‘असंगठित क्षेत्र के मजदूरों हेतु’ विषयक विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन
| - Rainbow News Network - Sep 28 2020 5:01PM

अम्बेडकरनगर। उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ द्वारा प्रेषित प्लॉन आफ एक्शन 2020-21 के अनुपालन में जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर डॉ0 बब्बू सारंग के निर्देशानुसार आज दिनांक 28.09.2020 को तहसील सभागार, अकबरपुर, अम्बेडकरनगर में असंगठित क्षेत्र के मजदूरों हेतु विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। 

शिविर को सम्बोधित करते हुये सचिव/सिविल जज सी0डि0, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर अशोक कुमार-ग्प्प् द्वारा मजदूरांे का उनके द्वारा ईमानदारी एवं परिश्रम से कार्य के बल पर जीवन निर्वाह की प्रशंसा व गर्वपूर्ण स्थिति को रेखांकित करते हुए मजदूरों के संरक्षण हेतु निर्मित विधियों तथाकथित न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, बाल श्रम (निषेध एवं नियन्त्रण) 1986, कारखाना अधिनियम, वर्कमैन कंपनसेशन एक्ट, मनरेगा अधिनियम, ई0पी0एफ0 एक्ट, औद्योगिक विवाद अधिनियम आदि विधि प्राविधानों से अवगत कराया गया। जिसका उपयोग करके वह अपना शोषण होने से खुद को बचा सकते हैं। 

इस सम्बन्ध में मजदूरों के हितों से सम्बन्धित भारतीय संविधान में नीति-निर्देशक तत्वों के अनुच्छेद व मूल अधिकारों से सम्बन्धित अनुच्छेद 23 एवं 39 से अवगत कराया गया। उन्होंने बताया कि माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा संचालित टेली-लॉ स्कीम के तहत पराविधिक स्वयं सेवकों का प्रशिक्षण कराया गया है, वह प्रशिक्षित स्वयं सेवक गरीब एवं मजदूर व्यक्तियों, जो उचित जानकारी न होने के कारण सही मंच पर अपनी शिकायत नहीं कर पाते, उनके समस्याओं को कामन सर्विस सेण्टर पर दर्ज कराकर आसानी से उनकी समस्याओं को सुलझा देते हैं। उन्होंने मजदूरों के विधिक अधिकारांे के बारे में बताते हुए कहा कि जिस मजदूर के पारिश्रमिक का भुगतान उचित एवं समय से नहीं किया जाता तो वह नियोक्ता के विरूद्ध न्यायालय/जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का दरवाजा खटखटा सकते हैं। 

कार्यक्रम में बोलते हुये जयप्रकाश, तहसीलदार/सचिव, तहसील विधिक सेवा समिति, अकबरपुर, अम्बेडकरनगर, ने बताया कि श्रम आयोग ने स्वास्थ्य सेवा, मातृत्व सुरक्षा और छोटे बच्चों की देख-रेख प्रोविडेंट फण्ड का लाभ, परिवार सम्बन्धी लाभ, आवास, पेयजल व सफाई सम्बन्धी, अवकाश प्राप्ति व इसके बाद के लाभ, (ग्रेच्यूटी, पेंशन, परिवार की पेंशन) आय अर्जन की समाप्ति या आय अर्जन की क्षमता न रहने की स्थिति में कुछ सुरक्षा मजदूरों की शिक्षा व कुशलता बढ़ाने की स्कीमंे, बाल मजदूरी व बंधक मजदूरी हटाने की स्कीमें व अन्यायपूर्ण श्रम सम्बन्ध हटाने के प्रयास जैसे मुद्दों को असंगठित क्षेत्र के मजदूरों की सामाजिक स्थिति मंे शामिल करने की सिफारिश की है। 

शिविर का संचालन रामचन्द्र वर्मा, नामिका अधिवक्ता, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर, द्वारा किया गया। इस शिविर में डा0 आर0 पी0 जायसवाल, राहुल सिंह, नायब तहसीलदार, राजीव सिंह, अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति, वंदना वर्मा, मुन्नीलाल, कुलदीप, उमापति उपाध्याय, चन्द्र प्रकाश, हृदयराम वर्मा, प्रदीप व विकास सिंह, एवं तहसील के कर्मचारीगण एवं मीडियाकर्मी आदि उपस्थित थे।



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