चाइल्ड किडनैपर को पकड़ने के लिए रेलवे ने 200 किमी तक नाॅन-स्टाॅप चलाई ट्रेन
| Agency - Oct 27 2020 1:39PM

सोमवार को भोपाल रेलवे डिविजन की सतर्कता और कर्मचारियों की सूझबूझ के कारण 3 साल की अपहृत बच्ची को बचाने में पुलिस कामयाब हुई। बच्ची को बचाने के लिए ललितपुर स्टेशन से भोपाल के लिए 200 किलोमीटर तक ट्रेन को बिना रोके चलाया गया, जिसके अंत में पुलिस ने किडनैपर को गिरफ्त में ले लिया।

दरअसल, सोमवार की सुबह 3 बजे एक व्यक्ति तीन साल की बच्ची को लेकर ललितपुर स्टेशन से भोपाल की ओर जाने वाली रप्ती सागर सुपरफास्ट एक्सप्रेस पर चढ़ गया। ट्रेन के खुलने के कुछ देर बाद तैनात रेलवे फोर्स के कर्मचारियों को सूचना मिली कि भोपाल जाने वाली रप्ती सागर एक्सप्रेस पर एक किडनैपर एक बच्ची को लेकर ट्रेन पर चढ़ा है।

मौके पर मौजूद रेलवे पुलिस ने बिना कोई देरी किये प्लेटफार्म पर लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज की जाँच शुरू की ताकि किडनैपर की पहचान की जा सके। जाँच के बाद पता चला कि किडनैपर रप्ती सागर एक्सप्रेस में ही चढ़ा है जो भोपाल जा रही है। इतने में ललितपुर रेलवे पुलिस ने भोपाल रेलवे पुलिस को किडनैपर के बारे में जानकारी दे दी।

भोपाल रेलवे पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए ट्रेन चला रहे ड्राइवर से संपर्क किया और उसे ट्रेन को भोपाल पहुंचने तक बीच में किसी भी स्टेशन में नहीं रोकने का आदेश दिया। भोपाल स्टेशन में पुलिस ने किडनैपर को पकड़ने की पूरी तैयारी कर ली थी। रेलवे पुलिस के अनुसार यह ट्रेन ललितपुर से भोपाल तक बिना रुके 200 किलोमीटर तक चली।

बीच में पड़ने वाले झांसी रेलवे स्टेशन के अधिकारियों को भी स्टेशन पर ट्रेन को न रुकने देने का आदेश दे दिया गया था। इसके बाद ट्रेन जैसे ही भोपाल पहुंची, पहले से ही घात लगा कर बैठी भोपाल पुलिस ने किडनैपर के ट्रेन से उतरते ही गिरफ्तार कर लिया और बच्ची को सकुशल उसके परिवार वालों को सौंप दिया।

पुलिस के जांच में पता चला कि किडनैपर बच्ची का पिता है। दरअसल, किडनैपर और उसकी पत्नी के बीच कुछ दिनों से अन बन चल रहा था। एक दिन दोनों के बीच कहा सुनी काफी बढ़ गई, जिससे गुस्से में आकर बच्ची का पिता उसे अपने साथ घर से बहार ले गया। रेलवे पुलिस को अपहरण की जानकारी देने वाली और कोई नहीं बल्कि बच्ची की मां थी। पुलिस बच्ची के पिता को हिरासत में ले कर कार्रवाई कर रही है।



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