कोरोना की चपेट में 30 से ज्यादा सांसद, मानसून सत्र में हो सकती है कटौती
| Agency - Sep 19 2020 5:17PM

कोरोना महामारी के बीच शुरू किए गए संसद के मानसून सत्र में अभी तक दो केंद्रीय मंत्रियों सहित 30 से भी ज्यादा सांसद इस वायरस की चपेट में आ चुके हैं। सख्त प्रोटोकॉल के बावजूद बड़ी संख्या में सांसदों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने से सरकार की चिंताएं बढ़ गई हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए सरकार मानसून सत्र में कटौती कर सकती है। आपको बता दें कि 14 सितंबर से शुरू हुए संसद के मानसून सत्र की अवधि 1 अक्टूबर तक है।

इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर के मुताबिक, गुरुवार को भाजपा सांसद विनय सहस्रबुद्धे के कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद सांसदों की चिंताएं और बढ़ गई हैं। दरअसल संसद का मानसून सत्र शुरू होने से पहले पिछले शुक्रवार को विनय सहस्रबुद्धे ने कोरोना वायरस का टेस्ट कराया था, जिसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई थी। सत्र शुरू होने के बाद बुधवार को राज्यसभा में विनय सहस्रबुद्धे ने कोरोना वायरस के मामले पर मुख्य वक्ता के तौर पर सरकार की तरफ से पक्ष रखा।

इसके ठीक एक दिन बाद यानी गुरुवार को सहस्रबुद्धे ने ट्वीट करते हुए बताया कि रात में सरदर्द और हल्के बुखार की शिकायत के बाद उन्होंने कोरोना वायरस का टेस्ट कराया, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। विनय सहस्रबुद्धे के कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने ट्वीट करते हुए उनके जल्द ठीक होने की कामना की और कहा कि जो भी सांसद सहस्रबुद्धे के संपर्क में आए हैं या सत्र के दौरान उनके पास बैठे थे, उन्हें खुद को आइसोलेट कर लेना चाहिए।

डेरेक ओ'ब्रायन ने यह भी बताया कि विनय सहस्रबुद्धे ने सदन की लॉबी और सेंट्रल हॉल में भी वक्त बिताया था। सूत्रों का कहना है कि अगर सरकार की तरफ से लॉकडाउन के दौरान घोषित किए गए सभी बिल दोनों सदनों में पास हो जाते हैं तो मानसून सत्र की अवधि को घटाया जा सकता है। माना जा रहा है कि सरकार अगले हफ्ते के शुरुआती तीन दिनों के भीतर ही इन विधेयकों को संसद के पटल पर रख सकती है। विपक्ष से जुड़े दो सांसदों ने भी बताया कि अगले हफ्ते के मध्य तक मानसून सत्र का समापन हो सकता है।



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