहीं जानते कि हार्न, हूटर्स और साइलेंसर की तीव्र ध्वनियाँ जनस्वास्थ्य के लिए कितना हानिकारक हैं। ऊपर से सड़कों और तंग गलियों में तीव्र गति से इनके द्वारा किया जाने वाला वाहनों का संचालन कितना घातक और जानलेवा है। तीव्रगामी वाहनों की चपेट में आकर लोग असमय घायल होकर अंग-भंग करवा ले रहे हैं। वहीं इनके वाहनों की आवाजों से असाध्य रोगों जैसे हृदय एवं अन्य मानसिक रोगों से ग्रस्त हर आयु वर्ग के लोगों के जीवन पर संकट छाया हुआ है। इनकी रैश ड्राइविंग देखकर लगता है जैसे ये किसी फिल्म में स्टंट सीन की शूटिंग कर रहे हैं। कुल मिलाकर इन वाहन चालकों की ड्राइविंग स्टाइल जो जानलेवा है प्रतीत होता है कि ये लोग अपने वाहनों का संचालन सर्कसों में बने मौत के कुओं में कर रहे हों। 

अकबरपुर/शहजादपुर को उदाहरण के रूप में लिया जाये तो अनेकों वार्डों की घनी आबादी वाले रिहायशी कॉलोनियों में रहने वाले लोग इस तरह के वाहन और उनके चालकों की गतिविधियों से तंग आ गये हैं। अम्बेडकरनगर के मुख्यालयी शहर अकबरपुर नपाप के वार्ड संख्या- 11 उसरहवा कॉलोनी में घनी आबादी के बीच 6 फुट चौड़ी गली में लोगों द्वारा तीव्र ध्वनि और द्रुतगामी दो पहिया ऑटो वाहनों से हमेशा फर्राटा भरा जाता है। इस क्षेत्र के वासिन्दों का कहना है कि ऐसे वाहन चालक नन्हे-मुन्ने बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए जानलेवा बने हुए हैं। इन द्रुतगामी तीव्र ध्वनि से मोटर बाइक संचालकों पर नियंत्रण लगाने की जोरदार मांग की गई है। 

बता दें कि उसरहवा कॉलोनी वार्ड नम्बर-11 अकबरपुर-बस स्टेशन क्षेत्र में टाण्डा मार्ग के पश्चिम तरफ अवस्थित है। मुख्य सड़क मार्ग के सन्निकट इस कॉलोनी की पहली गली जो महानगर कॉलोनी को जोड़ती है के मध्य एक मोटर साइकिल मैकेनिक का घर है। बताया गया है कि उक्त मैकेनिक द्वारा घनी आबादी में स्थित अपने उक्त घर को मोटर बाइक वर्कशॉप व दुकान बना रखा है। मोटर बाइकों की रिपेयरिंग उपरान्त टेस्टिंग के दौरान गति और वाहनों के साइलेंसर व ब्रेक ध्वनियों की जाँच करने के लिए उक्त मैकेनिक व वहाँ काम करने वाले अन्य मिस्त्री तथा वाहन स्वामियों द्वारा 6 फुट संकरी रिहायशी गली में सारे कायदे-कानून को ताक पर रखकर फुल स्पीड रैस ड्राइविंग की जाती है।

उनके द्वारा ऐसा करने से कॉलोनी की गली के दोनों तरफ अवस्थित घरों के बच्चे व मरीज चौंक जाते हैं। साथ ही बीमार लोगों की समस्याएँ और बढ़ जाती हैं। घर-परिवार के लोगों को अपने नन्हें-मुन्नों का जीवन बचाने के लिए हमेशा सतर्क रहना पड़ता है। क्या शौकीन मिजाज नव धनिकों और मनबढ़ नवयुवकों की इस तरह की खतरनाक रैश ड्राइविंग पर नियंत्रण लग सकता है। यदि ऐसा हो जाये तो स्थानीय व जिला प्रशासन तथा यातायात व पुलिस महकमा के सभी आभारी होंगे।   



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