मेघनाथ का कटा सिर हंसा
| -RN. Feature Desk - Oct 26 2020 1:16PM

-रामविलास जांगिड़

शास्त्रों में कहा गया है कि जो हंसी वो फंसी। हंसना बहुत रहस्यमई कला है। अगर हंसते हुए फंस गए तो यह भारी बला है। पहले हंसे, फिर फंसे और प्यार में धंसे तो यह भारी जलजला है। इधर हर ट्रक-टेंपो पर यह छेद वाक्य गुदा हुआ है कि हंस मत पगली प्यार हो जाएगा। अगर कोई पगली हंस जाए तो शर्तिया प्यार हो जाता है। प्यार की दुनिया में पहला कदम धरने के लिए हंसना बहुत जरूरी है। हंसते-हंसते फंसना बहुत जरूरी है। हंसने पर प्यार और फिर वार ही वार। मीरा ने साफ कहा था- 'जो मैं यह जानती, प्रीत करे दुख होय; तो नगर ढिंढ़ोरा पीटती, प्रीत न करियो कोय।' हंसने की इच्छा हो जाए तो इसके लिए शर्मिंदा मत होइए।

गंभीर या दुखद अवसरों पर हंसने की इच्छा होनी बहुत स्वाभाविक है, क्योंकि इससे आपको परेशानी में कमी होती महसूस होती है। दूसरों की परेशानी और दूसरों के दुख में ही तो खुद को असली हंसी आती है। जब भी आपको तीये की बैठक या श्मशान घाट में हंसी आ जाए तो दुखी होने का नाटक करना जरूरी है। इसके लिए कोशिश करके अपने मुंह के कोने खींच कर नीचे लाइये ताकि एक फ्राउन बन सके। इससे आपके मस्तिष्क को यह संकेत मिल सकता है कि आप दुखी हैं। जलते मुर्दे की लकड़ी की ओर देखकर उसे घूरिए और अपनी सांस पर ध्यान केन्द्रित करिए जो इस मुर्दे की भांति कभी भी ठहर सकती है। किसी दूसरे ऐसे व्यक्ति की ओर जो हंस रहा हो, या जिस कारण से आपको हंसी आई हो उस ओर हरगिज मत देखिये। अन्यथा आप फिर से हंसने लगेंगे। फिर शर्तिया जलता हुआ मुर्दा भी हंस पड़ेगा।

अगर आपको बीवी के सामने भूले भटके हंसी आ जाए तो तुरंत उसे रोकिए। आप हंसे नहीं कि फंसे नहीं। आज तक कोई माइक का लाल अथवा माई का लाल बीवी के सामने नहीं आ सका है। इसके लिए आप कमरे में किसी एक जगह अपनी नज़रें केन्द्रित करके शून्य में प्रायश्चित कीजिए। इस समय जब बीवी आपको ताक रही है तो आपका मुंह से सांस लेना कतई संभव नहीं होगा। तब आप तुरंत अपना मुंह बंद कर लें और केवल नाक से ही गहरी-गहरी सांस लेना शुरू कर दें। यह मंत्र तो आपको पहले ही पता है कि हंसे नहीं कि फंसे नहीं। अगर बीवी के सामने हंसे तो वार होगा और फंसना पक्का तय है। पड़ोसन के सामने फंसे तो फिर शर्तिया प्यार होगा और फंसना पक्का तय है। प्यार हो या वार फंसना तो पक्का!बेवकूफ लोग होते हैं जो यह कहते हैं कि हंसने से तनाव कम होता है।

जिंदगी का असली फंडा है कि अगर आप हंसे तो तनाव बढ़ना पक्का। द्रौपदी ने अंधे का बेटा अंधा कहकर जोरदार कहकहा लगाया था और इसी से एक नया महाभारत पैदा कर दिया था। द्रौपदी की हंसी से वह इंद्रप्रस्थ की जनता फंसी और खुद युद्ध की आग में धंसी। सुलोचना मेघनाथ की पत्नी थी। रणभूमि में मेघनाथ का कटा हुआ सिर पत्नी सुलोचना को देख कर जोर-जोर से हंसने लगा। कहते हैं कि मेघनाथ मरने के बाद ही पत्नी के सामने हंस पाया था। आज के नेताओं और मंत्रियों की चलाकियों के आगे जनता का हंसना दुर्लभ है। फिर आप किस खेत की मूली हैं?



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