मौलिक अधिकार, भाई-चारा व महिलाओं के सम्मान विषय पर विधिक साक्षरता शिविर आयोजित
| - Rainbow News Network - Sep 26 2020 3:53PM

अम्बेडकरनगर। भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय के निर्देश के अनुपालन में जनपद न्यायाधीश/ अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर डॉ0 बब्बू सारंग के आदेशानुसार व सचिव/सिविल जज सी0डि0, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर अशोक कुमार-XII के निर्देशानुसार CSC e-Governance Services India Limited के सहयोग से आज दिनांक 26.09.2020 को जनपद अम्बेडकरनगर के डिजिटल ग्राम-बैजपुर, श्रवण क्षेत्र, में Citizens Duties Awareness Programme (CDAP) Awareness Session के तहत मौलिक अधिकार, भाई-चारा व महिलाओं के सम्मान विषय पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। 

शिविर का संचालन करते हुये रामचन्द्र वर्मा, नामिका अधिवक्ता, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर ने मौलिक अधिकार विषय पर प्रकाश डालते हुये कहा कि संविधान में 11 मौलिक कर्तव्यों का वर्णन किया गया है। देश के कानून की जानकारी आम आदमी के लिये बहुत महत्वपूर्ण है तथा कानून की यह जानकारी देश के संविधान में मौजूद है। संविधान के भाग-XII में सन्निहित मूल अधिकार सभी भारतीयों के लिये नागरिक अधिकार सुनिश्चित करते हैं और सरकार को व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अतिक्रमण से रक्षा करने का दायित्व भी राज्य पर डालते हैं।

संविधान द्वारा मूल रूप से 7 मौलिक अधिकार प्रदान किये गये हैं। उन्होंने उपस्थित लोगों आह्वाहन किया कि सभी को उनके मौलिक अधिकार के प्रति जागरूक करें जिससे उनके अधिकारों की रक्षा हो सके। यदि किसी के मौलिक अधिकारों का हनन होता है तो वह न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकता है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक व्यक्ति को समानता एवं विचारों की अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता मौलिक अधिकारों के रूप में प्राप्त हुआ है। इसके अतिरिक्त धर्म की स्वतन्त्रता एवं शोषण से सुरक्षा एवं शिक्षा प्राप्त करने का मौलिक अधिकार है। इसके अलावा श्री वर्मा द्वारा आपसी भाई-चारे व महिलाओं के सम्मान पर भी विस्तृत रूप से चर्चा किया।

शिविर में बोलते हुये सुरेन्द्र शर्मा, CSC जिला प्रबन्धक, अम्बेडकरनगर ने बताया कि भारत सरकार ने न्याय को आसान बनाने के लिए ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले गरीब और कमजोर लोगों को मुफ्त कानूनी सहायता देने की योजना शुरू की है। इसके अतिरिक्त कोई भी निर्धन व्यक्ति जिसका मुकदमा तहसील में लम्बित है और वह अपने वाद की पैरवी धन के अभाव में नहीं कर पा रहा है तो वह व्यक्ति एक सादे कागज पर अपनी समस्या लिखते हुए निःशुल्क अधिवक्ता की मांग करे तो तहसील विधिक सेवा समिति की तरफ से निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाता है। Citizens Duties Awareness Programme (CDAP) Awareness Session के तहत आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में अवधेश कुमार मौर्या, नीरज प्रजापति, राजेन्द्र प्रसाद यादव, आशीष वर्मा, अरूण कुमार, धीरज गौड़, इशरतुल्लाह आदि उपस्थित रहे।



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