नसीमुद्दीन सिद्दीकी और राम अचल राजभर समेत पांच की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज
| Agency - Nov 21 2020 1:06PM

लखनऊ। भाजपा नेता दयाशंकर स‍िंह के परिवार की महिलाओं व उनकी बेटी के लिए अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल करने के आपराधिक मामले में शुक्रवार को एमपी-एमलए की विशेष अदालत ने बसपा के तत्कालीन राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी, राम अचल राजभर और राष्ट्रीय सचिव मेवालाल गौतम की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी।

विशेष अदालत ने इस मामले में आरोपित नौशाद अली और अतहर स‍िंह राव की भी अर्जी खारिज की है। विशेष जज पवन कुमार राय ने अपने आदेश में कहा है कि मुल्जिमों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी है। कुर्की की कार्यवाही का नोटिस भी जारी है। बावजूद इसके वे अदालत में हाजिर नहीं हो रहे हैं। हाईकोर्ट से इस मामले के शीघ्र निस्तारण का आदेश है। ऐसे में अग्रिम जमानत का आधार नहीं है।

12 जनवरी, 2018 को इस मामले में इन सभी आरोपितों के खिलाफ आइपीसी की धारा 506, 509, 153ए, 34, 149 और पॉक्सो एक्ट की धारा 11 (1) के तहत भी आरोपपत्र दाखिल हुआ था। 20 जून, 2020 को विशेष अदालत ने आरोपपत्र पर संज्ञान लेते हुए सभी आरोपितों को आरोप तय करने के लिए तलब किया था, लेकिन तब से आरोपित अदालत में हाजिर नहीं हुए।

21 अक्टूबर को विशेष अदालत ने नसीमुद्दीन सिद्दीकी समेत पांचों आरोपितों को भगोड़ा घोषित करते हुए इनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया था। 29 अक्टूबर को राम अचल राजभर, मेवालाल गौतम, अतर ङ्क्षसह राव तथा नौशाद अली ने अंतरिम जमानत अर्जी दाखिल की गई। विशेष अदालत ने इसे खारिज कर दिया था। 22 जुलाई, 2016 को इस मामले की नामजद एफआइआर दयाशंकर स‍िंह की मां ने थाना हजरतगंज में दर्ज कराई थी।  



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